भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा ऑलराउंडर अभिषेक शर्मा का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। मैदान पर उनके ताबड़तोड़ प्रदर्शन के बीच कई नए विवाद और रिकॉर्ड भी जुड़ते जा रहे हैं। हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए मुकाबले में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया। जब अभिषेक शर्मा का बल्ला मैदान पर रन बनाने में पूरी तरह नाकामयाब रहा, तब उन्होंने गेंदबाजी में ऐसा कमाल दिखाया कि खेल के इतिहास में उनका नाम दर्ज हो गया। इस अनूठे प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खेल के किसी एक हिस्से में नाकामी मिलने पर भी एक खिलाड़ी अपनी दूसरी प्रतिभा के दम पर मैच का पासा पलट सकता है.
इसी सीरीज के दौरान मैदान पर एक और ऐसी घटना घटी जिस पर खेलप्रेमियों की नजरें टिकी रहीं। ईशान किशन के रन आउट होने के बाद का एक स्टंप माइक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद खेल के मैदान पर खिलाड़ियों के आपसी तालमेल और मैदान के अंदर होने वाली बातचीत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो को अलग-अलग एंगल से शेयर कर रहे हैं और इस बात पर बहस छिड़ गई है कि उस समय वास्तव में क्या रणनीति बनाई जा रही थी। खेल विश्लेषक भी इस वीडियो को बहुत बारीकी से देख रहे हैं और इसे लेकर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
बल्लेबाजी शैली और शॉट चयन को लेकर पूर्व खिलाड़ियों की तीखी आलोचना
मैदान पर शानदार प्रदर्शन के बावजूद अभिषेक शर्मा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भारत के पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी ने अभिषेक शर्मा के शॉट चयन को लेकर खुलकर सवाल खड़े किए हैं। मनोज तिवारी का मानना है कि अभिषेक को अपनी पारी को लंबा खींचने के लिए अपनी शॉट खेलने की कला में थोड़ा सुधार करने की जरूरत है। कई बार आक्रामक शॉट खेलने के चक्कर में वे अपनी विकेट जल्दी गंवा बैठते हैं, जिससे टीम पर दबाव बन जाता है। क्रिकेट के जानकारों का भी यही कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टिके रहने के लिए केवल तेज रन बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि परिस्थिति के हिसाब से पिच पर समय बिताना भी उतना ही जरूरी होता है.
दूसरी तरफ, अभिषेक शर्मा के पुराने और घरेलू क्रिकेट के रिकॉर्ड भी गूगल ट्रेंड्स पर काफी खोजे जा रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए उनके 135 रनों की धमाकेदार पारियों और ऑरेंज कैप की दौड़ में उनके पुराने मुकाम को फैंस आज भी याद कर रहे हैं। आईपीएल के दौरान उन्होंने जिस तरह से विपक्षी गेंदबाजों की धुलाई की थी, वैसी ही उम्मीद फैंस अब भारतीय टीम की जर्सी में भी उनसे कर रहे हैं। हालांकि, खेल के जानकारों का यह भी मानना है कि युवा खिलाड़ियों को अपनी निरंतरता बनाए रखने के लिए लगातार कड़ी मेहनत करनी होगी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर मैच के साथ उम्मीदें और दबाव दोनों ही बढ़ जाते हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल होती खबरें और भविष्य के बड़े मुकाबले
खेल के मैदान से इतर इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों अभिषेक शर्मा का नाम दूसरे बड़े खिलाड़ियों और इवेंट्स के साथ भी जोड़ा जा रहा है। हाल ही में वैभव सूर्यवंशी के साथ उनका नाम जोड़ते हुए विंबलडन फाइनल को लेकर कई तरह की खबरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। हालांकि इन तमाम अलग-अलग चर्चाओं के बीच मुख्य फोकस उनके खेल और उनकी फिटनेस पर ही होना चाहिए। खेल प्रेमी यह देखना चाहते हैं कि आने वाले समय में अभिषेक अपनी कमियों को दूर करके टीम में अपनी जगह कितनी पक्की कर पाते हैं। चयनकर्ताओं की नजरें भी उनके हर एक प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं ताकि उन्हें भविष्य की बड़ी सीरीज के लिए तैयार किया जा सके.
मैदान के अंदर और बाहर चल रही इन तमाम चर्चाओं के बीच अभिषेक शर्मा के लिए यह समय खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मौका है। आलोचकों के सवालों का जवाब केवल उनके बल्ले और गेंद से ही मिल सकता है। टीम प्रबंधन भी यही चाहता है कि यह युवा खिलाड़ी बिना किसी बाहरी दबाव के अपने स्वाभाविक खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित करे। द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल यही कहती है कि आने वाले हफ्तों में भारतीय क्रिकेट का यह सितारा अगर अपनी तकनीक में थोड़ा सुधार कर ले, तो वह लंबे समय तक टीम के लिए एक बड़ा मैच विनर साबित हो सकता है। फिलहाल हर किसी की नजरें उनके अगले मुकाबले पर टिकी हैं जहाँ वे एक बार फिर अपने खेल से आलोचकों का मुंह बंद करना चाहेंगे।


