नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश भर के मेडिकल छात्रों के लिए एक बेहद अहम खबर सामने आई है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी यानी एमसीसी ने नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के पहले दौर के लिए आधिकारिक सीट मैट्रिक्स जारी कर दिया है। इस बार ऑल इंडिया कोटा के तहत आने वाली सीटों का पूरा ब्योरा आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। जो छात्र लंबे समय से इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे, वे अब अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्स के हिसाब से आगे की तैयारी कर सकते हैं। काउंसलिंग का यह पूरा चरण छात्रों के भविष्य की दिशा तय करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।
वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर छात्र इस पूरी सूची को बहुत आसानी से देख सकते हैं। इस साल काउंसलिंग प्रक्रिया में कुल तीस हजार से ज्यादा सीटों का ब्योरा जारी किया गया है। अलग-अलग श्रेणियों और वर्गों के हिसाब से सीटों का स्पष्ट वर्गीकरण किया गया है ताकि किसी भी छात्र को फॉर्म भरने में कोई परेशानी न हो। एमसीसी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को अपनी पसंद के संस्थान बहुत सावधानी से चुनने होंगे क्योंकि पहले दौर की काउंसलिंग के आधार पर ही आगे के विकल्प खुलेंगे।
पंजीकरण प्रक्रिया और जरूरी तारीखें
नीट पीजी काउंसलिंग के पहले दौर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे तय समय सीमा के भीतर ही अपना पंजीकरण पूरा कर लें। अंतिम समय में वेबसाइट पर लोड बढ़ने की आशंका रहती है इसलिए समय रहते सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बहुत जरूरी है। काउंसलिंग का यह पूरा शेड्यूल आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है जिसमें हर एक तारीख को बहुत साफ शब्दों में समझाया गया है। छात्रों को अपने सभी प्रमाण पत्र, जैसे एमबीबीएस की डिग्री, इंटर्नशिप पूरा होने का प्रमाण पत्र और स्कोरकार्ड तैयार रखने होंगे।
इस बार की काउंसलिंग प्रक्रिया में कुछ नए नियमों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय और एमसीसी के निर्देशों के अनुसार, छात्रों को च्वाइस फिलिंग के दौरान बहुत सतर्क रहना होगा। एक बार विकल्प लॉक हो जाने के बाद उसमें बदलाव करने का मौका नहीं मिलेगा। यही वजह है कि देश भर के मेडिकल कॉलेजों और उनके विभागों में सीटें देखने के बाद ही छात्र अपने आवेदन को अंतिम रूप दे रहे हैं।
श्रेणीवार सीटों का हिसाब और आरक्षण
जारी किए गए नए आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न मेडिकल और सर्जिकल विशेषूरियों में तीस हजार से अधिक सीटें भरी जानी हैं। सामान्य वर्ग के साथ-साथ ओबीसी, एससी, एसटी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षित सीटों का पूरा ब्योरा भी मैट्रिक्स में दिया गया है। कई बड़े सरकारी अस्पतालों और मेडिकल यूनिवर्सिटी की सीटों पर इस बार छात्रों की कड़ी नजर है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्लिनिकल विषयों में सीटों के लिए सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है क्योंकि छात्रों का रुझान हमेशा से इन विषयों की तरफ ज्यादा रहा है।
मैदान पर उतरी हमारी टीम ने पाया कि देश भर के कोचिंग संस्थानों और छात्रों के बीच इन दिनों इसी बात की चर्चा है। छात्र अपने अंकों के हिसाब से सबसे बेहतरीन कॉलेज की तलाश में जुटे हैं। जानकारों का मानना है कि इस बार काउंसलिंग का पहला दौर काफी तेज गति से चलेगा क्योंकि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा रही हैं। छात्रों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारियों पर ही भरोसा करें।
भविष्य की रणनीति और काउंसलिंग का अगला चरण
राउंड वन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीट आवंटन का परिणाम घोषित किया जाएगा। जिन छात्रों को मनपसंद सीट मिल जाएगी, उन्हें तय समय के भीतर कॉलेज में जाकर अपनी रिपोर्टिंग पूरी करनी होगी। जो छात्र अपनी सीट से संतुष्ट नहीं होंगे, वे अगले दौर की काउंसलिंग के लिए अपग्रेडेशन का विकल्प चुन सकते हैं। एमसीसी ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष डिजिटल व्यवस्था की है ताकि छात्रों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो। 'द फ्रीलान्स' इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगा और हर छोटे-बड़े अपडेट से अपने पाठकों को अवगत कराता रहेगा।







