नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक नया मोड़ ले लिया है। लोग लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस से परेशान थे, लेकिन अब ठंडी हवाओं और बारिश ने राहत दी है। मौसम विभाग यानी आईएमडी ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिनों में कई जगहों पर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। कुछ जगहों पर आंधी के साथ भारी बारिश भी शुरू हो चुकी है, जिससे तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों ने डेरा डाल दिया है। मुजफ्फरनगर में रविवार को अचानक तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। इसके उलट आगरा और मथुरा जैसे पश्चिमी जिलों में अभी भी तेज धूप खिली हुई है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में भी ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले चौबीस घंटों में राज्य के कम से कम बारह जिलों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है।
मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत में मौसम का अलग रंग
मध्य प्रदेश में भी मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां ग्वालियर सबसे गर्म जिला बना हुआ है और लोग धूप से परेशान हैं, वहीं इंदौर में तापमान काफी कम दर्ज किया गया है। इंदौर और उसके आसपास के इलाकों में सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड महसूस होने लगी है। भोपाल के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवाओं का रुख बदलने की वजह से राज्य के तापमान में यह अंतर आया है। दक्षिण के राज्यों में भी हल्की बारिश का दौर जारी है, जिससे किसानों को खेती-बाड़ी में काफी मदद मिल रही है।
राजधानी दिल्ली और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फिलहाल मौसम साफ बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में बीते दिनों हुई आंधी और बारिश के बाद प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक ने लोगों को एसी बंद करने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में सुबह के वक्त हल्का कोहरा या धुंध देखने को मिल सकती है। पटना और श्रीनगर जैसे शहरों में भी आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे धूप की तपिश कम हो गई है।
सत्रह राज्यों में बारिश का अलर्ट और हवाओं का वेग
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले सोमवार को देश के सत्रह बड़े राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार पचास से साठ किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। खासकर पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलने से ठंड का असर और ज्यादा बढ़ जाएगा। प्रशासन ने भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
द फ्रीलान्स की टीम ने जब जमीनी स्तर पर लोगों से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि इस बार मौसम का बदलना सेहत पर भी असर डाल रहा है। अचानक तापमान गिरने से सर्दी, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ने लगी है। डॉक्टरों की सलाह है कि इस बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखा जाना चाहिए। खानपान का ध्यान रखकर और गर्म कपड़े पहनकर इस बदलते मौसम की मार से बचा जा सकता है।
यातायात और उड़ानों पर पड़ रहा मौसम का असर
खराब मौसम और घने बादलों की वजह से कई जगहों पर रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। दृश्यता कम होने की वजह से सुबह के समय उड़ानों में देरी हो रही है। रेलवे ने भी अपनी कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव किया है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। हाईवे पर सफर करने वाले ड्राइवरों को भी फॉग लाइट्स और कम गति में वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जनता को पल-पल की जानकारी दे रहा है।









