होम/देश/उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: एससीईआरटी और डायट के लिए बनेगा अलग कैडर, खत्म होगी निर्भरता
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: एससीईआरटी और डायट के लिए बनेगा अलग कैडर, खत्म होगी निर्भरता

उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) का अलग कैडर तैयार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव को कार्मिक व वित्त विभाग की मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इसे कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•28 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: एससीईआरटी और डायट के लिए बनेगा अलग कैडर, खत्म होगी निर्भरता
📷 उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: एससीईआरटी और डायट के लिए बनेगा अलग कैडर, खत्म होगी निर्भरता — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • उत्तराखंड में एससीईआरटी और डायट के लिए अलग कैडर बनाने का रास्ता साफ, कार्मिक और वित्त विभाग से मिली मंजूरी।
  • माध्यमिक शिक्षा विभाग पर निर्भरता खत्म होने से स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षण कार्य पर पड़ने वाला असर थमेगा।
  • अलग नियमावली के तहत इन संस्थानों में शिक्षकों की स्वतंत्र रूप से होगी सीधी भर्ती, जल्द कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव।

उत्तराखंड में शिक्षक प्रशिक्षण और शोध संस्थानों के लिए ऐतिहासिक कदम

उत्तराखंड राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को एक नई दिशा देने और शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी (SCERT) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों यानी डायट (DIET) के लिए अब एक स्वतंत्र और अलग कैडर तैयार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बदलाव से न केवल इन प्रमुख शोध संस्थानों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, बल्कि सामान्य विद्यालयों में चल रही शिक्षकों की कमी के संकट से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि प्रशिक्षण संस्थानों और अकादमिक शोध केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक समर्पित स्टाफ की आवश्यकता है। वर्तमान व्यवस्था के तहत इन संस्थानों में काम करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति या तबादले के जरिए भेजा जाता था। लेकिन अब शासन स्तर पर इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने का मन बना लिया गया है और इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है.

उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: एससीईआरटी और डायट के लिए बनेगा अलग कैडर, खत्म होगी निर्भरता
📷 उत्तराखंड में शिक्षा सुधारों और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को लेकर प्रशासनिक बैठक की फाइल फोटो।

संबंधित खबरें

शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देश

शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देश

HDFC बैंक में निवेश का बड़ा मौका: शेयर बाजार की गिरावट के बीच एनालिस्ट्स ने जताई 20% तक तेजी की उम्मीद

HDFC बैंक में निवेश का बड़ा मौका: शेयर बाजार की गिरावट के बीच एनालिस्ट्स ने जताई 20% तक तेजी की उम्मीद

Redmi Note 17 Pro Max बनाम Nothing Phone 4a Pro: 50,000 रुपये के बजट में कौन सा स्मार्टफोन है असली पैसा वसूल?

Redmi Note 17 Pro Max बनाम Nothing Phone 4a Pro: 50,000 रुपये के बजट में कौन सा स्मार्टफोन है असली पैसा वसूल?

गांधीनगर मनपा चुनाव: 'आप' उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर डॉ. करन बारोट का तीखा हमला, कहा- लोकतंत्र की हो रही है हत्या

गांधीनगर मनपा चुनाव: 'आप' उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर डॉ. करन बारोट का तीखा हमला, कहा- लोकतंत्र की हो रही है हत्या

झारखंड की कारो नदी का पानी अचानक हुआ काला: गंभीर प्रदूषण से ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबतें, जलीय जीवों पर भी मंडराया बड़ा खतरा

झारखंड की कारो नदी का पानी अचानक हुआ काला: गंभीर प्रदूषण से ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबतें, जलीय जीवों पर भी मंडराया बड़ा खतरा

महंगे होने वाले हैं एयर कंडीशनर: 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं नियम, एसी खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बात

महंगे होने वाले हैं एयर कंडीशनर: 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं नियम, एसी खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बात

