हैदराबाद/ग्राउंड ब्यूरो — तेलंगाना की राजनीति और फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली विजयशांति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। हाल ही में उन्होंने ऐतिहासिक लाल दरवाजा मंदिर में जाकर पारंपरिक बोनम उत्सव में पूरी आस्था के साथ हिस्सा लिया। उनके सिर पर बोनम देखकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। इस धार्मिक अनुष्ठान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैल रहे हैं। उनके समर्थक इन पलों को बेहद गर्व के साथ साझा कर रहे हैं।
लाल दरवाजा मंदिर में हुए इस आयोजन के दौरान स्थानीय लोगों और मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। विजयशांति ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर देवी महाकाली की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-शांति की प्रार्थना की। इस दौरान राजनीतिक हलकों में भी उनके इस कदम को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पिछले कुछ समय से वे सक्रिय राजनीति में किस दिशा में आगे बढ़ेंगी, इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
लाल दरवाजा मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ और उत्साह
आषाढ़ मास के इस पावन अवसर पर हैदराबाद के प्रसिद्ध लाल दरवाजा सिम्र्ध महाकाली मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। जब विजयशांति ने पारंपरिक बोनम चढ़ाने की रस्म पूरी की, तो मंदिर परिसर में मौजूद हर शख्स उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखा। सुरक्षा बलों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने बड़ी मुश्किल से भीड़ को नियंत्रित किया। इस धार्मिक कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जनमानस के बीच उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।
मंदिर में दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत की असली पहचान हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर राजनीतिक सवालों पर खुलकर कुछ कहने से परहेज किया, लेकिन उनके हाव-भाव और समर्थकों का उत्साह बहुत कुछ कह रहा था। राज्य के राजनीतिक विश्लेषक इन गतिविधियों पर बहुत बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
सिनेमा से लेकर राजनीति तक का सफर
विजयशांति का करियर हमेशा से ही काफी उतार-चढ़ाव और संघर्षों से भरा रहा है। फिल्मों में 'लेडी सुपर स्टार' के रूप में अपनी धाक जमाने के बाद उन्होंने राजनीति की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने अलग तेलंगाना आंदोलन में भी एक बहुत सक्रिय और जोरदार भूमिका निभाई थी। उनके भाषण और आक्रामक तेवर हमेशा से जनता को अपनी ओर खींचते रहे हैं। यही वजह है कि उनके हर एक सार्वजनिक दौरे पर मीडिया और जनता की खास नजर रहती है।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार चैनलों पर उनके जीवन से जुड़े पुराने किस्से, फिल्में और तस्वीरें भी फिर से ट्रेंड करने लगी हैं। लोग उनके फिल्मी सफर के साथ-साथ उनके राजनीतिक सफर के पन्नों को भी टटोल रहे हैं। कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में वे किसी बड़ी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा बन सकती हैं।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल और आगे की हलचल
द फ्रीलान्स की टीम ने जब लाल दरवाजा इलाके के स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से बात की, तो उन्होंने बताया कि विजयशांति का इस तरह आम जनता के बीच आना और पारंपरिक रीति-रिवाजों में शामिल होना लोगों को बहुत पसंद आता है। लोग उन्हें सिर्फ एक नेता या अभिनेत्री नहीं बल्कि अपनी आवाज मानते हैं। स्थानीय स्तर पर लोग मान रहे हैं कि उनका यह धार्मिक दौरा भले ही निजी आस्था से जुड़ा हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विजयशांति अपनी राजनीतिक पारी को लेकर क्या नया कदम उठाती हैं। जनता और उनके चाहने वाले हर एक अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल लाल दरवाजा मंदिर की इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर सियासी तापमान को थोड़ा और बढ़ा दिया है, और हर तरफ बस इसी बात की चर्चा हो रही है कि आगे क्या होने वाला है।





