चेन्नई का तांबरम रेलवे स्टेशन इन दिनों कई बड़े बदलावों और विकास कार्यों के कारण चर्चा में है। रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को जल्द ही बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि स्टेशन पर चल रहे लिफ्ट और एस्केलेटर के काम इस साल दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। इससे बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में बहुत आसानी होगी।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दक्षिणी रेलवे ने एक और बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने तांबरम स्टेशन पर पटरियों की संख्या बढ़ाने का नया प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के मंजूर होने से ट्रेनों का संचालन और अधिक सुचारू हो पाएगा। पीक आवर्स के दौरान होने वाली देरी से भी यात्रियों को काफी हद तक राहत मिलेगी। स्थानीय लोग लंबे समय से बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग कर रहे थे।
टेंडर नियमों में सख्ती और पारदर्शिता की कवायद
दूसरी तरफ सार्वजनिक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी ने भी तांबरम इलाके से जुड़े मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में टेंडर प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे। इन आरोपों के बाद विभाग ने नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया है। अब सरकारी ठेकों में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी ताकि किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को रोका जा सके। प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।
इन प्रशासनिक सुधारों का सीधा असर इलाके में चल रहे विकास कार्यों पर पड़ रहा है। ठेकेदारों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करें। गुणवत्ता के मामले में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। स्थानीय नागरिक इस बात से खुश हैं कि सरकार अब निर्माण कार्यों की सख्त निगरानी कर रही है। इससे जनता के पैसों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सकेगा।
भूतिया साए की अफवाह और जमीनी हकीकत
स्टेशन से जुड़ी एक और बात सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि तांबरम के पास एक ऐसा स्टेशन है जहां ट्रेन आते ही अंधेरा हो जाता है। लोग इसे किसी भूतिया साए से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में यह बात पूरी तरह अफवाह साबित हुई है। तकनीकी कारणों या बिजली की ग्रिड की समस्या को लोग अंधविश्वास का नाम दे रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने भी ऐसी किसी भी कहानी से साफ इनकार किया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी किसी भी भ्रामक अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं को लगातार दुरुस्त किया जा रहा है। रात के समय भी पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है और किसी भी असामाजिक तत्व को अफवाह फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रदूषण का स्तर और पर्यावरण की स्थिति
तांबरम इलाके में केवल रेलवे विकास ही नहीं बल्कि पर्यावरण से जुड़े मुद्दे भी अहम हैं। आईक्यू एयर की रिपोर्ट के अनुसार तांबरम का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। निर्माण कार्यों और बढ़ती गाड़ियों की संख्या के कारण हवा में धूल के कण बढ़ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है।
पर्यावरणविदों का मानना है कि विकास कार्यों के साथ हरियाली का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। स्टेशन के आसपास के इलाकों में पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि प्रदूषण के स्तर को काबू में रखा जा सके। आम नागरिकों को भी चाहिए कि वे पर्यावरण को बचाने में अपना सहयोग दें। तांबरम आने वाले दिनों में एक आधुनिक और सुरक्षित ट्रांजिट हब बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।












