विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/राजनीति/तमिलगा वेत्री कड़गम के विधायक ईसीआर सरवनन की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई, बिना अनुमति बैनर लगाने का है मामला
राजनीतिपढ़ने में समय: 4 मिनट

तमिलगा वेत्री कड़गम के विधायक ईसीआर सरवनन की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई, बिना अनुमति बैनर लगाने का है मामला

तमिलगा वेत्री कड़गम यानी टीवीके के विधायक ईसीआर सरवनन ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटया है। उन पर बिना अनुमति के सड़क किनारे पार्टी के बैनर और पोस्टर लगाने का आरोप है। पुलिस की ओर से दर्ज इस आपराधिक मामले को रद्द करने के लिए यह याचिका दायर की गई है। अदालत ने इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•13 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•47
🌐Read in English →
शेयर करें:
तमिलगा वेत्री कड़गम के विधायक ईसीआर सरवनन की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई, बिना अनुमति बैनर लगाने का है मामला
📷 तमिलगा वेत्री कड़गम के विधायक ईसीआर सरवनन की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई, बिना अनुमति बैनर लगाने का है मामला — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • तमिलगा वेत्री कड़गम यानी टीवीके के विधायक ईसीआर सरवनन ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटया है। उन पर बिना अनुमति के सड़क किनारे पार्टी के बैनर और पोस्टर लगाने का आरोप है। पुलिस की ओर से दर्ज इस आपराधिक मामले को रद्द करने के लिए यह याचिका दायर की गई है। अदालत ने इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

चेन्नई/द फ्रीलान्स ग्राउंड ब्यूरो — दक्षिण भारतीय राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिख रही हैं। पार्टी के विधायक ईसीआर सरवनन ने मद्रास उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की है। इस याचिका में उनके खिलाफ बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर पार्टी के बैनर लगाने के मामले में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नियमों की अनदेखी करने और सड़कों पर अवैध होर्डिंग्स लगाने के आरोप में यह कानूनी कार्रवाई की थी। अब इस कानूनी पेंच के बाद राज्य की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब शहर के विभिन्न इलाकों में बिना अनुमति के बड़े पैमाने पर राजनीतिक बैनर और कटआउट लगाए गए थे। स्थानीय निकायों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लिया और संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। विधायक ईसीआर सरवनन ने अपनी याचिका में दलील दी है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना या बिना पूरे तथ्यों की जांच के की गई है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके खिलाफ शुरू की गई इस आपराधिक कार्यवाही को पूरी तरह से खारिज किया जाए।

मद्रास हाईकोर्ट का निर्देश और कानूनी प्रक्रिया

मद्रास उच्च न्यायालय ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश जारी कर दिया है। अदालत जल्द ही इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी और तय करेगी कि पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई तकनीकी रूप से कितनी सही थी। हाई कोर्ट के इस निर्देश के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का फैसला आने वाले समय में राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले शक्ति प्रदर्शन और बैनर संस्कृति पर बड़ा असर डाल सकता है।

तमिलनाडु में राजनीतिक दलों द्वारा सड़कों के किनारे होर्डिंग्स और बैनर लगाने की परंपरा बहुत पुरानी रही है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में अदालतों की सख्ती के बाद इस पर काफी हद तक लगाम कसने की कोशिश की गई है। अदालतें पहले भी स्पष्ट निर्देश दे चुकी हैं कि आम नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ताक पर रखकर अवैध बैनर नहीं लगाए जा सकते। यदि नियमों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित पार्टी और नेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

पार्टी नेतृत्व और आगामी राजनीतिक प्रभाव

टीवीके पार्टी के प्रमुख और लोकप्रिय अभिनेता विजय के लिए यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनता जा रहा है। हाल ही में अपनी पार्टी को औपचारिक रूप से राजनीतिक मैदान में उतारने वाले विजय के सहयोगियों पर इस तरह की कानूनी कार्रवाई से पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है। विरोधी दल इस मुद्दे को लगातार तूल दे रहे हैं और कानून के शासन का हवाला देकर पार्टी पर निशाना साध रहे हैं। दूसरी ओर, टीवीके के समर्थक इसे राजनीतिक उत्पीड़न करार दे रहे हैं और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं।

मैदानी स्तर पर स्थिति यह है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस किसी भी तरह के अवैध प्रचार के प्रति बेहद सतर्क हो गए हैं। आम जनता भी शहर की सड़कों पर लगने वाले इन बड़े पोस्टरों और होर्डिंग्स के कारण होने वाली परेशानियों को लेकर मुखर होने लगी है। कई जगहों पर नागरिकों ने ट्रैफिक बाधित होने की शिकायतें भी दर्ज कराई हैं। आने वाले दिनों में अदालत में होने वाली सुनवाई इस बात की दिशा तय करेगी कि राजनीतिक दल प्रचार के लिए किन सीमाओं का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।

