राजनीति के गलियारों से निकलकर सीधे रियलिटी शो के मंच पर
भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित परिवारों में से एक से ताल्लुक रखने वाले और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा का विषय बने हुए हैं। राजनीति की उठापटक, बयानों के तीर और पार्टी की बैठकों से दूर अब तेज प्रताप यादव एक ऐसे अखाड़े में कदम रखने जा रहे हैं, जहां कैमरे हर सेकंड उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। एमएक्स प्लेयर के लोकप्रिय रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' के दूसरे सीजन में उनकी एंट्री ने राजनीतिक और मनोरंजन जगत दोनों में हलचल मचा दी है।
इस शो का पहला सीजन शार्क टैंक फेम अश्नीर ग्रोवर ने होस्ट किया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था। पहले सीजन की बंपर सफलता के बाद मेकर्स ने सीजन 2 को और भी ज्यादा रोमांचक बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। इस बार शो की कमान भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनर और दिग्गज क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के हाथों में है। सहवाग का अनोखा अंदाज और तेज प्रताप यादव की बेबाक शख्सियत जब एक ही मंच पर आमने-सामने होगी, तो दर्शकों को भरपूर मनोरंजन मिलने की पूरी उम्मीद है।
राजनीतिक उठापटक के बीच रहने वाले तेज प्रताप यादव के लिए यह सफर बिल्कुल नया होने वाला है। एक तरफ जहां वो अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, वहीं कैमरे की लगातार निगरानी और शो के कठिन नियम उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। उनके चाहने वाले और विरोधी दोनों ही इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर शो में उनका यह सफर किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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100 से ज्यादा कैमरों की जद में कैसी होगी जिंदगी?
'राइज एंड फॉल' शो का सबसे बड़ा आकर्षण इसका सेट और वहां का कड़ा पहरा है। शो में आने वाले हर कंटेस्टेंट को 100 से ज्यादा कैमरों की चौबीसों घंटे निगरानी में रहना होता है। तेज प्रताप यादव, जो अब तक वीआईपी कल्चर, भारी सुरक्षा और ठाठ-बाठ वाली जिंदगी के आदी रहे हैं, उनके लिए यह अनुभव काफी अलग रहने वाला है। शो में उन्हें न सिर्फ अपने गुस्से पर काबू रखना होगा, बल्कि हर टास्क में अपना शत-प्रतिशत भी देना होगा।
शो के फॉर्मेट के मुताबिक, कंटेस्टेंट्स की किस्मत का फैसला टावर और बेसमेंट की दुनिया तय करती है। जो खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हैं या ऊपर बैठे लोगों की नजरों में कृपा पात्र बनते हैं, वे टावर की लैविश लाइफ जीते हैं। वहीं जो असफल होते हैं, उन्हें सीधे बेसमेंट की मार झेलनी पड़ती है। बेसमेंट में बुनियादी सुख-सुविधाओं की कमी होती है, जहां मच्छर, अंधेरा और कई बार जमीन पर सोने जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
तेज प्रताप यादव वैसे तो अपनी राजनीतिक रैलियों और बयानों के दौरान आम जनता के बीच जमीन से जुड़े दिखने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन हकीकत में उनका जीवन काफी शाही रहा है। ऐसे में अगर उन्हें बेसमेंट की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कड़े शारीरिक व मानसिक श्रम वाले टास्क करने पड़े, तो वह जनता और अपने समर्थकों के सामने किस तरह रिएक्ट करते हैं, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
राजनीतिक दिग्गजों से होगा सीधा मुकाबला
