देशभर में बदला मौसम का मिजाज, 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक नया अपडेट जारी किया है, जिसके अनुसार देश के लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक नए लो प्रेशर एरिया यानी कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के कई राज्यों से मानसून की विदाई भी शुरू हो चुकी है, जिससे वहां मौसम शुष्क होने लगा है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी सिस्टम का असर देश के तटीय और मैदानी इलाकों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। समुद्री हवाओं के कारण नमी बढ़ गई है, जिससे बादलों का डेरा बना हुआ है। जिन राज्यों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है, उनमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल प्रमुख हैं। इन राज्यों के प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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ओडिशा और छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट, इन जिलों में आफत बन सकती है बारिश
मौसम विभाग ने पूर्वी भारत के राज्यों, खासकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा के कई जिलों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। कोरापुट, गजपति और गंजाम जैसे जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा कालाहांडी, नबरंगपुर और मलकानगिरी जिलों में भी रेड अलर्ट लागू किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और मछुआरों को समुद्र में न जाने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में भी मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चल रही हैं और बिजली कड़कने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का यह दौर जारी रह सकता है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए जल संसाधन विभाग को भी पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
दिल्ली-एनसीआर में साफ रहेगा आसमान, गर्मी और उमस से लोग परेशान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों (NCR) में मौसम का रुख थोड़ा अलग बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आज आसमान साफ रहने की संभावना है और फिलहाल बारिश का कोई दूर-दूर तक अनुमान नहीं है। बारिश न होने के कारण एक बार फिर से गर्मी और उमस का अहसास लोगों को परेशान कर सकता है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून अब वापसी की राह पर है, जिसके चलते बादलों की आवाजाही कम हो गई है और धूप सीधी जमीन पर पड़ रही है। हालांकि, सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंडी हवाएं जरूर चल रही हैं, जिससे मौसम में थोड़ा सुहानापन महसूस होता है। आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली के लोगों को साफ आसमान और तेज धूप का सामना करना पड़ सकता है, और तापमान में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम का हाल?
उत्तर प्रदेश की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही हिस्सों में फिलहाल मौसम के शुष्क रहने की पूरी संभावना है। खेतों में काम करने वाले किसानों और आम लोगों को अभी कुछ दिन और धूप का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाली 25 से 27 सितंबर के दौरान राज्य के कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिल सकता है। इस संभावित बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है और किसानों को भी राहत मिल सकती है।
राजस्थान में भी मानसून की विदाई की प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अब मौसम शुष्क बना हुआ है और बारिश की गतिविधियां लगभग थम चुकी हैं। हालांकि, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में छिटपुट जगहों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। राज्य के बाकी हिस्सों में तेज धूप के कारण तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे गर्मी का हल्का असर फिर से लौटने लगा है।
विशेषज्ञों की सलाह और आपदा प्रबंधन की तैयारियां
मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद देश के कई राज्यों में आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। जिन इलाकों में रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहां स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है ताकि भारी बारिश की वजह से किसी प्रकार का नुकसान न हो।
"बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। हमने संबंधित राज्यों को समय रहते चेतावनी जारी कर दी है ताकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।" — मौसम विभाग अधिकारी, IMD
कुल मिलाकर, देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम दोतरफा रूप दिखाता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण, पूर्व और मध्य भारत के राज्यों में बारिश आफत बनकर बरस रही है, वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून अब विदा हो रहा है। ऐसे में नागरिकों को अपने स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखने और प्रशासन की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जाती है ताकि किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रहा जा सके।






