तेलंगाना में कांग्रेस विधायक मालेरेड्डी रंगा रेड्डी एक बड़े विवादों में घिर गए हैं। मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने बुधवार को उन पर चलती बस में एक छात्रा को गलत तरीके से छूने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद बीआरएस नेताओं ने विधायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, विधायक मालेरेड्डी रंगा रेड्डी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास बताया है।
वायरल वीडियो में इब्राहिमपट्टनम से कांग्रेस विधायक मालेरेड्डी रंगा रेड्डी को एक सरकारी बस में दो छात्राओं से बातचीत करते देखा जा सकता है। यह बातचीत कांग्रेस सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई 'महालक्ष्मी' मुफ्त बस यात्रा योजना को लेकर हो रही थी, जो राज्य में काफी लोकप्रिय है। छात्राएं विधायक को बता रही थीं कि वे पिछले एक साल से इस योजना का लाभ उठा रही हैं और इससे उन्हें सालाना लगभग 45,000 रुपये की बचत हो रही है, जिससे उनके परिवार को बड़ी आर्थिक मदद मिल रही है।
वायरल वीडियो और बीआरएस के गंभीर आरोप
वीडियो में बातचीत के दौरान विधायक को एक छात्रा का हाथ पकड़े हुए देखा गया, जिसने विवाद को जन्म दिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद बीआरएस के वरिष्ठ नेता आर. एस. प्रवीण कुमार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और विधायक के आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि विधायक को एक छात्रा का हाथ पकड़ने और उसे 'गलत तरीके से छूने' की क्या आवश्यकता थी। प्रवीण कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "क्या यह जुर्म नहीं है? क्या यह किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं है?" उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और कानून को अपना काम करना चाहिए।
प्रवीण कुमार ने तेलंगाना राज्य महिला आयोग से इस मामले का संज्ञान लेने और कानूनी सलाह के बाद विधायक को तुरंत समन करने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए पुलिस और महिला सुरक्षा विंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "डीजीपी महिला सुरक्षा, यहां SHE टीमें कहां हैं? आरटीसी कंडक्टर से शिकायत लें और आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दर्ज करें।" उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही महिलाओं का अपमान करने में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जिससे इस मामले को एक व्यापक राजनीतिक रंग मिल गया है। बीआरएस नेता ने इस घटना को महिलाओं के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया।
विधायक मालेरेड्डी रंगा रेड्डी का खंडन और स्पष्टीकरण
इन गंभीर आरोपों के जवाब में, कांग्रेस विधायक मालेरेड्डी रंगा रेड्डी ने एक वीडियो जारी कर पूरी घटना पर सफाई दी और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका इरादा बिल्कुल भी गलत नहीं था और वह 'पिता के समान प्रेम' के साथ छात्राओं से 'महालक्ष्मी' योजना के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ने राजनीतिक लाभ के लिए इस घटना को तोड़-मरोड़कर पेश किया है और उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
अपने स्पष्टीकरण में विधायक ने बताया कि यह घटना 6 अक्टूबर को हुई थी, जब वे जिला कलेक्टर कार्यालय में एक बैठक के बाद शहर के बाहरी इलाके बोन्गुलुरु से बस में सवार हुए थे। उन्होंने कहा कि बस में उन्होंने आम लोगों से बातचीत की थी, जिसमें छात्राएं भी शामिल थीं। इन छात्राओं ने यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए और अधिक बसें चलाने का अनुरोध किया था, क्योंकि महालक्ष्मी योजना के तहत मुफ्त यात्रा के कारण बसों में भीड़ काफी बढ़ गई है। विधायक ने कहा कि जब बस एक मोड़ ले रही थी, तब यह वीडियो बनाया गया था और बीआरएस इसे गलत अर्थों में पेश कर रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे महिलाओं का पूरा सम्मान करते हैं और ऐसे किसी भी अनैतिक कार्य का हिस्सा नहीं हो सकते। यह पूरा मामला अब तेलंगाना की राजनीति में गर्मा गया है और आगे की जांच व राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का इंतजार है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।










