बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान का छलका पुराना दर्द
बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों अपने लोकप्रिय रियलिटी शो 'बिग बॉस' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। शो के दौरान अक्सर सलमान कंटेस्टेंट्स को फटकार लगाते या उनकी क्लास लेते नजर आते हैं। लेकिन हाल ही में वीकेंड का वार एपिसोड के दौरान सलमान खान ने कुछ ऐसा साझा किया, जिसने उनके अतीत के संघर्षों की एक अलग ही दास्तान बयां कर दी। अभिनेता ने खुलकर बताया कि कैसे उनके शुरुआती फिल्मी करियर के दौर में मीडिया और जनता के बीच उनकी एक गलत छवि बना दी गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पर्सनल लाइफ, रिश्तों में आई दरारें और कई कानूनी विवादों ने उनकी साख को गहरी चोट पहुंचाई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स और शो के दौरान सामने आए बयानों के मुताबिक, सलमान खान जब भी उस दौर में अखबार पलटते थे या टेलीविजन स्क्रीन पर नजर डालते थे, तो उन्हें अपने खिलाफ सिर्फ नकारात्मक खबरें ही दिखाई देती थीं। यह वह समय था जब उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मैंने प्यार किया' की सफलता के बाद वे रातों-रात स्टार तो बन गए थे, लेकिन साथ ही विवादों के घेरे में भी घिरते चले गए थे। उस दौर के मानसिक तनाव और मीडिया ट्रायल के बारे में बात करते हुए अभिनेता काफी भावुक नजर आए।
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जब टीवी पर नई पारी की शुरुआत को लेकर डरे हुए थे अभिनेता
जब सलमान खान के करियर का वह दौर सबसे चुनौतीपूर्ण चल रहा था, तब उन्हें सोनी टीवी की ओर से एक नया गेम शो 'दस का दम' होस्ट करने का ऑफर मिला। लेकिन शुरुआती दौर में अभिनेता इस प्रोजेक्ट को हाथ में लेने से पूरी तरह कतरा रहे थे। उनके मन में लगातार यह डर बैठा हुआ था कि चूंकि उनके खिलाफ पहले से ही एक भारी नकारात्मक माहौल तैयार किया जा चुका है, ऐसे में यदि वे टीवी के पर्दे पर उतरेंगे तो जनता उन्हें पूरी तरह नकार देगी।
सलमान ने बातचीत के दौरान याद किया कि वे इस असमंजस में थे कि जनता के बीच उनकी जो इमेज बन चुकी है, उसका असर इस नए शो पर भी पड़ेगा। उन्हें लग रहा था कि दर्शक उन्हें एक अभिनेता के रूप में तो शायद पर्दे पर स्वीकार कर लें, लेकिन एक होस्ट के तौर पर उनके साथ जुड़ना पसंद नहीं करेंगे। इस झिझक की वजह से वे इस शो को साइन करने से पहले काफी सोच-विचार कर रहे थे और उनके भीतर एक अज्ञात भय बना हुआ था कि कहीं यह दांव उल्टा न पड़ जाए।
पिता सलीम खान की उस सलाह ने बदल दी सलमान की तकदीर
ऐसे असमंजस और तनाव के दौर में सलमान खान ने अपने पिता और बॉलीवुड के दिग्गज पटकथा लेखक सलीम खान से मार्गदर्शन मांगने का फैसला किया। उन्होंने अपने पिता के सामने अपनी सारी शंकाएं रखीं और पूछा कि क्या उन्हें इस शो को करना चाहिए या नहीं। इसके जवाब में सलीम खान ने अपने बेटे से एक बेहद सीधा लेकिन गहरा सवाल पूछा—क्या तुम्हें अपनी परवरिश, अपनी नीयत और अपने संस्कारों पर पूरा भरोसा है?
"पिताजी ने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हें अपनी परवरिश पर भरोसा है? मैंने हां कहा। तब उन्होंने मुझे सलाह दी कि अगर तुम खुद पर और अपनी परवरिश पर भरोसा रखते हो, तो बिना डरे 'दस का दम' शो करो और कैमरे के सामने बिल्कुल वैसे ही रहो जैसे तुम असल जिंदगी में हो, कोई दिखावा मत करो।"— सलमान खान, बॉलीवुड अभिनेता
पिता की इस सीख ने सलमान खान के भीतर का सारा डर खत्म कर दिया। उन्होंने बिना किसी बनावटीपन के शो में उतरने का फैसला किया और अपनी असली शख्सियत को दर्शकों के सामने बेबाकी से रखा।
'दस का दम' और अमिताभ बच्चन के 'कौन बनेगा करोड़पति' जैसा जादुई असर
पिता की सलाह पर अमल करते हुए जब सलमान खान ने 'दस का दम' शो के मंच पर कदम रखा, तो उसका असर उम्मीद से कहीं ज्यादा चमत्कारी साबित हुआ। शो के महज एक ही एपिसोड ने दर्शकों के दिलों पर ऐसा जादू चलाया कि रातों-रात मीडिया द्वारा बनाई गई उनकी नकारात्मक छवि काफूर होने लगी। लोगों ने उन्हें सिर्फ फिल्मों के फिल्मी किरदारों या विवादों के चश्मे से देखना बंद कर दिया, बल्कि उनकी दरियादिली, हास्य और असल व्यक्तित्व को पसंद करने लगे।
अपनी इस सफलता की तुलना सलमान खान ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और उनके ऐतिहासिक शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) से की। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार केबीसी ने अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता को एक नया आयाम दिया था और जनता को उनके और करीब ला दिया था, ठीक वैसा ही परिवर्तन 'दस का दम' ने उनके करियर में ला दिया था। हालांकि, सलमान ने यह भी स्वीकार किया कि इस शो के बाद भी उनकी जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहे, लेकिन इस मंच ने उन्हें जनता से सीधे जुड़ने का एक ऐसा मजबूत जरिया दे दिया जिसने उनकी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस लौटाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।








