रोम/खेल ब्यूरो — यूरोपीय फुटबॉल जगत में इन दिनों जुवेंटस का नाम सबसे ऊपर गूंज रहा है। टीम ने हाल ही में खेल के मैदान पर ऐसा करिश्मा दिखाया है जिससे पूरी अंक तालिका का समीकरण ही बदल गया है। आखिरी मिनटों में किए गए गोल और संघर्षपूर्ण मुकाबलों के दम पर जुवेंटस ने इंटर मिलान को पछाड़कर नंबर एक का ताज अपने नाम कर लिया है। मैदान पर खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और रणनीति का असर अब साफ दिखने लगा है। खेल प्रेमियों के बीच इस उलटफेर की चर्चा जोरों पर है और हर कोई जुवेंटस के इस नए सफर को बेहद बारीकी से देख रहा है।
ताजा मुकाबलों की बात करें तो जुवेंटस और कैगलियारी के बीच खेला गया मैच बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला रहा। इस मुकाबले में टीम के नए स्टार खिलाड़ी कोलो मुआनी ने शानदार प्रदर्शन किया। मैच के दौरान जब जुवेंटस की हार का खतरा मंडरा रहा था, तब मुआनी ने लीग का अपना पहला गोल दागकर टीम को हार से बचा लिया। इस एक गोल ने खेल का पूरा पासा पलट दिया और जुवेंटस को बहुमूल्य अंक दिला दिए। खेल विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के करीबी मैचों में अंक बचाना ही अंत में लीग विजेता तय करता है।
मैदान पर खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन और नई रणनीतियां
सर्दियों के इस सीजन में जुवेंटस के कोच और खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति में कई बड़े बदलाव किए हैं। सेल्टा विगो के खिलाफ होने वाले मुकाबलों के लिए भी शुरुआती प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। टीम प्रबंधन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है क्योंकि जरा सी चूक से शीर्ष स्थान हाथ से निकल सकता है। मैदान पर फॉरवर्ड लाइन से लेकर डिफेंस तक हर खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है। यही वजह है कि मुश्किल हालात में भी टीम मैच का पासा अपनी पक्ष में मोड़ने में कामयाब हो रही है।
दूसरी तरफ, इंटर मिलान जैसी मजबूत टीमें भी जुवेंटस की इस बढ़त को तोड़ने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही हैं। अंक तालिका में चल रही यह रस्साकशी आने वाले हफ्तों में और अधिक दिलचस्प होने वाली है। फुटबॉल जानकारों का कहना है कि जुवेंटस को अगर इस सिंहासन पर टिके रहना है तो उसे अपने खेल में निरंतरता बनाए रखनी होगी। चोटिल खिलाड़ियों की फिटनेस और बेंच स्ट्रैंथ की गहराई आने वाले मैचों में बहुत बड़ा रोल निभाएगी।
शीर्ष पर पहुंचने के बाद जुवेंटस के सामने अब क्या हैं चुनौतियां
नंबर एक की कुर्सी हासिल करना जितना कठिन होता है, उससे कहीं ज्यादा कठिन उस पर टिके रहना होता है। जुवेंटस के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने इस विजयी रथ को आगे भी जारी रखने की है। घरेलू लीग के अलावा यूरोपियन टूर्नामेंट्स का दबाव भी खिलाड़ियों पर साफ देखा जा सकता है। ऐसे में रोटेशन पॉलिसी के तहत नए और युवा खिलाड़ियों को मौका देना बेहद जरूरी हो गया है ताकि मुख्य खिलाड़ी थकान का शिकार न हों।
मैदान के बाहर भी क्लब के फैंस में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर स्टेडियम की गैलरी तक हर जगह जुवेंटस की इस छलांग की चर्चा हो रही है। आने वाले संडे को होने वाले मुकाबलों पर पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें टिकी रहेंगी। द फ्रीलान्स की टीम खेल के मैदान से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक लगातार पहुंचाती रहेगी ताकि खेल की दुनिया का कोई भी सच आपसे न छूटे।





