नई दिल्ली के सीमापुरी इलाके से इस वक्त एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहाँ बुधवार को एक पुराना और जर्जर तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर जमीन पर आ गिरा। इस भयानक हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। मकान के मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से किया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने तुरंत आसपास के पूरे इलाके को घेर लिया है ताकि बचाव कार्य में कोई रुकावट न आए। दमकल की गाड़ियाँ और एम्बुलेंस भी मौके पर तैनात हैं ताकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया जा सके। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मकान काफी पुराना और कमजोर हो चुका था। इसके बावजूद इसमें लोग रह रहे थे या यह खाली था, इस बात की पुष्टि अभी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जानी बाकी है।
सीमापुरी हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेज
हाथों में बचाव के उपकरण लिए राहतकर्मी मलबे को हटाने के काम में जुटे हुए हैं। जेसीबी मशीनों की मदद से बड़े-बड़े मलबे के टुकड़ों को हटाया जा रहा है ताकि अगर अंदर कोई फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। घायल दोनों लोगों को तुरंत नजदीक के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों घायलों को गंभीर चोटें आई हैं लेकिन समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण उनकी जान खतरे से बाहर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। कई बार मोहल्ले के लोगों ने इसके गिरने की आशंका भी जताई थी लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बारिश और सीलन की वजह से इसकी दीवारें और नींव बेहद कमजोर हो चुकी थीं। आखिरकार वही हुआ जिसका डर था और यह तीन मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय सड़क पर और आसपास लोगों की आवाजाही थोड़ी कम थी, वरना एक बड़ा नरसंहार भी हो सकता था।
दिल्ली में पुराने और जर्जर मकानों पर प्रशासन की लापरवाही
राजधानी दिल्ली में इस तरह के जर्जर मकानों का गिरना कोई पहली घटना नहीं है। मानसून या सामान्य दिनों में भी पुराने इलाकों में ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की तरफ से पहले भी ऐसे खतरनाक मकानों की सूची बनाई जाती है और नोटिस जारी किए जाते हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर इन मकानों में रहने को मजबूर हैं। सीमापुरी की इस घटना ने एक बार फिर से प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मलबा पूरी तरह साफ होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस हादसे के पीछे मुख्य लापरवाही किसकी थी। मकान मालिक के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आसपास के अन्य जर्जर मकानों को भी खाली कराने के निर्देश देने शुरू कर दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी बड़ी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके।
इलाके में तनाव का माहौल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे सीमापुरी इलाके में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है। लोग अपने घरों के बाहर खड़े होकर राहत कार्यों को देख रहे हैं। स्थानीय विधायक और निगम पार्षद भी मौके पर पहुँच चुके हैं और पीड़ितों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दे रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की यह प्राथमिकता है कि मलबे को जल्द से जल्द हटाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि अंदर कोई और फंसा न रहे। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरी घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे के अपडेट्स जल्द ही आप तक पहुँचाए जाएंगे।


