मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस कार्यक्रम में जिन छात्रों ने राहुल गांधी से मिलकर राज्य के युवाओं और छात्रों की समस्याओं को साझा किया था, उनमें से एक मुख्य छात्र कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI से जुड़ा हुआ निकला। इस खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पार्टी पर मध्य प्रदेश के युवाओं और छात्रों के साथ सीधा धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है।
छात्र नेता तनय शर्मा ने किया स्वीकार, बोले- 'मैं पहले छात्र हूं, फिर NSUI कार्यकर्ता'
मामले के केंद्र में आए छात्र तनय शर्मा, जो भोपाल की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में पढ़ाई करते हैं, ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी से मंच पर बात की थी। कार्यक्रम के बाद बीजेपी ने तनय की सोशल मीडिया प्रोफाइल को सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि वह कोई आम छात्र नहीं, बल्कि एनएसयूआई के पदाधिकारी हैं।
इस विवाद के सामने आने के बाद तनय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि वह वर्तमान में एनएसयूआई के कार्यकर्ता हैं और पूर्व में एनएसयूआई के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। तनय ने सफाई देते हुए कहा, "मैं एनएसयूआई कार्यकर्ता हूं, लेकिन उससे पहले एक छात्र हूं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना मेरी प्राथमिकता है। एनएसयूआई कोई आतंकवादी संगठन नहीं है, जिसे लेकर बीजेपी अनावश्यक राजनीतिक मुद्दा बना रही है।"
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माखनलाल यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप
तनय शर्मा ने अपनी समस्या के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने मास्टर इन कम्युनिकेशन में एडमिशन के दौरान हुई कथित धांधली और इंटरव्यू में फेल किए जाने का मामला राहुल गांधी के सामने रखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को ऐसे छात्र नहीं चाहिए जो सवाल पूछें, बल्कि उन्हें 'अंधभक्त' छात्र पसंद हैं।
तनय के मुताबिक, राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने से पहले दिल्ली से आई एक विशेष टीम ने उनका दो बार इंटरव्यू लिया था, जिसके बाद उनका चयन हुआ और उन्हें राहुल गांधी के साथ मंच साझा करने का मौका मिला।
बीजेपी ने बोला तीखा हमला, मांगी माफी
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी ने कहा कि इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की सच्चाई अब पूरे प्रदेश के सामने बेनकाब हो गई है। यह छात्रों की वास्तविक आवाज नहीं, बल्कि कांग्रेस द्वारा तैयार किया गया एक स्क्रिप्टेड राजनीतिक फर्जीवाड़ा था।
राहुल कोठारी ने आगे कहा कि जिन लोगों को आम छात्र बताकर मंच पर पेश किया गया, वे असल में कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारी निकले। कांग्रेस के पास अब युवाओं का समर्थन नहीं बचा है, इसलिए वह अपने ही कार्यकर्ताओं को छात्र बनाकर राहुल गांधी के सामने खड़ा कर रही है। बीजेपी ने मांग की है कि इस झूठ को परोसने के लिए कांग्रेस नेताओं को तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और राजनीतिक बयानों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि करता है। यह मामला राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। साभार: संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स / राजनीतिक दल।




