प्रशासनिक व्यवस्था को धार देने के लिए मेगा अभियान का आगाज
देश की प्रशासनिक प्रणाली को अधिक पारदर्शी, गतिशील और जनता के प्रति उत्तरदायी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर कमर कस ली है। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के दिशानिर्देशों के बाद, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने वर्ष 2026 के लिए 'विशेष अभियान 6.0' की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। इस बड़े प्रशासनिक अभियान का मुख्य मकसद सरकारी कार्यालयों में लंबित पड़ी फाइलों के अंबार को कम करना, आंतरिक निगरानी तंत्र को मजबूत बनाना और कामकाज में अनावश्यक देरी को पूरी तरह खत्म करना है।
विशेष अभियान का यह नया चरण देश के प्रशासनिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसके माध्यम से सरकारी महकमों में सुस्ती को दूर कर फाइलों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का यह प्रयास न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगा, बल्कि आम नागरिकों और विशेषकर पेंशनभोगियों के जीवन को भी सुगम बनाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर उच्च स्तर से लगातार नजर रखी जा रही है ताकि तय किए गए लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल किया जा सके।
इस राष्ट्रव्यापी अभियान की औपचारिक मुख्य अवधि 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। हालांकि, इसकी तैयारियां महीनों पहले ही शुरू कर दी जाती हैं ताकि धरातल पर बेहतरीन परिणाम देखने को मिलें। इस दौरान रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाने, दफ्तरों में साफ-सुथरा माहौल तैयार करने और जनता से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान निकालने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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हजारों लंबित शिकायतों और फाइलों के निस्तारण का स्पष्ट लक्ष्य
किसी भी प्रशासनिक अभियान की सफलता उसके तयशुदा लक्ष्यों और उनकी समयबद्ध प्राप्ति पर निर्भर करती है। इस दिशा में कड़े कदम उठाते हुए पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने बेहद स्पष्ट और बड़े आंकड़े तय किए हैं। अभियान के दौरान लगभग 6,500 जन शिकायतों और 800 से अधिक अपीलों का तेजी से निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा, प्रशासनिक समीक्षा के लिए कुल 847 भौतिक फाइलों और 653 इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की खास तौर पर पहचान की गई है, जिनकी गहन समीक्षा कर उनका निस्तारण किया जाएगा।
फाइलों और शिकायतों के इस भारी बैकलॉग को खत्म करने के लिए विभाग के भीतर एक विशेष कार्यबल का गठन किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पुराने मामलों को प्राथमिकता दें ताकि आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। यह पहल सरकारी कामकाज में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
"हमारा मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था से अनावश्यक लालफीताशाही को हटाना और नागरिकों को त्वरित न्याय व सेवाएं सुलभ कराना है। इस अभियान का हर एक लक्ष्य तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।"— वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग
स्वच्छता ही सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम
इस राष्ट्रव्यापी अभियान का दायरा केवल फाइलों और शिकायतों के निपटान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगी संघों के साथ मिलकर विभाग ने पूरे देश में कुल 21 प्रमुख स्वच्छता स्थलों की पहचान की है। इन सभी चिन्हित स्थानों पर अभियान के दौरान विशेष सफाई अभियान चलाए जाएंगे, जिससे कार्यालय परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता का स्थायी माहौल बन सके।
तैयारी के इस चरण के तहत वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मैदानी स्तर पर जाकर इन सभी चिन्हित स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया है। संयुक्त सचिव (पेंशन) ने कार्यालय परिसर का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यह सुनिश्चित किया कि स्वच्छता के सभी मानक सर्वोच्च स्तर पर पूरे किए जाएं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य सरकारी भवनों और परिसरों में एक ऐसा कार्य संस्कृति विकसित करना है जो स्वच्छता और ऊर्जा से भरपूर हो।
इस सिलसिले में 'स्वच्छता ही सेवा' कार्यक्रम के तहत एक बड़े वृक्षारोपण अभियान की भी रूपरेखा तैयार की गई है। पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, पेंशन सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा और मंत्रालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी आगामी 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सीएसओआई विनय मार्ग खेल परिसर में आयोजित होने वाले इस वृक्षारोपण महाअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
पेंशनभोगियों के लिए जीवन सुगमता और नियमों में बड़ा सरलीकरण
देश के वरिष्ठ नागरिक और पेंशनभोगी इस पूरी प्रशासनिक कवायद के केंद्र में हैं। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि जिन लोगों ने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा देश की सेवा में समर्पित कर दिया है, उनके जीवन को आसान बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी सोच के तहत 'जीवन सुगमता' (Ease of Living) को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
इस अभियान के अंतर्गत पेंशनभोगियों की जटिल प्रक्रियाओं को आसान बनाने के मकसद से कुल 23 नए कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandums) जारी किए जाएंगे। इन ज्ञापनों के माध्यम से पुराने और जटिल नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे ताकि पेंशन से जुड़े मामलों में होने वाली परेशानियों को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके। इसके साथ ही, विभाग को इस अभियान की विभिन्न गतिविधियों और प्रक्रियाओं के जरिए लगभग 25,000 रुपये के राजस्व की प्राप्ति की भी उम्मीद है, जो कि संसाधन प्रबंधन का एक बेहतर उदाहरण है।
दैनिक मॉनिटरिंग और पारदर्शी डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली
किसी भी सरकारी योजना या अभियान की सफलता इस बात पर टिकी होती है कि उसकी जमीनी हकीकत पर कितनी पैनी नजर रखी जा रही है। विशेष अभियान 6.0 के मामले में इस मोर्चे पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अभियान के दौरान होने वाले प्रत्येक दिन के काम और प्रगति की निगरानी के लिए एक समर्पित और विशेष टीम का गठन किया गया है, जो हर एक गतिविधि का बारीकी से हिसाब रखेगी।
इस पूरी प्रगति रिपोर्ट को प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा संचालित एक विशेष 'एससीडीपीएम पोर्टल' पर रोजाना नियमित रूप से अपलोड किया जाएगा। इस डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के कारण किसी भी स्तर पर कोताही गुंजाइश नहीं बचेगी और पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी बनी रहेगी। देश के नागरिक भी इस पोर्टल के माध्यम से सरकार के इन सुधार कार्यों की प्रगति का आंकलन कर सकेंगे, जिससे जनता और प्रशासन के बीच का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।