द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल

द फ्रीलान्स की टीम ने चेन्नई के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक दलों को अपने प्रचार के दौरान आम जनता की असुविधा का ध्यान रखना चाहिए। नियमों का पालन करना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो। मद्रास उच्च न्यायालय में होने वाली अगली सुनवाई पर न केवल राजनीतिक दलों की नजर है, बल्कि आम जनता भी यह देखना चाहती है कि कानून का यह शिकंजा किस दिशा में आगे बढ़ता है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

राहुल गांधी से नहीं मिले CJI तो प्रशांत किशोर बोले- देश में…

राहुल गांधी से नहीं मिले CJI तो प्रशांत किशोर बोले- देश में…

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, SC-ST आरक्षण बढ़ाने का फैसला किया रद्द

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, SC-ST आरक्षण बढ़ाने का फैसला किया रद्द

'बंद करो, दफा हो जाओ', CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा; अभिजीत दीपके और नेहा बोरा के सामने नारेबाजी

'बंद करो, दफा हो जाओ', CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा; अभिजीत दीपके और नेहा बोरा के सामने नारेबाजी

कनॉट प्लेस पर तिरंगा मार्च से पहले भारी हंगामा, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा समेत कई लोग हिरासत में

कनॉट प्लेस पर तिरंगा मार्च से पहले भारी हंगामा, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा समेत कई लोग हिरासत में

दिपके के घर कौन सा नोटिस देने पहुंची थी दिल्ली पुलिस, यहां समझिए

दिपके के घर कौन सा नोटिस देने पहुंची थी दिल्ली पुलिस, यहां समझिए

केरल की पूर्व डीजीपी आर श्रीलेखा पर POCSO मामले में गिरी गाज, हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत

केरल की पूर्व डीजीपी आर श्रीलेखा पर POCSO मामले में गिरी गाज, हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत

गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाए नमो नारायण, जानिए क्या है पूरा मामला

गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाए नमो नारायण, जानिए क्या है पूरा मामला

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘rahul-gandhi-supreme-court-petition-vote-theft’ व राजनीति से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

राहुल गांधी से नहीं मिले CJI तो प्रशांत किशोर बोले- देश में…POLITICS

राहुल गांधी से नहीं मिले CJI तो प्रशांत किशोर बोले- देश में…

13 अक्टू॰27
कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, SC-ST आरक्षण बढ़ाने का फैसला किया रद्दPOLITICS

कर्नाटक हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, SC-ST आरक्षण बढ़ाने का फैसला किया रद्द

13 अक्टू॰46
'बंद करो, दफा हो जाओ', CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा; अभिजीत दीपके और नेहा बोरा के सामने नारेबाजीPOLITICS

'बंद करो, दफा हो जाओ', CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा; अभिजीत दीपके और नेहा बोरा के सामने नारेबाजी

16 अक्टू॰24
कनॉट प्लेस पर तिरंगा मार्च से पहले भारी हंगामा, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा समेत कई लोग हिरासत मेंPOLITICS

कनॉट प्लेस पर तिरंगा मार्च से पहले भारी हंगामा, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा समेत कई लोग हिरासत में

16 अक्टू॰31
दिपके के घर कौन सा नोटिस देने पहुंची थी दिल्ली पुलिस, यहां समझिएPOLITICS

दिपके के घर कौन सा नोटिस देने पहुंची थी दिल्ली पुलिस, यहां समझिए

16 अक्टू॰30
केरल की पूर्व डीजीपी आर श्रीलेखा पर POCSO मामले में गिरी गाज, हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहतPOLITICS

केरल की पूर्व डीजीपी आर श्रीलेखा पर POCSO मामले में गिरी गाज, हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत

16 अक्टू॰43
गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाए नमो नारायण, जानिए क्या है पूरा मामलाPOLITICS

गूगल ट्रेंड्स में अचानक क्यों छाए नमो नारायण, जानिए क्या है पूरा मामला

16 अक्टू॰32
आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोपPOLITICS

आर श्रीलेखा की मुश्किलें बढ़ीं: पोक्सो मामले में केरल हाई कोर्ट से राहत, बीजेपी नेता और पूर्व डीजीपी पर क्या है आरोप

16 अक्टू॰51
विज्ञापन • ADVERTISEMENT