कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने और बेहद लोकप्रिय अभिनेता पुनीत राजकुमार को आज भी उनके चाहने वाले पूरी शिद्दत से याद कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैंस लगातार उनकी तस्वीरें और पुरानी फिल्में शेयर कर रहे हैं। उनके निधन की खबर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। आज भी उनके फैंस इस बात को आसानी से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उनका प्यारा राजकुमार अब इस दुनिया में नहीं है।
सोशल मीडिया पर पिछले कुछ घंटों से पुनीत राजकुमार से जुड़े ट्रेंड्स लगातार ऊपर बने हुए हैं। लोग उन्हें प्यार से 'अप्पू' कहकर याद कर रहे हैं। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर उनके पुराने वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। हर कोई उनके नेक कामों और उनकी सादगी की चर्चा कर रहा है। अभिनेता ने अपने जीवनकाल में गरीबों और जरूरतमंदों की बहुत मदद की थी।
सिनेमा जगत के दिग्गजों और फैंस की नम आंखें
पुनीत राजकुमार के जाने से केवल कर्नाटक ही नहीं बल्कि पूरे देश का सिनेमा जगत उदास हो गया था। साउथ फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें याद किया है। कलाकारों का कहना है कि पुनीत सिर्फ एक अच्छे अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी थे। उनकी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं और लोग उन्हें परिवार के साथ देखना पसंद करते हैं।
थिएटर्स और सिनेमाघरों में भी फैंस अपने चहेते स्टार को याद कर रहे हैं। हाल ही में कर्नाटक में उनकी आखिरी फिल्म 'जेम्स' को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चाएं देखने को मिली थीं। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि कुछ जगहों पर पुनीत की फिल्म की जगह दूसरी फिल्मों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि, इन सब विवादों से परे फैंस के दिलों में पुनीत के लिए प्यार आज भी पूरी तरह से बरकरार है।
अप्पू के सामाजिक काम और उनकी अमिट विरासत
पुनीत राजकुमार ने अपनी फिल्मों के अलावा अपने सामाजिक कामों से भी लोगों का दिल जीता था। उन्होंने कई अनाथ आश्रमों, स्कूलों और गोशालाओं को गुप्त रूप से गोद लिया था। उनके जाने के बाद जब लोगों को इन बातों का पता चला, तो हर कोई हैरान रह गया था। उनकी आंखें दान करने के फैसले ने समाज में एक बहुत बड़ा संदेश दिया था। आज भी हजारों लोग उनके नक्शेकदम पर चलकर नेत्रदान का संकल्प ले रहे हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु और कर्नाटक के दूसरे शहरों में आज भी उनके फैंस क्लब सक्रिय रूप से सामाजिक सेवा के काम कर रहे हैं। वे गरीबों को खाना खिलाते हैं और रक्तदान शिविर लगाते हैं। पुनीत के फैंस का मानना है कि यही असली तरीका है अपने चहेते कलाकार को हमेशा जिंदा रखने का। उनका यह प्यार साबित करता है कि सच्चे कलाकारों की मौत कभी नहीं होती।
कन्नड़ संस्कृति और जनमानस पर पुनीत का गहरा असर
पुनीत राजकुमार का कद सिर्फ एक हीरो तक सीमित नहीं था, वे कर्नाटक की संस्कृति की पहचान बन चुके थे। बच्चे हों या बुजुर्ग, हर उम्र के लोग उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते थे। उनका हंसता हुआ चेहरा और जमीन से जुड़ा स्वभाव लोगों को अपना सा लगता था। आज भी जब उनकी फिल्में टेलीविजन पर आती हैं, तो लोग उन्हें उतने ही चाव से देखते हैं जितना पहले देखते थे।
आने वाले दिनों में भी पुनीत राजकुमार की यादें लोगों के दिलों में ऐसे ही ताजा रहेंगी। सोशल मीडिया पर चल रहा यह ट्रेंड इस बात का सबूत है कि वे फैंस के दिलों पर राज करते हैं। द फ्रीलान्स की टीम ने पाया कि पुनीत की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनके परिवार और फैंस लगातार काम कर रहे हैं। उनका यह सफर इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो चुका है।





