क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के निवेश वाली कंपनी का बड़ा कदम
भारतीय क्रिकेट टीम के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का नाम सिर्फ खेल के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कई उभरते हुए स्टार्टअप्स और आधुनिक बिजनेस वेंचर्स में भी बड़े निवेशक रहे हैं। अब उन्होंने जिस कंपनी में पैसा लगाया था, वह अब भारतीय शेयर बाजार में अपनी धमाकेदार एंट्री करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। पुरानी कारों की खरीद-बिक्री के कारोबार में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी कंपनी स्पिनी (Spinny) जल्द ही अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ लाने जा रही है। इस कदम से कंपनी को वित्तीय मोर्चे पर एक नया मुकाम हासिल होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, स्पिनी की पैरेंट कंपनी 'वैल्यूड्राइव टेक' (Valuedrive Technologies) ने शेयर बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। यह फाइलिंग कंपनी के स्ट्रक्चर में हाल ही में किए गए बड़े बदलावों के ठीक एक महीने बाद सामने आई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस आईपीओ के जरिए कंपनी अपने कारोबार का दायरा देश और दुनिया के बड़े हिस्सों में फैलाने की योजना पर काम कर रही है, जिससे आम निवेशकों के पास भी इस शानदार ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनने का बेहतरीन मौका होगा।
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आईपीओ के जरिए ₹3000 करोड़ जुटाने का है मेगा प्लान
बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक, स्पिनी की पैरेंट कंपनी इस आईपीओ के जरिए लगभग ₹2,500 करोड़ से लेकर ₹3,000 करोड़ तक की भारी-भरकम पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। इस प्रपोज्ड इश्यू में कंपनी नए शेयर भी जारी कर सकती है, जिससे मिलने वाली राशि का उपयोग सीधे तौर पर बिजनेस के विस्तार में किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने का अवसर भी मिलेगा। हालांकि, यह अभी शुरुआती ड्राफ्ट स्टेज पर है, इसलिए आने वाले हफ्तों में बाजार की स्थितियों और सेबी की समीक्षा के आधार पर आईपीओ के अंतिम आकार में बदलाव भी देखने को मिल सकता है।
कंपनी ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए देश और दुनिया के कई बड़े वित्तीय संस्थानों और मर्चेंट बैंकरों को अपने साथ जोड़ा है। इनमें कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, मॉर्गन स्टैनली इंडिया कंपनी और 360 वन डब्ल्यूएएम जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी बड़े संस्थान कंपनी को बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं देंगे और इश्यू को सही समय पर बाजार में उतारने में मदद करेंगे।
साल 2027 तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना
कारोबारी गलियारों में चर्चा है कि स्पिनी की पैरेंट कंपनी साल 2027 तक शेयर बाजार के मुख्य पटल पर लिस्ट हो सकती है। हालांकि, अभी तक लिस्टिंग की कोई भी निश्चित या आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है। पूरी प्रक्रिया भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी की औपचारिक मंजूरी पर निर्भर करती है। कंपनी के प्रबंधन का पूरा फोकस फिलहाल सभी विनियामक और कानूनी प्रक्रियाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर है, ताकि निवेशकों को एक पारदर्शी और मजबूत निवेश विकल्प मिल सके।
स्पिनी के सह-संस्थापक नीरज सिंह, मोहित गुप्ता और रमंशू कुमार हैं, जिन्होंने साल 2015 में इस स्टार्टअप की नींव रखी थी। नीरज सिंह वर्तमान में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कामकाज संभाल रहे हैं। शुरुआत में एक छोटे पैमाने पर शुरू हुआ यह आइडिया आज देश के सबसे बड़े ऑटोमोटिव रीसेल प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुका है, जहां गाड़ियों की खरीद-बिक्री के अलावा ग्राहकों को कई अन्य आधुनिक सुविधाएं भी एक ही छत के नीचे मिलती हैं।
शानदार वित्तीय वृद्धि और कारोबार का लगातार विस्तार
यह आईपीओ ऐसे समय पर लाया जा रहा है जब कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार शानदार ग्रोथ देखने को मिल रही है। रेगुलेटरी फाइलिंग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू करीब 25 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ ₹4,657 करोड़ पर पहुंच गया था, जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष 2024 में यह आंकड़ा ₹3,730 करोड़ के आसपास था। जानकारों का अनुमान है कि आने वाले समय में इसके रेवेन्यू में और भी बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है।
"हमारी हमेशा से कोशिश रही है कि पुरानी कारों की खरीद और बिक्री के अनुभव को ग्राहकों के लिए पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए। बाजार का समर्थन और निवेशकों का भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत है।" — नीरज सिंह, सह-संस्थापक एवं सीईओ, स्पिनी
कंपनी सिर्फ गाड़ियां बेचने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों के लिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रही है। इसमें कार फाइनेंसिंग, इंश्योरेंस और आफ्टर-सेल्स सर्विस जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कंपनी ने ट्रूबिल, गोमैकेनिक और ऑटोकार इंडिया जैसे बड़े ब्रांड्स और प्लेटफॉर्म्स का अधिग्रहण भी किया है, जिससे इसका ऑटोमोटिव कारोबार काफी ज्यादा विस्तृत हुआ है। वर्तमान में यह कंपनी देश के लगभग 25 से अधिक बड़े शहरों में सक्रिय रूप से काम कर रही है और हर महीने हजारों कारों का सफलतापूर्वक लेन-देन कर रही है।
दिग्गज निवेशकों का रहा है मजबूत समर्थन
स्पिनी ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी फंड्स के जरिए करीब 78 करोड़ डॉलर की भारी-भरकम फंडिंग जुटाई है। टाइगर ग्लोबल और एस्सेल जैसे दुनिया के जाने-माने फंड्स इसके शुरुआती और प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं। साल 2021 में कंपनी ने एक बड़े फंडिंग राउंड के बाद करीब 180 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन के साथ यूनिकॉर्न क्लब में प्रवेश किया था। इस राउंड में अबू धाबी की मशहूर संस्था ADQ, एवेनिर ग्रोथ, एलिवेशन कैपिटल, जनरल कैटलिस्ट और वेस्टब्रिज कैपिटल जैसे दिग्गजों ने भारी निवेश किया था।
शेयर बाजार में प्रवेश करने से किसी भी कंपनी को न केवल अपने कारोबार के विस्तार के लिए आवश्यक पूंजी मिलती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उसकी साख और विश्वसनीयता भी कई गुना बढ़ जाती है। निवेशकों के लिए भी यह एक ऐसा अवसर होता है जहां वे देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले ऑटो सेक्टर के स्टार्टअप्स की सफलता में सीधे तौर पर भागीदार बन सकते हैं। आने वाले दिनों में सेबी की मंजूरी मिलने के बाद इस आईपीओ से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण तारीखें और प्राइस बैंड की जानकारियां सार्वजनिक की जाएंगी।






