भारतीय रेल देश की लाइफलाइन मानी जाती है। हाल ही में रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए रेलवे प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है। सुरक्षा से लेकर साफ-सफाई और नए रेल मार्गों के निर्माण तक कई काम चल रहे हैं।
बिहार के बिहटा में रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ ने एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान का मुख्य मकसद लोगों को रेल सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना था। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे पटरी पार करते समय सावधानी बरतें और ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा न करें। छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में हर दो घंटे में होगी सफाई
यात्रियों की एक बड़ी शिकायत हमेशा ट्रेनों में गंदगी को लेकर रहती थी। इसे दूर करने के लिए पूर्व मध्य रेल ने एक नई व्यवस्था शुरू की है। अब लंबी दूरी की चुनिंदा ट्रेनों में हर दो घंटे के बाद सफाई की जाएगी। इस नई और सख्त व्यवस्था में गरीब रथ जैसी लोकप्रिय ट्रेनों को भी शामिल किया गया है। ट्रेन के अंदर सफर के दौरान लगातार सफाई होने से यात्रियों को गंदे टॉयलेट या कचरे की समस्या से राहत मिलेगी।
दूसरी ओर, माल ढुलाई के मामले में भी रेलवे ने तेजी दिखाई है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय यानी पीडीडीयू रेल मंडल से हाल ही में 445 मालगाड़ियों का सफल आवागमन दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि देश के आर्थिक पहिए को गति देने में मालगाड़ियों का संचालन कितनी अहम भूमिका निभा रहा है। समय पर मालगाड़ियों के पहुंचने से व्यापार और उद्योगों को सीधा फायदा मिलता है।
हाथियों की आवाजाही से रुकी ट्रेनों की रफ्तार
प्रकृति और विकास के बीच कई बार टकराव की स्थिति बन जाती है। ऐसा ही एक मामला हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर सामने आया है। पटरियों के आसपास हाथियों की आवाजाही बढ़ जाने के कारण ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। सुरक्षा कारणों से इस व्यस्त रूट पर करीब बारह ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा है। वन विभाग और रेलवे के अधिकारी मिलकर इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे।
यात्रियों की सुविधा के दायरे को बढ़ाते हुए उत्तर भारत में रेल लाइनों के दोहरीकरण का काम भी तेज कर दिया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अहम दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन का अब दोहरीकरण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से बागपत और शामली के यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। एक से ज्यादा ट्रैक होने पर ट्रेनों का लेट होना कम होगा और समय पर गंतव्य तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
सुरक्षा और समयबद्धता पर रेलवे का पूरा जोर
रेलवे प्रशासन का मुख्य फोकस इस समय यात्रियों की सुरक्षा, साफ-सफाई और ट्रेनों की समयबद्धता पर है। एक तरफ जहां पटरियों के विस्तार से ट्रैफिक का दबाव कम हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ ऑन-बोर्ड सफाई जैसी सुविधाओं से सफर आरामदायक हो रहा है। जानकारों का मानना है कि इन सुधारों से आने वाले दिनों में आम यात्रियों का सफर और अधिक सुरक्षित और सुखद बनेगा।







