भारतीय रेलवे में बेटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ इन दिनों प्रशासन का शिकंजा बेहद कड़ा हो गया है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी और उसके आसपास के रेल खंड पर एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। जैसे ही ट्रेन के अंदर टिकट चेकिंग स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल के जवान अचानक प्रकट हुए, बोगियों में अफरा-तफरी मच गई। बिना टिकट सफर कर रहे लोगों को समझ ही नहीं आया कि वे क्या करें। डर के मारे कई लोगों ने चलती ट्रेन से ही बाहर छलांग लगा दी।
यात्रियों की इस खतरनाक हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन से कूद रहे हैं। कुछ शातिर बेटिकट यात्रियों ने खुद को बचाने के लिए ट्रेन के टॉयलेट के अंदर खुद को बंद कर लिया। हालांकि, चेकिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए एक-एक डिब्बे की सघन तलाशी ली। टॉयलेट के दरवाजे खटखटाकर बाहर निकाले गए इन यात्रियों की हालत देखने लायक थी।
ट्रेन के टॉयलेट में छिपे और चलती गाड़ी से कूदे यात्री
इस अचानक चले अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों ने कुल 371 बेटिकट यात्रियों को दबोच लिया। पकड़े गए सभी यात्रियों को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए विशेष सुरक्षा के साथ लखनऊ लाया गया। रेलवे के इस कड़े रुख से रोजाना बिना टिकट सफर करने वाले लोगों में भारी दहशत का माहौल है। रेलवे अधिकारियों का साफ कहना है कि ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि ईमानदार यात्रियों को परेशानी न हो।
बेटिकट यात्रियों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने के लिए रेलवे अब तकनीकी मदद का भी सहारा ले रहा है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक आने वाले दिनों में टिकट चेकिंग स्टाफ यानी टीटीई स्टाफ को विशेष रूप से डिजाइन की गई कैमरे वाली जैकेट पहनाई जाएगी। इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि चेकिंग के दौरान पूरी पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही इस बात पर भी रोक लगेगी कि कोई कर्मचारी यात्रियों से रिश्वत लेकर उन्हें छोड़ सके।
टीटीई को मिलेंगी कैमरे वाली जैकेट, घूसखोरी पर कसेगा शिकंजा
रेलवे प्रशासन का मानना है कि इन कैमरों के जरिए हर एक गतिविधि पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। यदि कोई यात्री बिना टिकट पकड़ा जाता है तो उसे तय नियमों के तहत जुर्माना भरना ही होगा। अधिकारियों का कहना है कि लोग कुछ पैसों की बचत के चक्कर में अपनी जान दांव पर लगा देते हैं जो बेहद खतरनाक है। चलती ट्रेन से कूदने जैसी घटनाएं किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इसलिए यात्रियों को जागरूक होने की बहुत जरूरत है।
जमीनी स्तर पर काम कर रहे हमारे संवाददाताओं ने पाया कि इस तरह के औचक निरीक्षण से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में हड़कंप जरूर मचता है, लेकिन इससे अवैध यात्रा पर रोक लगाने में काफी मदद मिल रही है। आम यात्रियों का भी यह कहना है कि जो लोग वैध टिकट लेकर यात्रा करते हैं, उन्हें बेटिकट लोगों की वजह से भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। भीड़भाड़ वाले डिब्बों में ये लोग बिना टिकट घुस जाते हैं जिससे आरक्षित सीटों वाले यात्रियों का सफर मुश्किल हो जाता है।
रेलवे का कड़ा संदेश: बिना टिकट सफर करने पर होगी सख्त कार्रवाई
आने वाले दिनों में भारतीय रेलवे देश के अन्य व्यस्त मार्गों पर भी इसी तरह के बड़े और औचक अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। जनता से भी लगातार अपील की जा रही है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें। रेलवे की यह सख्ती साफ दिखाती है कि अब सिस्टम में सुधार लाने के लिए प्रशासन हरसंभव सख्त कदम उठाने को पूरी तरह तैयार है।






