नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय क्रिकेट के सुनहरे इतिहास के पन्नों से निकलकर एक बार फिर अनुशासन और प्रतिभा की बहस तेज हो गई है। टीम इंडिया के पहले विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। कपिल देव का साफ कहना है कि महज़ कच्ची प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक टिके रहना मुमकिन नहीं है। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो कई होनहार खिलाड़ी गुमनामी के अंधेरे में खो जाते हैं।
अपनी बात को पुख्ता करने के लिए कपिल देव ने पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली का हवाला दिया। कांबली ने अपनी शुरुआत के दिनों में असाधारण खेल दिखाया था, लेकिन वे लंबे समय तक अपना जलवा कायम नहीं रख सके। कपिल देव का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में अपार क्षमता है, लेकिन उन्हें अपने खेल के साथ-साथ अपने मानसिक अनुशासन पर भी पूरा ध्यान देना होगा। जरा सी लापरवाही या शोहरत का असर सिर पर चढ़ना किसी भी युवा खिलाड़ी का करियर बर्बाद कर सकता है।
युवा वैभव सूर्यवंशी के लिए सबसे बड़ी परीक्षा
वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में ही घरेलू क्रिकेट और आईपीएल नीलामी में अपनी छाप छोड़ी है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और तकनीक ने देश भर के खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि, खेल जगत के सीनियर खिलाड़ी जानते हैं कि शुरुआती सफलता अक्सर खिलाड़ियों को भटका देती है। कपिल देव का यह बयान किसी बड़े भाई या अभिभावक की सलाह की तरह है, जो वैभव को जमीन पर टिकाए रखने का काम करेगा।
खेल विश्लेषकों का मानना है कि इतनी कम उम्र में अत्यधिक दबाव और मीडिया की सुर्खियां युवा खिलाड़ियों के मानसिक संतुलन को बिगाड़ सकती हैं। कपिल देव ने अपने अनुभव से यह बात समझाई है कि कैसे प्रतिभा को तराशने के लिए कड़ी मेहनत और सही संगति की जरूरत होती है। मैदान पर टिके रहने के लिए केवल चौके-छक्के लगाना काफी नहीं होता, बल्कि मैदान के बाहर का जीवन भी उतना ही अहम होता है।
हार्दिक पंड्या की फिटनेस और भुवनेश्वर की वापसी पर भी रखी राय
इस बीच, कपिल देव ने भारतीय क्रिकेट से जुड़े अन्य अहम मुद्दों पर भी खुलकर अपने विचार रखे हैं। ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की फिटनेस पर बात करते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि कम मैच खेलने से चोट लगने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने समझाया कि लय में बने रहने के लिए नियमित रूप से मैदान पर उतरना जरूरी है। लंबे समय तक आराम करने से शरीर की सक्रियता प्रभावित होती है और खिलाड़ी मैच फिट नहीं रह पाता।
दूसरी ओर, तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी की संभावनाओं पर कपिल देव बेहद गदगद नजर आए। उन्होंने भुवी की तारीफ करते हुए कहा कि राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद भुवनेश्वर ने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट में पसीना बहाकर अपनी काबिलियत साबित की। कपिल के मुताबिक, भुवी की यह वापसी उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है जो मुश्किल वक्त में आसानी से हार मान लेते हैं।
द फ्रीलान्स की अंतिम ग्राउंड पड़ताल
हमारी फील्ड पड़ताल बताती है कि भारतीय क्रिकेट में इन दिनों युवा प्रतिभाओं की भरमार है, लेकिन उन्हें सही दिशा देना सबसे बड़ी चुनौती है। कपिल देव जैसी महान हस्तियों की नसीहतें इन उभरते सितारों के लिए किसी रोशनी की मीनार से कम नहीं हैं। वैभव सूर्यवंशी के लिए आने वाला समय बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कपिल देव की इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अपने खेल को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं।





