होम/देश/भारत-लाओस संबंधों की नई आध्यात्मिक नींव: बौद्ध धर्म बन रहा है दोनों देशों की गहरी दोस्ती का मजबूत सेतु
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

भारत-लाओस संबंधों की नई आध्यात्मिक नींव: बौद्ध धर्म बन रहा है दोनों देशों की गहरी दोस्ती का मजबूत सेतु

वियनतियाने में आयोजित एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम में वियतनाम बौद्ध संघ और लाओ बौद्ध संघ के बीच सहयोग को नई मजबूती मिली है। इस सम्मेलन में दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को प्रगाढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे द्विपक्षीय मित्रता को एक नई ऊंचाई मिल रही है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•28 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
भारत-लाओस संबंधों की नई आध्यात्मिक नींव: बौद्ध धर्म बन रहा है दोनों देशों की गहरी दोस्ती का मजबूत सेतु
📷 भारत-लाओस संबंधों की नई आध्यात्मिक नींव: बौद्ध धर्म बन रहा है दोनों देशों की गहरी दोस्ती का मजबूत सेतु — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • लाओस में वियतनाम बौद्ध संघ के समन्वय बोर्ड के नए कार्यकाल के लिए नेतृत्व की घोषणा की गई, जिसमें आदरणीय थिच मिन्ह क्वांग को पुनः बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • विगत वर्षों में लाओस के विभिन्न प्रांतों में वियतनामी बौद्ध मंदिरों और मठों का दायरा बढ़ा है, जहां भिक्षुओं की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
  • दोनों देशों के बीच धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से सामाजिक कल्याण, शिक्षा और आपदा राहत कार्यों में उल्लेखनीय सहयोग देखने को मिला है।

भारत के पड़ोसी क्षेत्र दक्षिण-पूर्व एशिया में सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने में आध्यात्मिक और धार्मिक मूल्य एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में लाओस की राजधानी वियनतियाने में एक भव्य और गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ, जिसने दो मित्र देशों के बीच आपसी सौहार्द और ऐतिहासिक भाईचारे को एक नया आयाम दिया है। इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में वियतनाम और लाओस के बौद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की, जहां दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक सहकारिता को भविष्य के लिए और अधिक सुदृढ़ बनाने पर व्यापक चर्चा हुई। यह आयोजन महज एक धार्मिक सम्मेलन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह दोनों पड़ोसी देशों के बीच सदियों पुरानी सांस्कृतिक साझी विरासत का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है।

वियनतियाने में ऐतिहासिक बौद्ध सम्मेलन का सफल समापन और नई कार्यकारिणी का गठन

वियनतियाने की धरती पर आयोजित इस विशेष समारोह में वर्ष 2022-2027 के कार्यकाल के कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी 2026-2031 की अवधि के लिए नई रणनीतिक प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान लाओस में कार्यरत वियतनाम बौद्ध संघ के समन्वय एवं सहयोग बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण सांगठनिक निर्णयों की घोषणा की गई। कार्यक्रम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें वियतनाम बौद्ध संघ की केंद्रीय समिति, लाओ बौद्ध संघ, लाओस में स्थित वियतनामी राजनयिक मिशन, तथा लाओस सरकार के विभिन्न प्रशासनिक विभागों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आदरणीय थिच मिन्ह क्वांग आगामी कार्यकाल के लिए भी लाओस में वियतनाम बौद्ध संघ की समन्वय और सहयोग समिति के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। उनके नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों के दौरान धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में जो उल्लेखनीय प्रगति हुई है, उसकी सराहना दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों द्वारा खुले मंच से की गई। सम्मेलन में उपस्थित गणमान्य वक्ताओं ने इस बात पर मुहर लगाई कि बौद्ध दर्शन और इसकी नैतिक शिक्षाएं न केवल दोनों देशों के वयस्कों के बल्कि युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण में भी एक सशक्त माध्यम बन रही हैं।

भारत-लाओस संबंधों की नई आध्यात्मिक नींव: बौद्ध धर्म बन रहा है दोनों देशों की गहरी दोस्ती का मजबूत सेतु
📷 वियनतियाने में आयोजित इस विशेष बौद्ध सम्मेलन के दौरान उपस्थित भिक्षु और गणमान्य अतिथि

संबंधित खबरें

द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्ड

द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्ड

वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असर

वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असर

सोनम वांगचुक की एक साल बाद हुंकार: लेह फायरिंग पर न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, दिए अल्टीमेटम से गरमाई सियासत

