पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान बाजवा ने कहा कि जब तक सीएम खुद नशामुक्त नहीं होते, तब तक पंजाब कैसे नशामुक्त हो सकता है।
'हमने मांगा था सीएम, हमें मिल गया चीफ एंटरटेनर'
प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के युवाओं की पहचान उनका 'रोबस्ट कैरेक्टर' और खूबसूरती थी, जो अब पूरी तरह गायब दिखती है। पंजाब की जनता ने एक ऐसे मुख्यमंत्री के लिए वोट दिया था, जो एक कुशल प्रशासक हो और जिसके पास राज्य के लिए एक विजन हो, लेकिन अफसोस है कि हमने चीफ मिनिस्टर मांगा था, हमें चीफ एंटरटेनर मिल गया। बाजवा ने तुर्की की एक प्रसिद्ध कहावत का जिक्र करते हुए तंज कसा कि जब कोई मसखरा महल में प्रवेश करता है तो वह राजा नहीं बनता बल्कि पूरा महल सर्कस बन जाता है। आज पंजाब में ठीक यही हो रहा है।
नशे के मुद्दे पर भगवंत मान को घेरते हुए बाजवा ने आरोप लगाया कि जो मुख्यमंत्री खुद नशे के प्रभाव से बाहर नहीं आ पा रहे हैं, वे पंजाब से नशा खत्म करने का दावा कैसे कर सकते हैं। पिछले सालों में मुख्यमंत्री खुद नशामुक्त नहीं हो सके, तो वे प्रदेश को कैसे संभालेंगे।
सीएम कैंप ऑफिस पर सीबीआई रेड और विधायकों की योग्यता पर सवाल
मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय और उनके करीबियों पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर बोलते हुए बाजवा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी केंद्रीय एजेंसी की समर्थक नहीं है, लेकिन अगर मुख्यमंत्री समझदारी से काम लेते तो यह नौबत नहीं आती। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सीएम के ओएसडी और करीबियों के खिलाफ ट्रांसफर और पोस्टिंग में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया जिसके बाद मामला हाईकोर्ट और सीबीआई तक पहुंचा।
आम आदमी पार्टी के विधायकों की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में चपरासी की सरकारी नौकरी के लिए भी न्यूनतम योग्यता 10वीं या 12वीं पास होना अनिवार्य है, लेकिन 'आप' के कई विधायक केवल इसी योग्यता के दायरे में आते हैं। जब जनप्रतिनिधियों के पास प्रशासनिक समझ और दूरदर्शिता नहीं होगी, तो राज्य का विकास कैसे संभव होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और राजनीतिक मंचों पर दिए गए बयानों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो और बयान साभार: संबंधित मीडिया संस्थान / सोशल मीडिया हैंडल।
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