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दिवाली से पहले सोने और चांदी के भाव आसमान पर, जानिए आज का ताजा रेट

भारत में सोने और चांदी के दामों में लगातार भारी तेजी देखने को मिल रही है। अक्टूबर महीने की शुरुआत में ही सोने का भाव डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। त्योहारों के मौसम से ठीक पहले आई इस तेजी से आम ग्राहकों की जेब पर बड़ा असर पड़ रहा है, जिसके पीछे वैश्विक बाजार के ट्रेंड और मुनाफावसूली मुख्य वजह बताए जा रहे हैं।
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नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•7 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•47
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दिवाली से पहले सोने और चांदी के भाव आसमान पर, जानिए आज का ताजा रेट
📷 दिवाली से पहले सोने और चांदी के भाव आसमान पर, जानिए आज का ताजा रेट — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • भारत में सोने और चांदी के दामों में लगातार भारी तेजी देखने को मिल रही है। अक्टूबर महीने की शुरुआत में ही सोने का भाव डेढ़ लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। त्योहारों के मौसम से ठीक पहले आई इस तेजी से आम ग्राहकों की जेब पर बड़ा असर पड़ रहा है, जिसके पीछे वैश्विक बाजार के ट्रेंड और मुनाफावसूली मुख्य वजह बताए जा रहे हैं।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की चमक लोगों की आंखों को चौंधियाने लगी है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं, जिससे आम आदमी की पहुंच से सोना-चांदी दूर होते जा रहे हैं। बाजार से मिल रही ताजा जानकारी के अनुसार, चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है और यह बढ़कर सीधे रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई है। वहीं दूसरी तरफ, दस ग्राम सोने के दाम में भी हजारों रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है।

देशभर के सर्राफा बाजारों में इस समय खरीदारों की संख्या कम और भाव पूछने वालों की भीड़ ज्यादा नजर आ रही है। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनावों का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में मामूली गिरावट के बाद अचानक आई इस तेजी ने निवेशकों को तो फायदा पहुंचाया है, लेकिन जो आम लोग इस समय शादी-ब्याह या आगामी त्योहारों के लिए खरीदारी करने की सोच रहे थे, उनके लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है। व्यापारी वर्ग भी इस बात से हैरान है कि इतनी महंगाई के बावजूद सोने-चांदी की मांग में ज्यादा कमी नहीं आ रही है।

त्योहारों से पहले क्यों भाग रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

कीमती धातुओं के बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे कई बड़े आर्थिक कारण छिपे हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के माहौल के कारण निवेशकों का भरोसा सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों पर तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और वैश्विक निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली ने भी कीमतों को ऊपर धकेलने का काम किया है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में सुस्ती थी और ऐसा लग रहा था कि दाम कुछ कम होंगे, लेकिन अचानक आई इस तेजी ने सारे अनुमानों को गलत साबित कर दिया है और भाव फिर से आसमान छूने लगे हैं।

विभिन्न शहरों के सर्राफा बाजारों से मिल रहे आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव अब रिकॉर्ड उच्च स्तर को पार कर चुका है। जानकारों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में धनतेरस और दीपावली के पवित्र अवसरों पर मांग और अधिक बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में और भी उछाल आने की पूरी संभावना बनी हुई है। हालांकि, बीच-बीच में होने वाली मुनाफावसूली के कारण कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल रहा है, लेकिन कुल मिलाकर रुख तेजी का ही बना हुआ है।

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खरीदारों की जेब पर पड़ रहा भारी असर और बाजार का हाल

महंगाई के इस दौर में आम आदमी के लिए सोना खरीदना अब किसी बड़े निवेश जैसा हो गया है, जिसे पूरा करने के लिए लोगों को अपनी जमा पूंजी या लोन का सहारा लेना पड़ रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों के बाजारों में ग्राहकों की प्रतिक्रिया यही है कि इस साल शादियों के सीजन में जेवर बनवाना बहुत महंगा पड़ने वाला है। छोटे सुनार और व्यापारी भी मान रहे हैं कि जब तक वैश्विक बाजार शांत नहीं होते, तब तक घरेलू स्तर पर भी कीमतें कम होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।

स्थानीय बाजारों में महिलाएं और परिवार वाले रेट पूछकर सिर्फ मोलभाव करके वापस लौट रहे हैं, क्योंकि बजट से बाहर हो चुके दाम किसी को भी एक बार सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए वित्तीय सलाहकार भी यही सलाह दे रहे हैं कि ग्राहकों को एक साथ सारा सामान खरीदने के बजाय टुकड़ों में खरीदारी करनी चाहिए। द फ्रीलान्स की टीम ने जब बाजार के हालात का जायजा लिया, तो यह साफ हुआ कि लोग अब सोने के विकल्पों के रूप में डिजिटल गोल्ड या अन्य निवेश के तरीकों पर भी विचार करने लगे हैं ताकि बढ़ती महंगाई से बचा जा सके।

आगे क्या रह सकती है चाल और क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीतियां और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले सोने-चांदी की चाल तय करेंगे। यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में तनाव बना रहता है, तो इन धातुओं की कीमतें और नए रिकॉर्ड बना सकती हैं। दूसरी ओर, यदि बाजार में मुनाफावसूली का दौर तेज होता है, तो कीमतों में कुछ समय के लिए हल्की नरमी भी देखने को मिल सकती है।

आम जनता के लिए यही बेहतर है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक बाजार भाव देखकर ही खरीदारी का निर्णय लें। द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि त्योहारी चमक के बीच सोने और चांदी के ये बढ़ते आंकड़े हर मध्यमवर्गीय परिवार के बजट को गहराई से प्रभावित कर रहे हैं और आने वाले दिनों में बाजार की नजरें पूरी तरह से वैश्विक संकेतों पर टिकी रहेंगी।

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