बेंगलुरु/ग्राउंड ब्यूरो — कन्नड़ फिल्म जगत के चहेते स्टार पुनीत राजकुमार को लेकर कर्नाटक सरकार ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने दिवंगत अभिनेता पुनीत राजकुमार को राज्य के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'कर्नाटक रत्न' से सम्मानित करने का आधिकारिक ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद से पूरे राज्य में एक बार फिर से अपने प्रिय 'अप्पू' की यादें ताजा हो गई हैं। पिछले साल अक्टूबर महीने में उनके अचानक हुए निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोड़ों फैंस सदमे में आ गए थे। आज भी लोग उस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि पुनीत राजकुमार सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि वे एक महान इंसान भी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में चुपचाप कई समाज सेवा के काम किए थे। वे हजारों बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते थे और कई अनाथालयों की मदद करते थे। सरकार का मानना है कि कला और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान इतना बड़ा है कि उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाना पूरी तरह सही है। यह सम्मान उनके परिवार और उनके फैंस के लिए एक बहुत बड़ी भावनात्मक बात होगी।
कन्नड़ सिनेमा और जनसेवा में अप्पू का अतुलनीय योगदान
पुनीत राजकुमार को लोग प्यार से 'अप्पू' कहकर बुलाते थे। उन्होंने बाल कलाकार के रूप में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था और बाद में एक लीड हीरो के तौर पर कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। उनकी फिल्मों में हमेशा परिवार के लिए प्यार, अच्छा संदेश और मनोरंजन होता था। पर्दे के बाहर वे बहुत ही सरल स्वभाव के इंसान थे। वे कभी भी अपने सामाजिक कामों का प्रचार- प्रसार नहीं करते थे। जब उनके जाने के बाद लोगों को पता चला कि वे कितने बड़े पैमाने पर लोगों की मदद कर रहे थे, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।
कर्नाटक रत्न पुरस्कार राज्य का सबसे बड़ा सम्मान है जो बहुत ही कम लोगों को मिला है। इस सूची में डॉ. राजकुमार (पुनीत के पिता), एस. रामाकृष्णा, कुवेम्पू, डॉ. बी.आर. अंबेडकर, और जे.एच. पटेल जैसे महान दिग्गजों के नाम शामिल हैं। अब इस खास और प्रतिष्ठित सूची में पुनीत राजकुमार का नाम भी जुड़ने जा रहा है। सरकार जल्द ही इस पुरस्कार को देने के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करेगी जिसमें उनके परिवार के सदस्यों और राज्य के कई बड़े दिग्गजों के शामिल होने की उम्मीद है।
फैंस और पूरे दक्षिण भारत में खुशी की लहर
जैसे ही सरकार ने कर्नाटक रत्न देने की यह खबर साझा की, सोशल मीडिया पर बधाइयों और भावनाओं का तांता लग गया। उनके फैंस का कहना है कि सरकार का यह फैसला बिल्कुल सही समय पर आया है। हालांकि वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके अच्छे काम हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। बंगलुरु से लेकर मैसूर तक, हर गली और चौराहे पर उनके फैंस इस बात से खुश हैं कि उनके चहेते अभिनेता को वो सम्मान मिल रहा है जिसके वे सचमुच हकदार थे।
द फ्रीलान्स की टीम ने जब बंगलुरु के कुछ स्थानीय सिनेमाघरों और आम लोगों से बात की, तो हर किसी की जुबान पर पुनीत का ही नाम था। लोगों का कहना था कि अप्पू सर ने भले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन वे हर कन्नड़ वासी के परिवार के सदस्य की तरह हमेशा जीवित रहेंगे। आने वाले दिनों में इस सम्मान समारोह को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि लाखों की संख्या में पहुंचने वाले फैंस को कोई परेशानी न हो।
प्रशासनिक तैयारियां और आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा
कर्नाटक सरकार के संस्कृति विभाग ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर अपनी शुरुआती बैठकें शुरू कर दी हैं। राजधानी बेंगलुरु में होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यभर से प्रमुख हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और फिल्म जगत के बड़े कलाकारों को आमंत्रित किए जाने की योजना है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि कार्यक्रम के दौरान आने वाले लाखों प्रशंसकों की भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके, क्योंकि पुनीत राजकुमार के प्रति लोगों का अगाध प्रेम और दीवानगी किसी से छिपी नहीं है।
राज्य के सांस्कृतिक मंत्रियों और अधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन बेहद गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न होगा, जो दिवंगत अभिनेता के कद और उनके योगदान के अनुरूप हो। उनके परिवार को इस सम्मान को ग्रहण करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कर्नाटक का हर नागरिक उत्सुक है और यह दिन कन्नड़ सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो जाएगा।