इंदौर राजवाड़ा बस हादसे का सच: ब्रेक फेल होने का दावा निकला झूठ, ड्राइवर की इस बड़ी गलती से गई जान

इंदौर राजवाड़ा बस हादसे का सच: ब्रेक फेल होने का दावा निकला झूठ, ड्राइवर की इस बड़ी गलती से गई जान

मदन राठौड़ का बड़ा बयान: निकाय चुनाव में जनता की मुहर, अब पंचायत चुनावों में भी लहराएगा भगवा

मदन राठौड़ का बड़ा बयान: निकाय चुनाव में जनता की मुहर, अब पंचायत चुनावों में भी लहराएगा भगवा

कार्मिक और वित्त विभाग की हरी झंडी, अब कैबिनेट की मुहर का इंतजार

इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक घटनाक्रम के तहत एससीईआरटी और डायट के पृथक कैडर के गठन के प्रस्ताव को राज्य के कार्मिक विभाग तथा वित्त विभाग की तरफ से आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। सभी आपत्तियों और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अब इस पूरे प्रस्ताव को अंतिम मुहर के लिए राज्य मंत्रिमंडल यानी कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही उत्तराखंड में इन संस्थानों के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी।

एससीईआरटी की निदेशक बंदना गर्ब्याल ने इस संदर्भ में जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों संस्थानों के लिए अलग कैडर का प्रस्ताव काफी समय से प्रक्रिया में था और विभिन्न स्तरों पर आई आपत्तियों का विधिवत निस्तारण किया जा चुका है। अब शासन स्तर पर इसके नियम कायदों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में इन संस्थानों की कार्यकुशलता में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी.

माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों के संकट से मिलेगी निजात

अब तक की व्यवस्था के अनुसार एससीईआरटी और डायट में शिक्षकों की तैनाती के लिए मुख्य रूप से माध्यमिक शिक्षा विभाग पर ही निर्भर रहना पड़ता था। स्थिति यह थी कि निदेशालय और शासन के स्तर पर तबादले करके शिक्षकों को प्रशिक्षण और शोध कार्यों के लिए भेज दिया जाता था, जबकि खुद माध्यमिक शिक्षा विभाग पहले से ही भारी शिक्षक कमी से जूझ रहा है। स्थिति को संभालने के लिए राज्य के कई स्कूलों में चार हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों की सेवाएं लेनी पड़ रही हैं।

जब नियमित शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों से हटाकर अकादमिक शोध या प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यों में लगाया जाता था, तब इसका सीधा असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता था। வகுओं में शिक्षकों की कमी और बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले इस नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने इस स्वतंत्र कैडर की रूपरेखा तैयार की है, जिससे दोनों मोर्चों पर संतुलन बनाया जा सके.

"एससीईआरटी और डायट के अलग कैडर के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, पूर्व में आपत्ति के बाद इसका निपटारा किया जा चुका है। नई व्यवस्था लागू होने से इन संस्थानों की कार्यप्रणाली और अधिक पेशेवर बनेगी।" — बंदना गर्ब्याल, निदेशक एससीईआरटी

नई नियमावली के तहत होगी सीधी भर्ती और पदों का ढांचा

नए नियमों और अलग कैडर के अस्तित्व में आने के बाद एससीईआरटी और डायट में शिक्षकों व अधिकारियों की तैनाती के तौर-तरीके पूरी तरह बदल जाएंगे। इसके लिए एक बिलकुल नई और स्वतंत्र सेवा नियमावली बनाई जाएगी, जिसके तहत इन संस्थानों में अलग से सीधी भर्तियां की जाएंगी। तैयार किए गए ड्राफ्ट के मुताबिक अब एससीईआरटी में प्रोफेसर स्तर के पद होंगे, जबकि डायट के अंतर्गत प्रवक्ता और प्राचार्य स्तर के पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की विशिष्ट भर्ती प्रक्रिया से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उच्च कोटि के शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि योग्य युवाओं को इन प्रतिष्ठित संस्थानों में सीधे तौर पर अपनी सेवाएं देने का बेहतरीन अवसर भी प्राप्त होगा। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यह निर्णय उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

