मलयालम सिनेमा के गलियारों से इन दिनों एक ऐसी फिल्म की चर्चा तेजी से बाहर आ रही है जिसने रिलीज होते ही दर्शकों को अपनी सीट से बांध लिया है। इस फिल्म का नाम 'प्रधम दृष्ट्या कुत्ताक्कार' है, जिसकी कहानी इतनी पेचीदा और तेज है कि लोग इसकी तुलना मोहनलाल की सुपरहिट फिल्म 'दृश्यम' से कर रहे हैं। फिल्म की कहानी चार पुलिसवालों और दो लाशों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दर्शकों को आखिरी पल तक सोचने पर मजबूर कर देती है। सोशल मीडिया और रिव्यू प्लेटफॉर्म्स पर इस फिल्म को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में दक्षिण भारत की जानी-मानी अभिनेत्री पार्वती थिरुवोथु ने मुख्य भूमिका निभाई है। पार्वती ने इस फिल्म में एक तेज-तर्रार और गंभीर पुलिस अफसर का किरदार निभाया है, जिसके काम करने के तरीके को काफी पसंद किया जा रहा है। फिल्म के फर्स्ट लुक सामने आने के बाद से ही फैंस के बीच इसका क्रेज काफी बढ़ गया था। अब जब यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है, तो दर्शक इसे घर बैठे बड़े आराम से देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसके हर एक सीन की चर्चा कर रहे हैं।
कहानी में चार पुलिसवाले और दो लाशों का रहस्य
फिल्म की पटकथा इतनी कसकर बुनी गई है कि इसमें जरा भी ढील देखने को नहीं मिलती है। कहानी की शुरुआत एक ऐसी घटना से होती है जहां महकमे के भीतर ही शक की सुई घूमने लगती है। चार पुलिसवाले इस पूरे मामले में फंसते नजर आते हैं और दो लाश मिलने के बाद मामला पूरी तरह से उलझ जाता है। फिल्म के निर्देशक ने हर एक किरदार को बहुत बारीकी से गढ़ा है ताकि दर्शकों को पुलिस विभाग के अंदरूनी दबाव और तनाव का अंदाजा हो सके। कहानी आगे बढ़ने के साथ-साथ हर मिनट नए खुलासे होते हैं जो दर्शकों को हैरान कर देते हैं।
समीक्षा करने वालों का मानना है कि यह फिल्म एक मिक्स्ड-बैग थ्रिलर है, लेकिन इसका मुख्य आइडिया और प्रस्तुति इसे खास बनाती है। फिल्म में पुलिस महकमे के अंदर की राजनीति और दबाव को बहुत ही करीब से दिखाया गया है। एक तरफ जहां अपराधी को पकड़ने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ खुद को बचाने की जद्दोजहद भी इस कहानी को बेहद दिलचस्प बनाती है। पार्वती थिरुवोथु का अभिनय इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ है, जिन्होंने अपनी संजीदा एक्टिंग से पुलिस अफसर के किरदार में जान फूंक दी है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की भारी भीड़
थिएटर के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के बाद इस फिल्म को देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। द इकोनॉमिक टाइम्स और हिंदुस्तान जैसे बड़े प्रकाशनों ने भी इस फिल्म की कहानी और इसके मेकिंग स्टाइल की तारीफ की है। आईएमडीबी पर इस फिल्म को अच्छी रेटिंग मिली है, जो यह साबित करती है कि कहानी के स्तर पर दर्शकों को कुछ नया और दमदार देखने को मिला है। जिन लोगों को मिस्ट्री और पुलिस इन्वेस्टिगेशन वाली फिल्में पसंद हैं, उनके लिए यह वीकेंड पर देखने के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन गई है।
फिल्म के डायलॉग और बैकग्राउंड म्यूजिक ने इसके सस्पेंस को और ज्यादा गहरा कर दिया है। हर एक सीन में जिस तरह का तनाव दिखाया गया है, वह दर्शकों को स्क्रीन से नजरें नहीं हटाने देता। मलयालम सिनेमा लगातार इस तरह की लीक से हटकर कहानियां बनाने के लिए जाना जाता है और 'प्रधम दृष्ट्या कुत्ताक्कार' ने इस परंपरा को और आगे बढ़ाया है। आने वाले दिनों में इस फिल्म के व्यूअरशिप के आंकड़े और ऊपर जाने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
पार्वती थिरुवोथु के अभिनय ने जीता फैंस का दिल
पार्वती थिरुवोथु ने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक गंभीर और दमदार भूमिकाएं निभाई हैं। इस फिल्म में उनका खाकी वर्दी वाला अवतार उनके फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। उन्होंने एक ऐसी पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया है जो हर परिस्थिति में न्याय के करीब पहुंचने की कोशिश करती है, भले ही इसके लिए उसे अपने ही विभाग के लोगों के खिलाफ क्यों न जाना पड़े। उनके हाव-भाव और डायलॉग डिलीवरी ने इस किरदार को बेहद प्रामाणिक बना दिया है।
अंत में अगर बात करें तो यह फिल्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे एक अपराध की जांच के दौरान सिस्टम के भीतर की परतें उधड़ती हैं। अगर आप भी वीकेंड पर कोई बेहतरीन थ्रिलर फिल्म देखने की सोच रहे हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। इसकी तेज रफ्तार और उलझी हुई कहानी आपको अंत तक जोड़े रखेगी।