सोनम वांगचुक की एक साल बाद हुंकार: लेह फायरिंग पर न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, दिए अल्टीमेटम से गरमाई सियासत

साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी के बदले रूप पर मचा बवाल: 90 के दशक के गानों पर थिरकते देख फैंस हैरान

साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी के बदले रूप पर मचा बवाल: 90 के दशक के गानों पर थिरकते देख फैंस हैरान

सैलून में बाल काटने वाले रितेश पाल ने जीता 'इंडियाज बेस्ट डांसर 5', कभी परिवार के विरोध से लड़े

सैलून में बाल काटने वाले रितेश पाल ने जीता 'इंडियाज बेस्ट डांसर 5', कभी परिवार के विरोध से लड़े

सोशल मीडिया पर गंदा खेल: पूर्व प्रधान की बेटी का फर्जी वीडियो वायरल, धमकियों से सहमा पूरा परिवार

सोशल मीडिया पर गंदा खेल: पूर्व प्रधान की बेटी का फर्जी वीडियो वायरल, धमकियों से सहमा पूरा परिवार

सावधान! मानसून जाते-जाते बरपा रहा कहर: तेजी से फैल रहा डेंगू का संक्रमण, जान लीजिए बचाव के अचूक उपाय

सावधान! मानसून जाते-जाते बरपा रहा कहर: तेजी से फैल रहा डेंगू का संक्रमण, जान लीजिए बचाव के अचूक उपाय

Tata Aeris बनाम Maruti Dzire: कीमत से लेकर फीचर्स और सेफ्टी तक, जानें फैमिली के लिए कौन सी कार है बेस्ट

Tata Aeris बनाम Maruti Dzire: कीमत से लेकर फीचर्स और सेफ्टी तक, जानें फैमिली के लिए कौन सी कार है बेस्ट

सांगठनिक विस्तार और मठों की बढ़ती संख्या से मजबूत हो रहा आध्यात्मिक ताना-बाना

पिछले कुछ वर्षों में लाओस की धरती पर वियतनामी बौद्ध समुदायों और धार्मिक संस्थानों ने अपनी संगठनात्मक क्षमता का अभूतपूर्व विस्तार किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में अपनी स्थापना के शुरुआती चरण से लेकर अब तक इस बोर्ड ने अपनी जड़ों को काफी मजबूत किया है। लाओस के विभिन्न प्रांतों और प्रमुख शहरों में फैले वियतनामी मठों और मंदिरों की संख्या बढ़कर अब 15 हो गई है, जबकि इन धार्मिक केंद्रों की देखरेख करने वाले भिक्षुओं और भिक्षुणियों की कुल संख्या भी बढ़कर 31 तक पहुंच गई है।

यह विस्तार केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उन प्रवासी नागरिकों के जीवन में एक आध्यात्मिक संबल प्रदान कर रहा है जो अपने मातृभूमि से दूर दूसरे देश में निवास कर रहे हैं। इन मंदिरों को केवल पूजा-पाठ के स्थानों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें सांस्कृतिक गतिविधियों, भाषा कक्षाओं और सामुदायिक मेल-मिलाप के जीवंत केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। स्थानीय वियतनामी समुदाय इन पवित्र स्थलों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने में सफल हो रहा है, जिससे उनकी सामाजिक एकजुटता और अधिक प्रगाढ़ हुई है।

बुनियादी ढांचे का विकास और मानवीय कल्याण के लिए समर्पित परोपकारी कार्य

आध्यात्मिक प्रगति के साथ-साथ लाओस में वियतनामी बौद्ध संघ ने सामाजिक उत्तरदायित्व और परोपकार के क्षेत्र में भी बेजोड़ मिसाल पेश की है। पिछले कार्यकालों के दौरान मंदिरों और मठ परिसरों के जीर्णोद्धार तथा नए निर्माण कार्यों पर एक बड़ी धनराशि का निवेश किया गया है, जिससे इन धार्मिक स्थलों का सौंदर्य और उनकी उपयोगिता दोनों में वृद्धि हुई है। इसके अलावा, स्थानीय जरूरतमंदों की सहायता के लिए भारी मात्रा में संसाधन जुटाए गए हैं और विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारा गया है.

