दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉ. जी संतोष कुमार ने आधिकारिक रूप से अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) का पदभार संभाल लिया है। पद संभालने के बाद उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली औपचारिक बैठक की। इस बैठक में जिले की मौजूदा प्रशासनिक प्राथमिकताओं और चल रही विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यभार संभालने के बाद डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। जिला प्रशासन के कई प्रमुख अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें अपनी पूरी टीम के सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने पर जोर
नियमों और तय समयसीमा के भीतर जनता की फाइलों का निपटारा करना इस नई प्रशासनिक टीम का मुख्य लक्ष्य रहेगा। डॉ. संतोष कुमार ने पद संभालते ही सभी तहसीलदारों और जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों से आने वाले आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। जनता की शिकायतों की रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
मंगलुरु और आसपास के शहरी क्षेत्रों में चल रहे बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की भी उन्होंने समीक्षा की। सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय का कहना है कि मानसून के बाद के विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कन्नड़ राज्योत्सव के जश्न और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर
एक तरफ जहां प्रशासनिक फेरबदल और नए अधिकारियों की तैनाती का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण कन्नड़ में सांस्कृतिक गतिविधियों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। हाल ही में मंगलुरु के एसएसआरवीएम (SSRVM) संस्थान में कन्नड़ राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं का जश्न मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
इन सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय प्रशासन और शिक्षाविदों ने भी शिरकत की। डॉ. संतोष कुमार ने अपने संदेश में कहा कि भाषा और संस्कृति हमारी पहचान हैं और इनका संरक्षण करना हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन की ओर से ऐसे आयोजनों को हमेशा बढ़ावा दिया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहे।
आगामी विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार
जिला प्रशासन अब आगामी महीनों के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने में जुटा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक कल्याण योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना इस प्रशासन की परीक्षा होगी। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नए अतिरिक्त उपायुक्त से उम्मीद जताई है कि वे भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन देने का काम करेंगे।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि प्रशासनिक महकमे में इस नए नेतृत्व से आम जनता की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अब देखना यह होगा कि डॉ. संतोष कुमार इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं और जिले की तस्वीर बदलने में कितने सफल होते हैं।





