होम/देश/अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप का बड़ा कमाल: निफ्टी 500 और स्मॉलकैप इंडेक्स में एंट्री, निवेशकों में उत्साह
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप का बड़ा कमाल: निफ्टी 500 और स्मॉलकैप इंडेक्स में एंट्री, निवेशकों में उत्साह

उद्योगपति अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांकों में वेदांता पावर समेत कई कंपनियों को शामिल किया गया है, जिसका असर बाजार और निवेशकों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
24 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप का बड़ा कमाल: निफ्टी 500 और स्मॉलकैप इंडेक्स में एंट्री, निवेशकों में उत्साह
📷 अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप का बड़ा कमाल: निफ्टी 500 और स्मॉलकैप इंडेक्स में एंट्री, निवेशकों में उत्साह — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • वेदांता पावर और ग्रुप की अन्य कंपनियों को निफ्टी 500 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 में जगह मिली है।
  • यह बड़ा बदलाव बाजार में कारोबार बंद होने के बाद प्रभावी हो गया है।
  • कंपनी ने वित्त वर्ष 2033 तक अपनी कुल क्षमता को 12 गीगावाट तक ले जाने का बड़ा लक्ष्य रखा है।
  • हरित ऊर्जा और पर्यावरण संतुलन की दिशा में भी वेदांता लगातार ठोस कदम उठा रही है।

भारतीय शेयर बाजार में वेदांता ग्रुप का बढ़ता रसूख

देश के दिग्गज और जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाला वेदांता ग्रुप इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक बेहद सकारात्मक और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के अहम बेंचमार्क इंडेक्स में वेदांता ग्रुप से जुड़ी कंपनियों को जगह मिलने जा रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से शेयर बाजार में समूह की कंपनियों की पहुंच और विजिबिलिटी दोनों में ही काफी विस्तार देखने को मिलेगा। आम निवेशकों के बीच भी इस डेवलपमेंट को लेकर काफी चर्चा हो रही है क्योंकि इससे पोर्टफोलियो और म्यूचुअल फंड्स के जरिए निवेश का दायरा भी प्रभावित होता है।

एनएसई की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार, वेदांता ग्रुप की पावर आर्म यानी वेदांता पावर को प्रतिष्ठित निफ्टी 500 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स का हिस्सा बनाया जा रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब भी किसी स्थापित कंपनी या उसके किसी नए वर्टिकल को इन बड़े इंडेक्स में शामिल किया जाता है, तो वित्तीय बाजार में उसका कद और विश्वसनीयता स्वतः बढ़ जाती है। हालांकि बाजार के जानकारों का यह भी मानना है कि केवल इंडेक्स में शामिल हो जाने से ही रातों-रात फंड का बहुत बड़ा सैलाब नहीं आ जाता, लेकिन इससे निवेशकों का भरोसा जरूर मजबूत होता है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई

बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई

सामाजिक न्याय की हुंकार: भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरी भीम आर्मी, प्रशासन को दी चेतावनी

सामाजिक न्याय की हुंकार: भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरी भीम आर्मी, प्रशासन को दी चेतावनी

आईफोन छोड़ इस प्रीमियम एंड्रॉयड फोन पर क्यों फिदा हैं मेटा के बॉस मार्क जुकरबर्ग?

आईफोन छोड़ इस प्रीमियम एंड्रॉयड फोन पर क्यों फिदा हैं मेटा के बॉस मार्क जुकरबर्ग?

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

किन-किन कंपनियों को मिला है नया स्थान?

सिर्फ वेदांता पावर ही नहीं, बल्कि इस बार के फेरबदल में वेदांता ग्रुप के अन्य व्यावसायिक मोर्चों को भी इन प्रतिष्ठित सूचकांकों में स्थान मिला है। इस फेरबदल के तहत वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता एल्युमिनियम मेटल जैसी दिग्गज कंपनियां भी निफ्टी 500 इंडेक्स का हिस्सा बनने जा रही हैं। इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों और सेक्टरों की कुछ चुनिंदा कंपनियां भी इस लिस्ट में शामिल की गई हैं, जिससे सूचकांक का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के बदलाव हर तय तिमाही या छमाही अंतराल पर कंपनियों के प्रदर्शन, मार्केट कैप और ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर किए जाते हैं। वेदांता ग्रुप की कंपनियों का इन बेंचमार्क तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि बाजार में इनकी उपस्थिति मजबूत हो रही है। इन बदलावों के लागू होने के बाद उन तमाम फंड हाउस और निवेशकों की नजरें इन शेयरों पर और अधिक टिक जाएंगी जो सीधे तौर पर निफ्टी 500 या स्मॉलकैप इंडेक्स के आधार पर अपने निवेश का प्रबंधन करते हैं।

ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए वेदांता का मेगा प्लान

एक तरफ जहां शेयर बाजार में कंपनी की साख मजबूत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ वेदांता पावर ने अपने जमीनी कामकाज और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी है। मौजूदा समय में कंपनी की ऑपरेशनल पावर क्षमता लगभग 5 गीगावाट के आसपास है। कंपनी की भविष्य की योजनाओं को देखें तो वित्तीय वर्ष 2027 के आखिर तक इसमें करीब 600 मेगावाट की और अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की पूरी उम्मीद है।

कंपनी यहीं नहीं रुकने वाली है, बल्कि उसने इससे भी बड़ा और दूरगामी लक्ष्य निर्धारित किया है। वेदांता पावर का मुख्य लक्ष्य वित्त वर्ष 2033 तक अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 12 गीगावाट तक पहुंचाने का है। यदि मौजूदा ऑपरेशनल बेस से तुलना की जाए, तो यह लक्ष्य लगभग तीन गुना बढ़ोतरी को दर्शाता है। इतना ही नहीं, भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने आने वाले समय में इसे 20 गीगावाट तक ले जाने का महत्वाकांक्षी खाका भी तैयार किया है, जिसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

पर्यावरण और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम

आज के दौर में केवल कारोबार बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी के नियमों पर खरा उतरना भी कंपनियों के लिए बेहद जरूरी हो चुका है। वेदांता पावर इस मोर्चे पर भी लगातार गंभीर प्रयास कर रही है। कंपनी के तलवंडी साबो प्लांट में बायोमास को-फायरिंग का इस्तेमाल कुल ईंधन की खपत के पांच प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है, जो पर्यावरण के लिहाज से एक सकारात्मक कदम है।

"हमारा उद्देश्य न केवल व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित पर्यावरण का निर्माण करना भी हमारी प्राथमिकता है। हमारे सभी प्रोजेक्ट्स में सस्टेनेबिलिटी को सबसे ऊपर रखा जा रहा है।" — वेदांता प्रबंधन

कंपनी ने अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता को लगातार घटाने के लिए सख्त लक्ष्य तय किए हैं। इसके अलावा जल संरक्षण और पानी के इस्तेमाल में दक्षता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। वेदांता का लक्ष्य वर्ष 2050 या उससे भी पहले नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के आंकड़े को हासिल करना है, जिससे यह साबित होता है कि कंपनी अपने वित्तीय मुनाफे के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को लेकर भी पूरी तरह सजग है।

निष्कर्ष और निवेशकों के लिए क्या है संदेश

कुल मिलाकर देखा जाए तो अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप के लिए यह समय बेहद सकारात्मक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चल रहा है। एक तरफ स्टॉक एक्सचेंज के अहम सूचकांकों में जगह मिलने से बाजार में कंपनी की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है, तो दूसरी तरफ उत्पादन क्षमता बढ़ाने और हरित ऊर्जा अपनाने के फैसले भविष्य के लिए मजबूत आधारशिला रख रहे हैं। निवेशकों के लिए यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि कंपनी दीर्घकालिक विकास और वैल्यू क्रिएशन के रास्ते पर पूरी ताकत से आगे बढ़ रही है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदाNATIONAL

शेयर बाजार में निवेश के नए रास्ते खुले: SEBI के इन बड़े बदलावों से आम निवेशकों को होगा तगड़ा फायदा

25 सित॰
महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयानNATIONAL

महज 2 करोड़ में बनी इस फिल्म ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: लागत से 180 गुना कमाई, 100 करोड़ की OTT डील पर आया बड़ा बयान

25 सित॰
शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवालNATIONAL

शिक्षकों की भर्ती में स्थानीय निकायों का दखल क्यों है अनुचित? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

25 सित॰
डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियमNATIONAL

डिजिटल क्रॉप सर्वे का बड़ा कमाल: अब एक क्लिक पर मिलेगी खेत और फसल की पूरी जानकारी, जानें क्या है नया नियम

25 सित॰
बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाईNATIONAL

बैंक कर्मियों का फूटा गुस्सा: लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत इन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई

25 सित॰
सामाजिक न्याय की हुंकार: भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरी भीम आर्मी, प्रशासन को दी चेतावनीNATIONAL

सामाजिक न्याय की हुंकार: भेदभाव और अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरी भीम आर्मी, प्रशासन को दी चेतावनी

25 सित॰
आईफोन छोड़ इस प्रीमियम एंड्रॉयड फोन पर क्यों फिदा हैं मेटा के बॉस मार्क जुकरबर्ग?NATIONAL

आईफोन छोड़ इस प्रीमियम एंड्रॉयड फोन पर क्यों फिदा हैं मेटा के बॉस मार्क जुकरबर्ग?

25 सित॰
बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानीNATIONAL

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

25 सित॰