मानवीय सहायता के मोर्चे पर इन संगठनों ने प्राकृतिक आपदाओं, स्वास्थ्य संकटों और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के लिए हमेशा आगे बढ़कर मदद का हाथ बढ़ाया है। चाहे लाओस के स्थानीय नागरिक हों या फिर संकट के समय वियतनाम के किसी हिस्से में आई आपदा, दोनों देशों के बौद्ध समुदाय ने हमेशा सीमा की दीवारों से ऊपर उठकर मानवता की सेवा को सर्वोपरि रखा है। इसके साथ ही, स्थानीय बच्चों और युवाओं के लिए भाषाई शिक्षा, छात्रवृत्ति वितरण और कौशल विकास से जुड़ी पहलों को भी सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, जिससे समाज के निचले पायदान पर खड़े लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

"लाओस में स्थित प्रत्येक वियतनामी पैगोडा सामुदायिक गतिविधियों का एक साझा केंद्र है, जो लाओस में वियतनामी लोगों के बीच एकता को बढ़ावा देता है, साथ ही लाओस में वियतनामी संस्कृति का संरक्षण और विकास करता है। यह मित्रता का सबसे प्रभावी सेतु है जो दोनों देशों के संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाता है।" — आदरणीय थिच मिन्ह क्वांग, समन्वय बोर्ड प्रमुख एवं मठाधीश

भविष्य की दिशा और दोनों देशों की सरकारों द्वारा सराहना

लाओस सरकार और प्रशासनिक तंत्र ने इन धार्मिक संगठनों के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की है। लाओ फ्रंट फॉर नेशनल कंस्ट्रक्शन की केंद्रीय समिति के धार्मिक मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि बौद्ध धर्म के नैतिक सिद्धांत और शांति का संदेश युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाने में अत्यंत मददगार साबित हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच के इस धार्मिक और सांस्कृतिक सेतु ने पारंपरिक राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को जमीन स्तर पर और अधिक मजबूत कर दिया है।

आगामी वर्षों के लिए बोर्ड ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए यह संकल्प लिया है कि वे न केवल धार्मिक सहिष्णुता और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रसार करेंगे, बल्कि दोनों पड़ोसी देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी संवाद, भाईचारे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक तीव्र करेंगे। यह अनूठी आध्यात्मिक कूटनीति इस बात का प्रमाण है कि यदि संस्कृति और धर्म को जोड़ने का माध्यम बनाया जाए, तो दो राष्ट्रों के बीच की दूरियां सिमट जाती हैं और आपसी विश्वास हमेशा के लिए अमर हो जाता है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्डNATIONAL

द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्ड

28 सित॰
वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असरNATIONAL

वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असर

28 सित॰
सोनम वांगचुक की एक साल बाद हुंकार: लेह फायरिंग पर न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, दिए अल्टीमेटम से गरमाई सियासतNATIONAL

सोनम वांगचुक की एक साल बाद हुंकार: लेह फायरिंग पर न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग, दिए अल्टीमेटम से गरमाई सियासत

28 सित॰
साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी के बदले रूप पर मचा बवाल: 90 के दशक के गानों पर थिरकते देख फैंस हैरानNATIONAL

साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी के बदले रूप पर मचा बवाल: 90 के दशक के गानों पर थिरकते देख फैंस हैरान

28 सित॰
सैलून में बाल काटने वाले रितेश पाल ने जीता 'इंडियाज बेस्ट डांसर 5', कभी परिवार के विरोध से लड़ेNATIONAL

सैलून में बाल काटने वाले रितेश पाल ने जीता 'इंडियाज बेस्ट डांसर 5', कभी परिवार के विरोध से लड़े

28 सित॰
सोशल मीडिया पर गंदा खेल: पूर्व प्रधान की बेटी का फर्जी वीडियो वायरल, धमकियों से सहमा पूरा परिवारNATIONAL

सोशल मीडिया पर गंदा खेल: पूर्व प्रधान की बेटी का फर्जी वीडियो वायरल, धमकियों से सहमा पूरा परिवार

28 सित॰
सावधान! मानसून जाते-जाते बरपा रहा कहर: तेजी से फैल रहा डेंगू का संक्रमण, जान लीजिए बचाव के अचूक उपायNATIONAL

सावधान! मानसून जाते-जाते बरपा रहा कहर: तेजी से फैल रहा डेंगू का संक्रमण, जान लीजिए बचाव के अचूक उपाय

28 सित॰
Tata Aeris बनाम Maruti Dzire: कीमत से लेकर फीचर्स और सेफ्टी तक, जानें फैमिली के लिए कौन सी कार है बेस्टNATIONAL

Tata Aeris बनाम Maruti Dzire: कीमत से लेकर फीचर्स और सेफ्टी तक, जानें फैमिली के लिए कौन सी कार है बेस्ट

28 सित॰