नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — खेल की दुनिया में कब बाजी पलट जाए यह कोई नहीं जानता है। टेनिस कोर्ट पर अपने शानदार खेल से पहचान बनाने वाले नॉर्वे के स्टार खिलाड़ी कैस्पर रूड इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में उनके खेल सफर में कई बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। अमेरिकी ओपन से लेकर फ्रेंच ओपन तक, उनके मुकाबलों ने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मैदान पर उनकी फिटनेस और चोट ने उनके सफर को कई बार बीच में ही रोक दिया है।
हाल ही में अमेरिकी ओपन के दौरान कैस्पर रूड को चोट के कारण अपना सफर बीच में ही छोड़ना पड़ा था। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था। इसके चलते वे आगे के मुकाबले नहीं खेल पाए और उन्हें मैदान से बाहर होना पड़ा। खेल जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी प्रतियोगिता में इस तरह बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ा झटका होता है। इस घटना के बाद उनके फैंस काफी निराश हुए और सोशल मीडिया पर उनके जल्द ठीक होने की दुआ करने लगे।
फ्रेंच ओपन और विंबलडन में मिलाजुला प्रदर्शन
केवल अमेरिकी ओपन ही नहीं, बल्कि इस साल के अन्य बड़े ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में भी रूड का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। फ्रेंच ओपन के दौरान उन्हें शुरुआती दौर में ही कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। नोवाक जोकोविक के खिलाफ और बाद में युवा खिलाड़ियों के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, दूसरी तरफ विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप में उन्होंने शानदार वापसी की। विंबलडन के शुरुआती दौर में उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया और अगले दौर में अपनी जगह पक्की करने में सफल रहे।
टेनिस सर्किट में कैस्पर रूड को एक बहुत ही अनुशासित खिलाड़ी माना जाता है। उनकी खेलने की शैली और कोर्ट पर उनका शांत स्वभाव उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता है। लेकिन लगातार मैच खेलने और कम आराम मिलने के कारण उनके शरीर पर बहुत असर पड़ा है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक टेनिस में खिलाड़ियों का शेड्यूल बहुत व्यस्त हो चुका है। साल भर लगातार मैच खेलने से खिलाड़ियों को गंभीर चोटों का सामना करना पड़ता है, और रूड भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।
फिटनेस और आगामी टूर्नामेंटों की तैयारी
चोट के बाद अब कैस्पर रूड पूरी तरह से अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। उनके सपोर्ट स्टाफ और कोच ने उनकी ट्रेनिंग के तरीके में कुछ बदलाव किए हैं। वे जिम में पसीना बहा रहे हैं और अपनी ताकत को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले महीनों में कई बड़े टूर्नामेंट होने वाले हैं। ऐसे में रूड की प्राथमिकता खुद को पूरी तरह फिट रखने और कोर्ट पर दमदार वापसी करने की है। उनके फैंस को उम्मीद है कि वे जल्द ही अपनी पुरानी फॉर्म में लौटेंगे।
भारतीय खेल प्रेमियों के बीच भी कैस्पर रूड को काफी पसंद किया जाता है। सोशल मीडिया और खेल पोर्टल्स पर उनके हर मैच की अपडेट पर लोग नजर रखते हैं। आजतक और अन्य खेल चैनलों पर उनके स्वास्थ्य और करियर से जुड़ी खबरें प्रमुखता से दिखाई जाती हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि रूड इन चोटों से उबरकर कोर्ट पर किस तरह का प्रदर्शन करते हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी।
टेनिस जगत में फिटनेस का बढ़ता संकट
आज के दौर में केवल टेनिस ही नहीं बल्कि हर खेल में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। साल में चार बड़े ग्रैंड स्लैम और उसके बाद अन्य सीरीज के मैच खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देते हैं। कैस्पर रूड का यह हाल इस बात का बड़ा उदाहरण है कि कैसे अत्यधिक खेल का बोझ खिलाड़ियों के शरीर को नुकसान पहुंचाता है। खेल संघों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि खिलाड़ियों का करियर लंबा चल सके।




