नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने देश के मौसम को लेकर एक नया और बेहद गंभीर अलर्ट जारी किया है। अगले 15 से 20 घंटों के भीतर उत्तर भारत से लेकर दक्षिण तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत करीब 15 राज्यों में अचानक झमाझम बारिश और ओले गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद आम जनजीवन और किसानों की चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं क्योंकि इस बेमौसम बदलाव से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और उत्तर-पूर्वी मानसून के असर के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आसमान में घने बादल छाने लगे हैं और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने राजधानी दिल्ली में अगले कुछ घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि हवा की रफ्तार अचानक बढ़ सकती है और दृश्यता कम हो सकती है।
उत्तर प्रदेश और पंजाब में ओलावृष्टि के पूरे आसार
मैदानी इलाकों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर दिखने वाला है। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जैसे इलाकों में कल झमाझम बारिश के साथ ओले गिरने के पूरे आसार हैं। किसानों के लिए यह समय बहुत संवेदनशील है क्योंकि धान की कटाई और बुवाई का दौर चल रहा है। खेतों में खड़ी फसलें तेज आंधी और ओलावृष्टि से प्रभावित हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।
पंजाब और हरियाणा में भी मौसम विभाग की टीम लगातार सैटेलाइट तस्वीरों से हालात पर नजर बनाए हुए है। इन दोनों राज्यों के कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बिजली कड़कने और अचानक तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों और यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।
दक्षिण राज्यों में भी मानसून का भारी असर
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं बल्कि देश के दक्षिणी हिस्से में भी उत्तर-पूर्वी मानसून की धमाकेदार शुरुआत हो चुकी है। तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इन दक्षिण राज्यों के कई जिलों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है।
मछुआरों को भी सलाह दी गई है कि वे समुद्र में उतरने से बचें क्योंकि तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें बहुत ऊंची उठ सकती हैं। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह मौसमी हलचल अगले दो से तीन दिनों तक बनी रह सकती है। तापमान में आई इस अचानक गिरावट से ठंड की शुरुआती आहट भी महसूस होने लगी है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले मौसम विभाग के ताजा अपडेट जरूर देख लें ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस अचानक आए मौसमी बदलाव से निपटने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों ने आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को अलर्ट पर रख दिया है। यातायात विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे हाइवे पर वाहनों की गति पर नजर रखें ताकि खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण किसी भी सड़क दुर्घटना से बचा जा सके। बिजली विभागों को भी हिदायत दी गई है कि आंधी-तूफान के दौरान यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जाए। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम आप तक सबसे पहले पहुंचाएंगे।








