बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कानून और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में मोतीपुर थाना क्षेत्र के राजेपुर ओपी अंतर्गत पानापुर गांव में रविवार को तड़के साइबर क्राइम की एक विशेष टीम ने बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान एक स्थानीय मोबाइल दुकानदार को हिरासत में लिया गया, जिस पर साइबर धोखाधड़ी और चोरी के सामान के कारोबार में संलिप्त होने का गंभीर आरोप है। इस घटना के बाद से इलाके के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है।
तड़के सुबह अचानक हुई छापेमारी से सहम गए ग्रामीण
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की अहले सुबह जब ग्रामीण अपनी नींद से भी नहीं जागे थे, तभी अचानक साइबर क्राइम सेल की गाड़ियां पानापुर गांव में आकर रुकीं। स्थानीय निवासियों को शुरुआत में कुछ समझ नहीं आया कि मा माजरा क्या है। लेकिन कुछ ही देर में पुलिस बल और साइबर सेल के अधिकारियों ने मो. अजीमुल्लाह के घर को घेर लिया। यह कार्रवाई इतनी गोपनीयता और तेजी से की गई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
टीम सीधे घर के अंदर दाखिल हुई और सो रहे मो. परवेज को दबोच लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस बल के साथ आई साइबर सेल की टीम अपने साथ जरूरी कागजात और वारंट लेकर आई थी। परवेज को जब नींद से उठाया गया, तो वह पूरी तरह हैरान रह गया। इसके बाद टीम ने उसके घर की चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली, जिसमें कई संदिग्ध सामग्रियां हाथ लगीं।
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मोतीपुर बाजार में चलाता था मोबाइल की दुकान
पकड़े गए आरोपी मो. परवेज के बारे में स्थानीय लोगों ने बताया कि वह मोतीपुर मुख्य बाजार में मोबाइल की दुकान चलाता था। उसकी दुकान पर अक्सर लोगों का आना-जाانا लगा रहता था। वह मोबाइल रिपेयरिंग के साथ-साथ पुराने और नए मोबाइल बेचने का काम भी करता था। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि परवेज इस तरह के किसी संदिग्ध या गैरकानूनी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
साइबर क्राइम सेल को लंबे समय से इस इलाके में कुछ संदिग्ध मोबाइल गतिविधियों और साइबर ठगी के मामलों की शिकायतें मिल रही थीं। तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के आधार पर जब जांच की गई, तो सुई घूम-घूमकर मोतीपुर और आसपास के इलाकों की तरफ इशारा करने लगी। इसी कस्टडी और सुराग के आधार पर पुलिस ने इस सुनियोजित छापेमारी को अंजाम दिया है।
छापेमारी के दौरान बरामद हुए चोरी के मोबाइल और पार्ट्स
साइबर क्राइम की टीम ने जब परवेज के घर और उसकी दुकान से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया, तो वहां से भारी मात्रा में संदिग्ध सामान मिला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान कई चोरी के स्मार्टफोन्स और अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल पार्ट्स बरामद किए गए हैं। इन मोबाइलों के IMEI नंबर और अन्य डेटा की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये फोन कहां से चुराए गए थे और इन्हें किस अवैध नेटवर्क के जरिए खपाया जा रहा था।
आमतौर पर साइबर अपराधी चोरी किए गए मोबाइलों का इस्तेमाल फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट करने, बैंक खातों से अवैध निकासी करने और डिजिटल ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए करते हैं। पुलिस अब इस एंगल से भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या परवेज केवल चोरी के फोन खरीदने और बेचने का काम करता था या फिर वह सीधे तौर पर किसी बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का हिस्सा था।
"साइबर अपराध और चोरी के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। आरोपी से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों का भी खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।" — स्थानीय पुलिस एवं साइबर सेल अधिकारी
साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों पर पुलिस की पैनी नजर
पिछले कुछ महीनों में बिहार के अलग-अलग जिलों में साइबर अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। मुजफ्फरपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी साइबर ठगों द्वारा नए-नए हथकंडे अपनाने के मामले सामने आते रहे हैं। कभी लोगों को लॉटरी का झांसा देकर तो कभी बैंक केवाईसी के नाम पर ठगी की जाती है। ऐसे मामलों में अक्सर चोरी के मोबाइलों और फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल होता है।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परवेज के तार राज्य के बाहर के किसी बड़े साइबर सिंडिकेट से जुड़े हैं या नहीं। मोतीपुर बाजार के अन्य दुकानदारों से भी इस मामले में पूछताछ की जा सकती है ताकि यह साफ हो सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ जारी
साइबर क्राइम की टीम मो. परवेज को हिरासत में लेने के बाद उसे अपने साथ सुरक्षित ठिकाने पर ले गई है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। बरामद किए गए मोबाइलों और पार्ट्स को फॉरेसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने और मामले के तमाम तकनीकी पहलू सामने आने के बाद कोर्ट में पेश कर आगे की रिमांड की मांग की जाएगी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल है और लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि कैसे साधारण दिखने वाले लोग इस तरह के अपराधों में शामिल हो जाते हैं।