इस रियलिटी शो में तेज प्रताप यादव अकेले राजनीतिक हस्ती नहीं हैं, बल्कि उन्हें टक्कर देने के लिए विपक्षी खेमे के कद्दावर चेहरे भी मैदान में उतर रहे हैं। शो में तेज प्रताप का मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला और चर्चित सोशल मीडिया चेहरा व पत्रकार मनीष कश्यप से होने वाला है। ये दोनों ही चेहरे राजनीतिक और वैचारिक बहसों में माहिर माने जाते हैं और तेज प्रताप के विरोधी राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं।
जब एक ही छत के नीचे वैचारिक रूप से विरोधी और तीखे तेवर वाले ये नेता आमने-सामने होंगे, तो शो के भीतर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिलेगा। क्या तेज प्रताप यादव अपने राजनीतिक तर्कों और जुझारूपन से इन विरोधियों को पटखनी दे पाएंगे या फिर शो के टास्क में वो पिछड़ जाएंगे? इस सवाल का जवाब आने वाले एपिसोड्स में ही मिलेगा, लेकिन इतना तय है कि इनके बीच की जुगलबंदी शो की टीआरपी बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
राजनीति के मंच पर एक-दूसरे पर बयानबाजी करने वाले ये नेता जब कैमरे के सामने एक ही जगह पर संघर्ष करेंगे, तो दर्शकों को एक अलग ही राजनीतिक और सामाजिक कसमसाहट देखने को मिलेगी। समर्थकों के बीच भी इस मुकाबले को लेकर सोशल मीडिया पर अभी से बहस छिड़ चुकी है।
ग्लैमर, टीवी और सोशल मीडिया सितारों का जमावड़ा
सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि इस शो में मनोरंजन और सोशल मीडिया की दुनिया के कई बड़े नाम भी धमाल मचाते नजर आएंगे। शो के मेकर्स ने दर्शकों की पसंद का पूरा ध्यान रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों के चर्चित चेहरों को इसमें शामिल किया है। शो में टीवी जगत के जाने-माने अभिनेता करण पटेल, बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर, 'बिग बॉस' फेम प्रियंका चाहर चौधरी और स्टाइलिश अभिनेता गौतम गुलाटी भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
इसके अलावा सारा गुरपाल, भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री काजल राघवानी, राज ग्रोवर, अनीश भगत, निहारिका तिवारी, कायरा, सिवेट तोमर और इरीना रुदाकोवा जैसे सितारे भी इस सर्वाइवल गेम का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इतने सारे अलग-अलग मिजाज और बैकग्राउंड वाले लोगों के एक साथ रहने से घर के अंदर विवाद, दोस्ती और रणनीतियों का दौर शुरू होना तय है।
"रियलिटी शो सिर्फ खेल नहीं है, यह किसी भी इंसान के असली चरित्र का आईना होता है। जब अलग-अलग क्षेत्रों के दिग्गज एक साथ बंद कमरे में रहते हैं, तो असली ड्रामा तभी शुरू होता है।" — मनोरंजन विशेषज्ञ
निष्कर्ष: क्या लालू के लाल दिखाएंगे अपना कमाल?
तेज प्रताप यादव का रियलिटी शो में आना उनके राजनीतिक करियर के लिहाज से एक बड़ा और अनूठा कदम माना जा रहा है। राजनीति की दुनिया से निकलकर इस तरह के कमर्शियल और ग्लैमरस प्लेटफॉर्म पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना आसान नहीं होता। एक तरफ जहां यह उनके फैंस के लिए रोमांचक है, वहीं दूसरी तरफ उनके राजनीतिक विरोधियों की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि वो वहां कैसा प्रदर्शन करते हैं।
यदि तेज प्रताप इस शो में धैर्य, खेल भावना और अपने अनूठे अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहते हैं, तो इससे उनकी लोकप्रियता का दायरा और अधिक बढ़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, यदि वो शो के दबाव को झेलने में असफल रहते हैं, तो यह उनके राजनीतिक कद के लिए उल्टा भी पड़ सकता है। बहरहाल, वीरेंद्र सहवाग की मेजबानी में सजने वाला यह मंच यह तय करेगा कि क्या लालू के 'लाल' वाकई इस शो में गर्दा उड़ा पाते हैं या फिर उन्हें बेसमेंट की कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।






