श्रीनगर/जम्मू — 'द फ्रीलान्स' के फील्ड ब्यूरो की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले चौबीस घंटों में राज्य के कई जिलों में झमाझम बारिश और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है। इस अचानक आए बदलाव से तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को एक बार फिर कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का असर और ज्यादा देखने को मिल सकता है।
खराब मौसम का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जम्मू के कई इलाकों से मिली खबरों के अनुसार, हल्की बारिश के बाद भी सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। कई रिहायशी इलाकों की गलियों में गंदा पानी भर जाने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण हर बार हल्की बारिश में भी हालात बद से बदतर हो जाते हैं।
बर्फबारी के बीच जमी डल झील और पर्यटकों की उमड़ती भीड़
एक तरफ जहां स्थानीय लोगों को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ इस सुहाने और बर्फीले मौसम ने पर्यटकों के चेहरे पर खुशी ला दी है। विश्व प्रसिद्ध डल झील का एक हिस्सा अत्यधिक ठंड के कारण जमने लगा है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी पहुंच रहे हैं। गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसी मशहूर जगहों पर हुई ताजा बर्फबारी ने पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार दी है। हालांकि प्रशासन ने पर्यटकों को एहतियात बरतने और संवेदनशील इलाकों में न जाने की सलाह दी है।
इस बीच, खराब मौसम और ठंड के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग में भी बदलाव कर दिया है। सुबह के वक्त पड़ने वाली भारी धुंध और गलन भरी हवाओं के कारण स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने समय सारणी में संशोधन किया है। अभिभावकों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है क्योंकि सुबह के वक्त छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में काफी जोखिम महसूस हो रहा था।
भद्रवाह में दिखा खूबसूरत इंद्रधनुष और मौसम का मिला-जुला असर
प्रकृति के अनोखे रंग भी इस दौरान देखने को मिले हैं। जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह इलाके में बारिश के ठीक बाद आसमान में बादलों के बीच सात रंगों वाला एक बेहद शानदार इंद्रधनुष दिखाई दिया। इस खूबसूरत नजारे को स्थानीय लोगों और सैलानियों ने अपने कैमरों में कैद किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। एक तरफ बारिश और बर्फबारी की आफत है, तो दूसरी तरफ कुदरत की ऐसी छटा पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है। हाईवे पर फिसलन बढ़ने के कारण यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। 'द फ्रीलान्स' की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पल-पल के ताजा अपडेट्स आप तक पहुंचाती रहेगी।
आगामी दिनों में कैसा रहेगा मौसम और क्या हैं प्रशासनिक तैयारियां
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन की मशीनें लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग बेवजह घरों से बाहर न निकलें और सफर करने से पहले ट्रैफिक एडवा जरूर चेक कर लें। ठंड से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था भी शुरू कर दी है ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके।



