नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अपने वित्तीय आंकड़े जारी कर दिए हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और इसका सीधा असर निवेशकों के चेहरे पर साफ नजर आ रहा है। कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में उसका कुल शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 13,884 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा इससे काफी कम था। इस शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण माहौल होने के बावजूद भारतीय आईटी सेक्टर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
नतीजों के घोषित होने से ठीक पहले ही शेयर बाजार में टीसीएस के शेयरों को लेकर निवेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला था। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में टीसीएस का शेयर करीब दो से तीन प्रतिशत तक उछल गया था। बाजार के जानकारों और विश्लेषकों का मानना था कि कंपनी के मार्जिन में सुधार हो सकता है और आंकड़े उम्मीद के मुताबिक ही रहने की पूरी संभावना है। निवेशकों का यह भरोसा उस समय सही साबित हुआ जब कंपनी ने अपने तिमाही नतीजों के साथ-साथ लाभांश यानी डिविडेंड देने का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया। शेयर बाजार में तेजी आने से छोटे और बड़े दोनों निवेशकों को बड़ा वित्तीय फायदा मिला है।
मुनाफे में उछाल और निवेशकों के लिए डिविडेंड का तोहफा
कंपनी के प्रबंधन ने वित्तीय परिणामों की घोषणा के साथ ही शेयरधारकों के लिए डिविडेंड देने का भी बड़ा फैसला लिया है। टीसीएस अपने निवेशकों को समय-समय पर डिविडेंड के रूप में मुनाफा बांटती रही है और इस बार भी परंपरा को बरकरार रखा गया है। इस घोषणा के बाद से शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों को लेकर買-फरोख्त और तेज हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से वैश्विक बाजारों से मांग निकलकर आ रही है, उससे आने वाले महीनों में आईटी कंपनियों का कामकाज और बेहतर होने की उम्मीद है। लाभांश मिलने की खबर से उन निवेशकों में खुशी की लहर है जो लंबे समय से कंपनी के शेयरों में पैसा लगाकर बैठे थे।
दूसरी तिमाही के इन आंकड़ों में केवल मुनाफे की ही बात नहीं है, बल्कि कंपनी के कार्यबल यानी कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा दर्ज किया गया है। आईटी सेक्टर में पिछले कुछ समय से छंटनी और हायरिंग को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन टीसीएस ने नए कर्मचारियों को जोड़कर बाजार में एक सकारात्मक संदेश दिया है। कंपनी में काम करने वाले लोगों की कुल संख्या में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि आने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। जमीनी स्तर पर तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए यह एक राहत भरी और उत्साहजनक खबर है क्योंकि इससे रोजगार के नए रास्ते खुलते हैं।
कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी और बाजार का रुख
वित्तीय विश्लेषकों का यह भी मानना है कि टीसीएस के ये नतीजे बाकी अन्य आईटी कंपनियों के लिए भी एक मानक का काम करेंगे। इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक जैसी अन्य बड़ी कंपनियां भी जल्द ही अपने तिमाही नतीजे पेश करने वाली हैं। ऐसे में टीसीएस के मजबूत आंकड़ों ने पूरे सेक्टर के प्रति बाजार के नजरिए को सकारात्मक बना दिया है। निवेशकों की नजरें अब मुख्य रूप से कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन और आगामी तिमाहियों के बिजनेस आउटलुक पर टिकी हुई हैं। कंपनी प्रबंधन ने भरोसा जताया है कि आने वाले समय में डिजिटल और क्लाउड सेवाओं की मांग में और अधिक तेजी देखने को मिलेगी।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल के अनुसार, शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि टीसीएस के शेयर में अभी और मजबूती आ सकती है। हालांकि वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की चाल पर भी सभी की पैनी नजर बनी हुई है। बावजूद इसके, टाटा समूह की इस दिग्गज कंपनी ने जिस प्रकार से सितंबर तिमाही में शानदार आंकड़े पेश किए हैं, उसने भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक बार फिर भरोसे की नींव को मजबूत कर दिया है। आम निवेशकों से लेकर बड़े फंड हाउस तक सभी इन नतीजों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं ताकि अपनी आगामी निवेश रणनीतियों को अंतिम रूप दिया जा सके।





