नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के गलियारों में इन दिनों हलचल काफी तेज हो गई है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल अब समाप्त होने जा रहा है। बीसीसीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों ने साफ कर दिया है कि आगामी चार अक्टूबर के बाद देश को नया मुख्य चयनकर्ता मिल जाएगा। इस बड़े बदलाव के बाद से ही भारतीय क्रिकेट में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। चयन समिति के मुखिया के रूप में अगरकर का यह सफर कई उतार-चढ़ाव और बड़े फैसलों से भरा रहा है।
बीसीसीआई सचिव की तरफ से इस बात की पुष्टि होने के बाद से ही खेल जगत में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। अजीत अगरकर के कार्यकाल के दौरान कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला और कुछ बड़े फैसले भी लिए गए। हेड कोच गौतम गंभीर ने अगरकर की विदाई पर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। गंभीर ने लिखा है कि अगरकर के साथ काम करना उनके लिए एक बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि इतिहास हमेशा अजीत अगरकर के योगदान के प्रति उदार रहेगा।
गंभीर और अगरकर की जोड़ी के अहम फैसले
गौतम गंभीर और अजीत अगरकर की जोड़ी ने पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा देने की कोशिश की है। दोनों ने मिलकर कई कड़े और साहसिक फैसले लिए, जिनकी गूंज देश और दुनिया के खेल प्रेमियों के बीच सुनाई दी। हालांकि, इस दौरान चयन से जुड़े कुछ मुद्दों पर अंदरखाने मतभेद की खबरें भी सामने आती रहीं। जानकारों का मानना है कि दोनों ने टीम के हित को हमेशा सबसे ऊपर रखा और उसी हिसाब से खिलाड़ियों का चयन किया। कोच गंभीर का सार्वजनिक तौर पर आभार जताना यह बताता है कि दोनों के बीच तालमेल काफी मजबूत था।
लेकिन हर सफर की तरह इस कार्यकाल का भी अंत आ गया है और अब हर किसी की नजरें नए चेहरे पर टिकी हैं। चार अक्टूबर की तारीख भारतीय क्रिकेट के प्रशासनिक इतिहास में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। चयन समिति की कमान अब किसके हाथ में जाएगी, इसको लेकर बोर्ड के भीतर गहन मंथन चल रहा है। कई वरिष्ठ खिलाड़ियों और पूर्व क्रिकेटरों के नाम इस पद के लिए रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। बीसीसीआई जल्द ही इस पर आधिकारिक मुहर लगा सकती है और नए चीफ सिलेक्टर के नाम का ऐलान कर सकती है।
बुमराह और गिल की कप्तानी पर उठ रहे बड़े सवाल
अजीत अगरकर के कार्यकाल के आखिरी दिनों में सबसे बड़ा विवाद जसप्रीत बुमराह को लेकर सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, अगरकर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाना चाहते थे, जिन्होंने अपने करियर में तब तक तीस से भी कम टेस्ट मैच खेले थे। चयन समिति के भीतर इस बात को लेकर लंबी चर्चा और मतभेद रहे कि क्या इतने कम अनुभव वाले खिलाड़ी को कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। इस फैसले के दूरगामी असर को लेकर क्रिकेट पंडितों के बीच आज भी बहस जारी है।
केवल बुमराह ही नहीं, बल्कि शुभमन गिल की टीम में जगह और भविष्य को लेकर भी अब नए सवाल खड़े होने लगे हैं। अगरकर के जाने के बाद क्या शुभमन गिल की टीम में भी कोई बड़ी कैंची चलेगी, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। साल 2027 के आगामी विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नया चीफ सिलेक्टर टीम की रूपरेखा नए सिरे से तैयार कर सकता है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों को अपनी जगह बचाने के लिए आने वाले महीनों में बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।
भविष्य की रणनीति और 2027 वर्ल्ड कप का रोडमैप
भारतीय क्रिकेट टीम के सामने अब सबसे बड़ा लक्ष्य साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप जीतना है। अजीत अगरकर के जाने के बाद जो नया मुख्य चयनकर्ता आएगा, उसके कंधों पर एक युवा और संतुलित टीम तैयार करने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी। चयन समिति को यह तय करना होगा कि किन सीनियर खिलाड़ियों को आगे मौका देना है और किसे आराम देना है। आने वाले कुछ हफ्तों में भारतीय क्रिकेट का ढांचा कैसा होगा, यह नए मुख्य चयनकर्ता की प्राथमिकताओं पर पूरी तरह निर्भर करेगा।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि बीसीसीआई किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है। बोर्ड सोच-समझकर और लंबी अवधि की रणनीति के तहत ही नए चीफ सिलेक्टर का चुनाव करेगा। देश के तमाम क्रिकेट प्रेमी यह देखना चाहते हैं कि अजीत अगरकर के बाद आने वाला नया शख्स भारतीय टीम को किस बुलंदी पर ले जाता है। चार अक्टूबर की वह तारीख अब दूर नहीं है, जब इस बड़े सवाल से पर्दा उठ जाएगा और नए युग की शुरुआत होगी।



