नई दिल्ली/रियाद — सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मंगलवार को अचानक कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। इसके तुरंत बाद रियाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया। शुरुआती खबरों के अनुसार, एयरपोर्ट के एक हिस्से में विमानों के पास से काला धुआं उठता हुआ देखा गया है। आसमान में सुरक्षा को लेकर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। सऊदी अधिकारियों ने हालात पर तुरंत काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रख दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ बताया जा रहा है। हूती संगठन ने खुले तौर पर वैश्विक विमानन कंपनियों और देशों को चेतावनी दी है कि वे सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करना बंद कर दें। इसे अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए उनकी आखिरी चेतावनी माना जा रहा है। इस तीखी चेतावनी के बाद से मध्य पूर्व के आसमान में तनाव बेहद बढ़ गया है। दुनिया भर की विमानन एजेंसियां अपनी उड़ानों के रूट बदलने पर मजबूर हो गई हैं।
भारतीय उड़ानों पर बड़ा असर, एयर इंडिया और इंडिगो ने बदलीं फ्लाइट्स
इस बड़े हमले का असर भारत पर भी साफ देखने को मिल रहा है। भारत से सऊदी अरब जाने वाली और वहां से लौटने वाली उड़ानों पर इसका सीधा असर पड़ा है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी भारतीय एयरलाइंस ने रियाद जाने वाली अपनी कई उड़ानों को या तो रद्द कर दिया है या फिर उनके रास्ते बदल दिए हैं। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। इसलिए जोखिम वाले इस इलाके में उड़ानें भेजने से फिलहाल बचा जा रहा है।
यात्रियों को इस अचानक हुए बदलाव से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रियाद एयरपोर्ट बंद होने के कारण सैकड़ों यात्री अलग-अलग हवाई अड्डों पर फंस गए हैं। भारतीय दूतावास और एयरलाइंस कंपनियां अपने नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। फंसे हुए यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों का इंतजाम करने की कोशिश की जा रही है। एयरपोर्ट प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि हालात सामान्य होते ही सेवाएं बहाल की जा सकें।
तीन लोगों की मौत और दर्जनों घायल, राहत और बचाव कार्य जारी
इस हमले और अफरातफरी के बीच सऊदी अरब के रियाद और आभा एयरपोर्ट पर हुए हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में तीन बेकसूर लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 36 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुछ एयरपोर्ट कर्मचारी और आम नागरिक भी शामिल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
सुरक्षा बलों और दमकल गाड़ियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला। विमानों के आसपास उठ रहे धुंए को बुझाया गया और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया। सऊदी प्रशासन ने इसे एक कायराना आतंकवादी हमला करार दिया है। देश की सुरक्षा एजेंसियों ने अपराधियों की तलाश और खुफिया तंत्र को और ज्यादा मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सीमा सुरक्षा और एयर डिफेंस सिस्टम को भी पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है।
वैश्विक उड्डयन बाजार पर संकट के बादल और आगे की स्थिति
रियाद एयरपोर्ट पर हुए इस हमले ने पूरी दुनिया के एविएशन सेक्टर की नींद उड़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि इस तरह के हमले नहीं रुके, तो खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले सभी कमर्शियल एयर रूट खतरे में पड़ जाएंगे। इससे विमानों का सफर लंबा हो जाएगा और टिकट के दाम भी बढ़ सकते हैं। एयरलाइंस कंपनियों को ईंधन पर अधिक खर्च करना पड़ेगा जिसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी रियाद और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और एयरपोर्ट पर सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। जैसे ही हालात सुधरेंगे और एयरपोर्ट दोबारा खुलेगा, उड़ानों की बहाली को लेकर नया अपडेट जारी किया जाएगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें सऊदी अरब के इस संवेदनशील घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।





