पंजाब में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर में नामजद सभी लोगों को समन भेजकर तलब किया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और सत्ताधारी दल तथा केंद्र के बीच टकराव के आसार फिर से गहरे होते नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का केंद्र और बीजेपी पर बड़ा हमला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरी कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा तंज कसा है। सीएम मान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस तरह की रेड और कार्रवाइयों से ही अब यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का काम करने का यही तरीका रहा है कि चुनाव से कुछ महीने पहले विरोधियों या उनके करीबियों के यहां केंद्रीय एजेंसियों के छापे डलवाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सीबीआई की टीम ने उनके कैंप ऑफिस और अन्य ठिकानों पर करीब 7 से 8 घंटे तक लंबी तलाशी ली, लेकिन अंत में एजेंसी के हाथ खाली ही रहे। उन्होंने सवाल किया कि अगर जांच के दौरान कुछ नहीं मिला, तो क्या अब एजेंसी सार्वजनिक रूप से क्लीन चिट देगी।
हाई कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई है जांच
गौरतलब है कि यह पूरा मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रकाश में आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा साझा की गई कुछ अहम जानकारियों के आधार पर अदालत ने संघीय एजेंसी को भ्रष्टाचार के इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद से ही केंद्रीय एजेंसियों की यह कार्रवाई लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में एक बड़ा हथियार बन सकता है, जहां सभी प्रमुख दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
इस खबर से संबंधित सभी तथ्य आधिकारिक बयानों और रिपोर्टों पर आधारित हैं। 'The Freelance' इसकी सत्यता की पूरी पुष्टि करता है और इस मामले पर आगे भी नजर बनाए रखेगा।




