बॉलीवुड के प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की अचानक हुई मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। साल 2020 में दुनिया को अलविदा कह चुके सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने उनके पोस्टमार्टम और शरीर पर मिले निशानों को लेकर एक नया और सनसनीखेज दावा किया है। श्वेता के इस खुलासे के बाद से सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत तक हलचल मच गई है और एक बार फिर से इस मामले पर बहस छिड़ गई है कि क्या उसहक दिन वाकई कुछ ऐसा हुआ था जिसे छुपाया गया था?
श्वेता सिंह कीर्ति ने वीडियो जारी कर किए गंभीर खुलासे
हाल ही में श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने न सिर्फ अपने जीवन के अनुभवों और फैंस के प्यार का जिक्र किया, बल्कि अपने भाई सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ी कुछ ऐसी बातें साझा कीं जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया। श्वेता ने बताया कि उन्हें हाल ही में इस बात की जानकारी मिली है कि जिस व्यक्ति ने सुशांत का पोस्टमार्टम किया था, उसने कथित तौर पर उनके शरीर पर गंभीर चोटों और संघर्ष के निशान देखे थे।
वीडियो में श्वेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके भाई के साथ जो कुछ भी हुआ, वह पूरी तरह से गलत और अमानवीय था। उन्होंने कहा,
"हमें कुछ समय पहले ही पता चला है कि भाई का पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने कहा है कि उस पर स्टन गन इस्तेमाल हुई थी। उसके पैर टूटे हुए थे। उस पर काफी सारा फोर्स लगाया गया था। आंखों में भी चोटें आई थीं। हम सब अपने दिलों में यह बात अच्छी तरह जानते हैं कि जो हुआ, वह कभी नहीं होना चाहिए था।"— श्वेता सिंह कीर्ति, सुशांत सिंह राजपूत की बहन
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परिवार का दर्द और न्याय की गुहार
श्वेता ने वीडियो में आगे बात करते हुए अपने परिवार के दर्द को बयां किया। उन्होंने कहा कि एक बहन होने के नाते वह अच्छी तरह समझती हैं कि जब अपनों के साथ ऐसा कुछ होता है, तो उसे सहना और भुलाना कितना मुश्किल होता है। उन्होंने आम जनता और सुशांत के करोड़ों प्रशंसकों से अपील की कि वे न्याय की इस लड़ाई को लड़ें, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने संयम बरतने की भी सलाह दी। श्वेता ने जोर देकर कहा कि उनकी लड़ाई किसी के प्रति नफरत या बदले की भावना से नहीं, बल्कि सच्चाई और न्याय के लिए होनी चाहिए।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कैप्शन में भी लिखा कि न्याय के लिए उठाई जाने वाली हर आवाज में प्यार और सकारात्मकता होनी चाहिए, न कि प्रतिशोध की आग। हालांकि, इन दावों के सामने आने के बाद से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या श्वेता के पास इन दावों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता दस्तावेज या सबूत मौजूद हैं या नहीं।
पोस्टमार्टम करने वाले शख्स के बयानों पर उठे सवाल
गौर करने वाली बात यह है कि श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने इस वीडियो में यह स्पष्ट नहीं किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले उस व्यक्ति ने उनसे या किसी अन्य आधिकारिक जांच एजेंसी से सीधे तौर पर बात की थी या नहीं। इसके अलावा, इन नए दावों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या फोरेंसिक साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यही वजह है कि कानूनी और चिकित्सा विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग इन बयानों को लेकर सतर्क रुख अपना रहा है।
सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट पर मृत पाए गए थे। शुरुआत में इस मामले को आत्महत्या के रूप में देखा गया था, लेकिन प्रशंसकों के भारी दबाव, परिवार की शिकायतों और राजनीतिक हलचलों के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई थी।
सीबीआई की जांच और फाइनल क्लोजर रिपोर्ट
सुशांत सिंह राजपूत मामले की गहराई से छानबीन करने के लिए सीबीआई ने 6 अगस्त 2020 को आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज की थी। लंबी जांच-पड़ताल, फॉरेंसिक जांच और तमाम गवाहों से पूछताछ के बाद आखिरकार मार्च 2025 में सीबीआई ने अपनी फाइनल क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। इस रिपोर्ट में केंद्रीय एजेंसी ने साफ तौर पर कहा कि सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने या किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है।
सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट में रिया चक्रवर्ती और अन्य लोगों को मामले में क्लीनचिट दे दी गई थी। एजेंसी का निष्कर्ष था कि अभिनेता ने आत्महत्या की थी। हालांकि, परिवार और उनके फैंस लगातार यह मानते रहे हैं कि इस मामले की तह तक पूरी सच्चाई नहीं पहुंच पाई है। श्वेता सिंह कीर्ति के ताजा बयानों ने एक बार फिर से उन अनसुलझे सवालों को हवा दे दी है, जिन्हें फैंस आज भी भुला नहीं पाए हैं। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि इन नए दावों पर क्या कोई कानूनी प्रतिक्रिया सामने आती है या यह मामला केवल बहसों तक ही सीमित रहता है।








