कीव और वाशिंगटन — अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक गुप्त राजनीतिक समझौता होने की खबरें आ रही हैं। इस डील की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में अचानक खलबली मच गई। यूक्रेन में सेना के लिए जीवन रेखा माने जाने वाली एलन मस्क की स्पेसएक्स स्टारलिंक इंटरनेट सेवा अचानक बाधित हो गई है। इस तकनीकी और सामरिक प्रतिबंध ने यूक्रेन की रक्षा तैयारियों को एक ही झटके में पंगु बना दिया है।
युद्ध के मैदान पर सीधे तैनात यूक्रेनी सैनिकों और कमांडरों के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है। फ्रंटलाइन पर तैनात सैन्य टुकड़ियां दुश्मन की हरकतों पर नजर रखने और ड्रोन हमलों के समन्वय के लिए पूरी तरह से स्टारलिंक पर निर्भर थीं। अचानक इंटरनेट सेवाएं बंद होने या बेहद धीमी हो जाने से कई मोर्चों पर यूक्रेनी सेना का संपर्क अपने मुख्यालय से कट गया। इस गंभीर संकट के सामने आने के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने खुलकर कहा है कि इस नाजुक वक्त में ऐसा कदम उठाया जाना उनके साथ बहुत बड़ा धोखा है।
रूस के साथ डीजल डील और मस्क का बड़ा फैसला
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कूटनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गईं हैं। जानकारों का मानना है कि ट्रंप और पुतिन के बीच हाल ही में रूसी डीजल और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर एक बड़ी गुप्त सहमति बनी है। इस समझौते की शर्तें जैसे ही सामने आईं, वैसे ही अरबपति कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में सैन्य इस्तेमाल होने वाले स्टारलिंक टर्मिनलों पर पाबंदियां लगानी शुरू कर दीं। यूक्रेन के सैन्य अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि युद्ध के बीच इस तरह से संचार सेवाओं को बाधित कर दिया जाएगा।
एलन मस्क की कंपनियों और अमेरिकी प्रशासन के बीच चल रही इस अंदरूनी खींचतान का सीधा असर अब जमीन पर दिख रहा है। पिछले कुछ महीनों से मस्क लगातार यह संकेत दे रहे थे कि वे इस खर्चीले और लंबे खिंचते युद्ध को और अधिक समर्थन नहीं दे सकते। लेकिन इस तरह अचानक और बिना किसी पूर्व चेतावनी के पाबंदी लगाना यूक्रेन के लिए असहनीय हो गया है। यूक्रेनी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने इसे पश्चिमी देशों की तरफ से पीठ में छुरा घोंपने जैसा करार दिया है।
युद्धक्षेत्र पर कितना भारी पड़ेगा यह नया संकट?
कीव में डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर स्टारलिंक की सेवाएं जल्द बहाल नहीं हुईं, तो यूक्रेन की पूरी रक्षा पंक्ति चरमरा सकती है। रूस के खिलाफ चल रही जंग में आधुनिक तकनीक और सटीक सैटेलाइट नेविगेशन ही यूक्रेन की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। मस्क के इस फैसले से तोपखाने के निशाने लगाने और सैनिकों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। रूसी सेनाएं इस तकनीकी खामी का फायदा उठाकर मोर्चों पर आक्रामक बढ़त बनाने की फिराक में हैं।
जमीन पर हालात तेजी से बदल रहे हैं और आम यूक्रेनी नागरिकों के बीच भी निराशा का माहौल बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि बड़े देश आपस में राजनीतिक सौदेबाजी कर रहे हैं और इसकी कीमत आम सैनिकों की जान देकर चुकानी पड़ रही है। राष्ट्रपति जेलेंस्की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील कर रहे हैं। वे लगातार पश्चिमी सहयोगियों से यह पूछ रहे हैं कि क्या न्याय और संप्रभुता के वादों का अब कोई मतलब नहीं बचा है।
भविष्य के समीकरण और कूटनीतिक हलचल
इस ताजा विवाद ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्धों में तकनीक और कारोबारी हित कितने हावी हो चुके हैं। एक तरफ जहां कूटनीतिक मंचों पर शांति वार्ताओं के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर सप्लाई और कम्युनिकेशन लाइनें काटी जा रही हैं। ट्रंप प्रशासन के आने के बाद से यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की नीतियों में बड़ा बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या मस्क अपनी सेवाओं को दोबारा पूरी तरह से बहाल करते हैं या यूक्रेन को किसी नए विकल्प की तलाश करनी होगी।







