नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इन दिनों खेल के मैदान से बाहर खिलाड़ियों की रैंकिंग और लीग मुकाबलों की चर्चा सबसे ऊपर है। आईसीसी द्वारा जारी की गई ताजा वनडे रैंकिंग में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम की अनुभवी खिलाड़ी एलिस पैरी ने एक बार फिर से शानदार वापसी करते हुए टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। पैरी का यह सफर इस बात का सबूत है कि वे आज भी दुनिया की सबसे बेहतरीन और भरोसेमंद खिलाड़ियों में शुमार हैं। उनकी तकनीकी क्षमता और मैदान पर टिककर खेलने की कला युवा खिलाड़ियों के लिए हमेशा से एक बड़ी सीख रही है।
दूसरी ओर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपनी नंबर-वन की कुर्सी पर पूरी मजबूती से कब्जा जमाया हुआ है। मंधाना का हालिया फॉर्म बेहद शानदार रहा है और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दम पर वैश्विक स्तर पर भारत का नाम ऊंचा किया है। हालांकि, इस बार की रैंकिंग में भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को कुछ नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद वे गेंदबाजी और ऑलराउंडर की सूची में टॉप-10 में जगह बनाने वाली इकलौती भारतीय खिलाड़ी बनी हुई हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत हो रहा है।
डब्ल्यूपीएल रिटेंशन की सूची ने बढ़ाई सरगर्मी
खेल के मैदान के इतर इस समय फ्रेंचाइजी क्रिकेट का गलियारा भी काफी गर्म है। विमेंस प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपीएल के आगामी संस्करण के लिए टीमों की रिटेंशन लिस्ट सामने आ चुकी है। इस लिस्ट के आने के बाद साफ हो गया है कि किस फ्रेंचाइजी ने अपने पुराने खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है और किसे बाहर का रास्ता दिखाया गया है। हर एक टीम अपनी रणनीति को दुरुस्त करने में जुटी है ताकि मैदान पर उतरते समय उनका संयोजन एकदम सही बैठे। खिलाड़ियों के इस फेरबदल पर खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि आने वाले सीजन का रोमांच इसी बात पर निर्भर करेगा कि कौन सी टीम कितनी मजबूत है।
लीग क्रिकेट के इस दौर में हर फ्रेंचाइजी अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका देना चाहती है। यही वजह है कि रिटेंशन और रिलीज की प्रक्रिया काफी सोच-समझकर पूरी की गई है। कई बड़ी टीमों ने अपने पुराने और भरोसेमंद दिग्गजों को अपने साथ बनाए रखा है, ताकि टीम का संतुलन बना रहे। कप्तान और कोच मिलकर ऐसी रणनीति बना रहे हैं जो लंबे टूर्नामेंट में टीम को जीत दिला सके। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का डब्ल्यूपीएल पहले से भी ज्यादा कड़ा और रोमांचक होने वाला है क्योंकि सभी टीमों ने अपनी कमियों को दूर करने की पूरी तैयारी कर ली है।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन और भविष्य की चुनौतियां
अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में ऊपर उठना और लीग मुकाबलों में अपनी जगह पक्की करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। इसके लिए कड़े अभ्यास और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। एलिस पैरी जैसी खिलाड़ी जब खराब दौर या चोट के बाद वापसी करती हैं, तो उनका अनुभव उनकी टीम के बहुत काम आता है। आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण सीरीज खेली जानी हैं, जहां इन खिलाड़ियों की असली परीक्षा होगी। क्रिकेट फैंस को उम्मीद है कि ये सभी दिग्गज खिलाड़ी मैदान पर उतरकर अपने खेल का जादू बिखेरेंगी और एक बार फिर से दर्शकों का दिल जीत लेंगी।
द फ्रीलान्स की टीम ने जब खेल विशेषज्ञों से इस बारे में बात की, तो उनका यही कहना था कि महिलाओं का क्रिकेट अब पूरी तरह से बदल चुका है। यहां सिर्फ जीत या हार की बात नहीं होती, बल्कि खेल के स्तर को लगातार ऊंचा उठाने की होड़ लगी रहती है। चाहे वह आईसीसी की रैंकिंग की जंग हो या फिर डब्ल्यूपीएल की नीलामी की रणनीति, हर मोर्चे पर खिलाड़ियों और प्रबंधन को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। आने वाले दिनों में खेल के ये दोनों मोर्चे देश-विदेश के खेल प्रेमियों के लिए बड़े आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे और हर नए अपडेट पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।




