नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — क्रिकेट के मैदान पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला हमेशा से ही दर्शकों के लिए बड़ा आकर्षण रहता है। हाल ही में हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। मेहमान टीम ने भारत को 24 रन के अंतर से हराकर सीरीज में जोरदार वापसी की। इस हार के बाद भारतीय टीम की रणनीतियों पर सवाल उठने लगे हैं और क्रिकेट गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
मैच के दौरान वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने सूझबूझ भरा खेल दिखाया। शाई होप ने एक बार फिर अपनी टीम के लिए संकटमोचन की भूमिका निभाई और शानदार पारी खेली। उनकी इस बेहतरीन पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने बोर्ड पर चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाज शुरुआत में विकेट लेने के लिए संघर्ष करते दिखे। हालांकि बीच के ओवरों में कुछ सफलताएं मिलीं, लेकिन मेहमान टीम बड़ा स्कोर बनाने में कामयाब रही।
श्रेयस अय्यर का गेंदबाजी पर बड़ा बयान
मैच खत्म होने के बाद भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने टीम की हार का ठीकरा मुख्य रूप से गेंदबाजी विभाग पर फोड़ा। अय्यर ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मुकाबले की शुरुआत ही खराब गेंदबाजी से हुई थी। उन्होंने माना कि पावरप्ले और डेथ ओवर्स में गेंदबाजों ने काफी रन लुटाए। जब विरोधी टीम बड़ा स्कोर बना देती है, तो बल्लेबाजों पर दबाव अपने आप बढ़ जाता है।
श्रेयस अय्यर के इस बयान के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ जानकारों का मानना है कि हार की जिम्मेदारी पूरी टीम की होती है। केवल गेंदबाजों को दोष देना सही नहीं है क्योंकि भारतीय बल्लेबाज भी लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में बिखर गए। संजू सैमसन ने जरूर एक बार फिर अपने खेल से प्रभावित किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से मजबूत साथ नहीं मिल पाया।
टीम इंडिया ने टी20 क्रिकेट में पूरे किए 2000 छक्के
इस मुकाबले के दौरान भारतीय टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल की। टीम इंडिया ने इस फॉर्मेट में अपने कुल 2000 छक्के पूरे कर लिए हैं। यह मुकाम हासिल करने वाली भारतीय टीम दुनिया की चुनिंदा टीमों में शामिल हो गई है। हालांकि ऐतिहासिक उपलब्धि का यह जश्न हार के कारण थोड़ा फीका पड़ गया, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि भारतीय बल्लेबाजों ने पिछले कुछ सालों में इस फॉर्मेट में कितना आक्रामक रुख अपनाया है।
संजू सैमसन का बल्ला इस सीरीज में लगातार चल रहा है। उन्होंने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है और तेजी से रन बटोरे हैं। उनके अलावा कप्तान और अन्य सीनियर खिलाड़ियों को अब निर्णायक मुकाबले से पहले अपनी कमियों पर काम करना होगा। फैंस को उम्मीद है कि टीम इस हार से सबक लेकर मैदान पर उतरेगी।
अब सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला निर्णायक
हैदराबाद में मिली इस हार के बाद अब पांच मैचों की यह टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर खड़ी हो गई है। दोनों ही टीमों के पास सीरीज अपने नाम करने का सुनहरा मौका है। वेस्टइंडीज की टीम इस जीत से बेहद उत्साहित है और उनका मनोबल सातवें आसमान पर है। वहीं भारतीय टीम के ऊपर अब आखिरी मैच जीतने का भारी दबाव रहेगा।
ग्राउंड पर मौजूद दर्शकों और टीवी के सामने बैठे करोड़ों फैंस की निगाहें अब सीरीज के आखिरी मैच पर टिकी हैं। कोच और कप्तान को प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। गेंदबाजी आक्रमण को धार देने के लिए नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। देखना यह होगा कि टीम इंडिया इस दबाव से कैसे उबरती है और सीरीज का ताज किसके सिर सजता है।




