रोमा क्लब के स्टार खिलाड़ी मनु कोने के लिए यह हफ्ता उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। रियल मैड्रिड के खिलाफ हुए एक कड़े मुकाबले में उन्हें शुरुआती सत्र में ही मैदान छोड़ना पड़ा। मैच के दौरान मैदान पर ही फ्रांस के उनके साथी खिलाड़ियों ने उनके पास पहुंचकर हौसला बढ़ाया। मैदान से बाहर जाना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता है। लेकिन कोने ने इस मुश्किल वक्त में भी अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया है।
इस सीजन की शुरुआत से पहले ट्रांसफर मार्केट में उनके नाम को लेकर बहुत चर्चाएं चल रही थीं। गर्मियों के इस दौर में कई तरह की खबरें सामने आईं और उनका भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा था। इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कोने ने साफ किया कि मैदान पर उतरते ही उनका ध्यान सिर्फ और सिर्फ टीम के लिए होता है। उन्होंने कहा कि रोमा क्लब के लिए वह अपना सौ प्रतिशत योगदान देंगे।
मैदान पर वापसी और टीम का भरोसा
कोने की वापसी को लेकर रोमा के खेमे में काफी सकारात्मक माहौल बना हुआ है। टीम के कोच और साथी खिलाड़ी उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा जताते हैं। पिछले कुछ मैचों में उनके दो शानदार गोल इस बात की गवाही देते हैं कि वह कितने बड़े मैच विनर हैं। रोमा के मिडफील्ड को मजबूती देने की जिम्मेदारी अब काफी हद तक उनके कंधों पर आ गई है। फैंस को भी उनसे बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं।
मैदान के अंदर उनकी ऊर्जा और खेल की समझ विरोधी टीमों के लिए हमेशा सिरदर्द साबित होती है। चोट के बाद उनका बाहर जाना रोमा के लिए एक झटका जरूर था। लेकिन मेडिकल टीम उनकी सेहत पर लगातार कड़ी नजर रख रही है। जल्द ही उनके पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। क्लब प्रबंधन उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई भी जल्दबाजी नहीं करना चाहता है।
नए कोच जिनेदिन जिदान के साथ ट्रेनिंग का अनुभव
फ्रांस के नए कोच जिनेदिन जिदान के अंडर ट्रेनिंग करने को लेकर कोने ने अपने अनुभव साझा किए हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि जिदान की ट्रेनिंग शैली बेहद अनोखी और उच्च स्तर की है। अभ्यास सत्र के दौरान जिदान के कौशल को देखकर वह पूरी तरह हैरान रह गए थे। एक महान खिलाड़ी को कोच के रूप में पाना किसी भी युवा फुटबॉलर के लिए सपने जैसा होता है।
कोने का मानना है कि इस अनुभव से उनके खेल में और अधिक निखार आएगा। जिदान का मार्गदर्शन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद करेगा। फ्रांस की राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ना और वहां के दिग्गजों से सीखना उनके करियर का अहम मोड़ है। आने वाले टूर्नामेंट्स में वह इस सीख का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं ताकि देश और क्लब दोनों का नाम रोशन हो सके।
रोमा के मिडफील्ड की नई धुरी
इटली के प्रतिष्ठित क्लब रोमा में आने के बाद से ही कोने ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। टीम की रणनीति में वह केंद्र की भूमिका निभाते हैं और खेल की गति को नियंत्रित करते हैं। गेंद को अपने कब्जे में रखना और सही समय पर पास देना उनकी खूबी है। ट्रांसफर बाजार की तमाम अफवाहों को पीछे छोड़कर उन्होंने अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, कोने का यह सफर आने वाले दिनों में युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी मिसाल बनेगा। मैदान पर उनका संघर्ष और अनुशासन यह साबित करता है कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं। रोमा के समर्थक भी उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं और टीम को उनसे ऐतिहासिक जीत की उम्मीद है। चोट से उबरने के बाद उनका अगला मुकाबला देखने लायक होगा।