शिक्षा जगत और भविष्य की राह पर इसके व्यापक प्रभाव

शैक्षणिक गलियारों में इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है क्योंकि इससे शिक्षकों के चयन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में गुणात्मक सुधार आने की पूरी संभावना है। जब प्रशिक्षण संस्थानों के पास अपना खुद का समर्पित स्टाफ और कैडर होगा, तो वे बिना किसी बाहरी प्रशासनिक दबाव के पूरी क्षमता के साथ शोध, पाठ्यचर्या विकास और शिक्षकों की क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

आने वाले दिनों में जब यह प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में पारित होकर कानून या नियमावली का रूप लेगा, तब उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शुमार हो जाएगा जहां शिक्षक प्रशिक्षण के लिए इस तरह का समर्पित और स्वतंत्र ढांचा कार्य कर रहा है। आम जनता, अभिभावकों और शिक्षाविदों की निगाहें अब कैबिनेट की आगामी बैठक पर टिकी हैं जहां इस पर अंतिम मुहर लगने की पूरी उम्मीद है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देशCRIME

शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देश

21 सित॰
HDFC बैंक में निवेश का बड़ा मौका: शेयर बाजार की गिरावट के बीच एनालिस्ट्स ने जताई 20% तक तेजी की उम्मीदNATIONAL

HDFC बैंक में निवेश का बड़ा मौका: शेयर बाजार की गिरावट के बीच एनालिस्ट्स ने जताई 20% तक तेजी की उम्मीद

28 सित॰
Redmi Note 17 Pro Max बनाम Nothing Phone 4a Pro: 50,000 रुपये के बजट में कौन सा स्मार्टफोन है असली पैसा वसूल?NATIONAL

Redmi Note 17 Pro Max बनाम Nothing Phone 4a Pro: 50,000 रुपये के बजट में कौन सा स्मार्टफोन है असली पैसा वसूल?

28 सित॰
गांधीनगर मनपा चुनाव: 'आप' उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर डॉ. करन बारोट का तीखा हमला, कहा- लोकतंत्र की हो रही है हत्याNATIONAL

गांधीनगर मनपा चुनाव: 'आप' उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर डॉ. करन बारोट का तीखा हमला, कहा- लोकतंत्र की हो रही है हत्या

28 सित॰
झारखंड की कारो नदी का पानी अचानक हुआ काला: गंभीर प्रदूषण से ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबतें, जलीय जीवों पर भी मंडराया बड़ा खतराNATIONAL

झारखंड की कारो नदी का पानी अचानक हुआ काला: गंभीर प्रदूषण से ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबतें, जलीय जीवों पर भी मंडराया बड़ा खतरा

28 सित॰
महंगे होने वाले हैं एयर कंडीशनर: 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं नियम, एसी खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातNATIONAL

महंगे होने वाले हैं एयर कंडीशनर: 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं नियम, एसी खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बात

28 सित॰
इंदौर राजवाड़ा बस हादसे का सच: ब्रेक फेल होने का दावा निकला झूठ, ड्राइवर की इस बड़ी गलती से गई जानNATIONAL

इंदौर राजवाड़ा बस हादसे का सच: ब्रेक फेल होने का दावा निकला झूठ, ड्राइवर की इस बड़ी गलती से गई जान

28 सित॰
मदन राठौड़ का बड़ा बयान: निकाय चुनाव में जनता की मुहर, अब पंचायत चुनावों में भी लहराएगा भगवाNATIONAL

मदन राठौड़ का बड़ा बयान: निकाय चुनाव में जनता की मुहर, अब पंचायत चुनावों में भी लहराएगा भगवा

28 सित॰