लिस्बन से ग्राउंड रिपोर्ट — फुटबॉल के मैदान पर रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस समय अपने देश पुर्तगाल के साथ एक बड़े विवाद में फंस गए हैं। रोनाल्डो ने पुर्तगाल की नेशनल टीम का कैंप बीच में ही छोड़ दिया था जिसके बाद देश के फुटबॉल महासंघ ने उनके खिलाफ बहुत बड़ा एक्शन लिया है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों में खलबली मच गई है। सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक हर जगह बस इसी बात की चर्चा हो रही है कि आखिर रोनाल्डो और टीम प्रबंधन के बीच ऐसा क्या हुआ जो बात इतनी दूर तक पहुंच गई।
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिस्टियानो रोनाल्डो और टीम के कोच के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोक हुई थी। रोनाल्डो का आरोप है कि कोच ने उनके साथ किया गया अपना वादा तोड़ दिया है। इसी बात से नाराज होकर रोनाल्डो बिना समय गंवाए नेशनल कैंप से बाहर निकल आए। पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने इसे अनुशासनहीनता का गंभीर मामला माना और तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। खेल जानकारों का मानना है कि इस निलंबन के बाद रोनाल्डो पर छह महीने का लंबा बैन भी लगाया जा सकता है जिससे उनकी नेशनल टीम की आगे की यात्रा पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
कोच पर वादा तोड़ने का आरोप और कैंप छोड़ने पर मांगी माफी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद खुद क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और अपनी सफाई पेश की है। रोनाल्डो ने स्वीकार किया है कि कैंप को बीच में छोड़ना उनका सही फैसला नहीं था और इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी है। लेकिन साथ ही उन्होंने साफ कर दिया है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ और कोच ने उन्हें दिया हुआ वचन पूरा नहीं किया। रोनाल्डो ने मीडिया से बात करते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि वे अभी संन्यास लेने के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी फिटनेस और खेल के प्रति उनका जुनून अभी भी बरकरार है और वे आगे भी मैदान पर खेलते रहेंगे।
पुर्तगाल के मीडिया घरानों और खेल पत्रकारों के अनुसार रोनाल्डो का यह तेवर देश के फुटबॉल बोर्ड को रास नहीं आ रहा है। महासंघ का कड़ा रुख यह दिखाता है कि टीम के अंदर अनुशासन सबसे ऊपर है चाहे वह खिलाड़ी कितना भी बड़ा और महान क्यों न हो। रोनाल्डो ने अपने हालिया बयानों में खुद को खेल इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी बताते हुए कहा है कि उनके आंकड़े और उनकी मेहनत खुद इस बात की गवाही देते हैं। उन्होंने कहा कि उनके आलोचक चाहे जो कहें लेकिन उन्होंने देश के लिए हमेशा अपना सौ प्रतिशत दिया है और आगे भी वे अपनी टीम के लिए लड़ने को तैयार हैं।
पुर्तगाल टीम के आगामी मैचों और करियर पर पड़ने वाला असर
इस बड़े विवाद के बाद पुर्तगाल की नेशनल टीम के आगामी मैचों की रणनीति पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। टीम को आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं और ऐसे में कप्तान व सबसे अनुभवी खिलाड़ी रोनाल्डो का बाहर होना टीम के लिए एक बड़ा झटका है। कोच और प्रबंधन के सामने अब यह चुनौती है कि वे इस विवाद को पीछे छोड़कर मैदान पर उतरें। दूसरी तरफ रोनाल्डो के फैंस में भी इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि उनके चहेते खिलाड़ी के साथ इस तरह का बर्ताव किया जा रहा है और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
मैदान के बाहर चल रही इन तमाम उठापटक के बीच पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ की तरफ से एक आधिकारिक बयान का अभी भी इंतजार किया जा रहा है जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि छह महीने के बैन की खबरों में कितनी सच्चाई है। हमारे ग्राउंड सूत्रों के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में इस मामले पर एक उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है जिसमें रोनाल्डो के भविष्य और टीम में उनकी वापसी को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरी खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा हम अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाएंगे।








