पुणे के चर्चित केतन हत्याकांड की फाइलें जैसे-जैसे खुल रही हैं, परत दर परत खौफनाक साजिश के नए और हैरान करने वाले अध्याय सामने आ रहे हैं। 'द फ्रीलान्स' की ऑन-द-ग्राउंड इन्वेस्टिगेटिव टीम द्वारा जुटाई गई जानकारी और पुलिस सूत्रों के हवाले से यह साफ हो चुका है कि यह मामला केवल एक तात्कालिक आवेश में किया गया अपराध नहीं, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र था। इस बीच, गवाहों को धमकाने और मामले में नए किरदारों की एंट्री ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को और उलझा दिया है।
'चुप रहो, वरना नीचे फेंक दूंगा': गवाह को सीधी धमकी
जांच के दौरान सबसे डरावना पहलू यह सामने आया है कि इस हत्याकांड के एक अहम गवाह को मुख्य आरोपी चेतन चौधरी की ओर से सीधे तौर पर डराया-धमकाया गया। गवाह को चेतावनी दी गई कि यदि उसने मुंह खोला तो उसका अंजाम भी केतन जैसा ही होगा और उसे ऊपर से नीचे फेंक दिया जाएगा। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से गवाह और उसका परिवार दहशत में है। हमारी टीम ने जब स्थानीय थाने और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, तो पता चला कि पुलिस अब इस गवाह को सुरक्षा मुहैया कराने पर विचार कर रही है ताकि न्याय की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
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लोहगढ़ किले का रहस्य और 'हूडी' वाला शख्स
घटनाक्रम में एक नया मोड़ तब आया जब तकनीकी सर्विलांस और फॉरेंसिक साक्ष्यों से यह संकेत मिला कि जिस समय वारदात को अंजाम दिया गया या उससे जुड़ी साजिश रची जा रही थी, तब मुख्य आरोपी चेतन चौधरी की भौतिक उपस्थिति लोहगढ़ किले के आसपास नहीं थी। सवाल यह उठता है कि अगर चेतन वहां नहीं था, तो फिर वह संदिग्ध कौन था जो हुडी पहनकर सिया गोयल के साथ देखा गया था? क्या सिया के साथ मिलकर किसी अन्य व्यक्ति ने केतन को रास्ते से हटाने की खौफनाक पटकथा लिखी थी? पुलिस अब इस 'हूडी मैन' की शिनाख्त के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
शादी टालने की साजिश या कुछ और?
पुलिस पूछताछ और शुरुआती खुलासों से यह बात भी सामने आई है कि सिया और चेतन कथित तौर पर केतन और सिया के बीच तय हुई शादी को टालना या रद्द करवाना चाहते थे। इस मकसद को पूरा करने के लिए शुरुआत में केतन को केवल शारीरिक रूप से घायल करने की योजना बनाई गई थी ताकि शादी टल जाए। लेकिन यह मामूली मारपीट या चोट पहुंचाने की योजना कब और कैसे एक बेरहम कत्ल में बदल गई, यही वह पहेली है जिसे सुलझाने में पुलिस के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग के पसीने छूट रहे हैं।
चेतन के क्लासमेट की एंट्री और सिया के परिवार पर उठे सवाल
इस हत्याकांड में अब चेतन के एक क्लासमेट की भी संदिग्ध एंट्री हो चुकी है। पुलिस को शक है कि इस क्लासमेट ने साजिश को रचने, शरण देने या हत्या के बाद सबूत मिटाने में अहम भूमिका निभाई होगी। उसे रडार पर रखकर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर, केतन के पिता ने मीडिया और जांच अधिकारियों के सामने यह गंभीर सवाल खड़ा किया है कि क्या इस मर्डर में सिया गोयल के परिवारवालों की भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता थी? पीड़ित पिता का दावा है कि जब चार्जशीट दाखिल होगी, तब कई ऐसे छिपे हुए राज बाहर आएंगे जो इस कुचक्र में शामिल अन्य चेहरों बेनकाब कर देंगे।
निष्कर्ष और भविष्य की दिशा
'द फ्रीलान्स' की पड़ताल यह दर्शाती है कि पुणे पुलिस पर इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने का भारी दबाव है। आरोपियों के पैंतरे, धमकियां और लगातार बदलते बयानों के बीच फॉरेंसिक सबूत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) ही इस केस का रुख तय करेंगे। गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए यदि पुलिस ने तेजी से चार्जशीट दाखिल की, तो वे सभी चेहरे बेनकाब हो जाएंगे जिन्होंने इस सुनियोजित कत्ल की इबारत लिखी थी।









