कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में रविवार को खेले गए महामुकाबले में मोहन बागान ने एक बार फिर अपना पुराना परचम लहरा दिया है। टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी ईस्ट बंगाल को 1-0 के करीबी अंतर से मात देकर 22वीं बार प्रतिष्ठित आईएफए शील्ड का खिताब जीत लिया है। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली और मैदान पर दर्शकों का भारी उत्साह नजर आया।
इस खिताबी मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल जेल्जकोविच ने दागा। खेल के अहम मोड़ पर किए गए इस शानदार गोल ने मोहन बागान की जीत की इबारत लिख दी। ईस्ट बंगाल की टीम ने बराबरी करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और कई हमले किए, लेकिन मोहन बागान के मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने उनकी हर कोशिश को नाकाम कर दिया।
साल्टलेक स्टेडियम में फैंस का जोरदार जश्न
मैच खत्म होने के बाद साल्टलेक स्टेडियम का नजारा देखने लायक था और मोहन बागान के समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। इस जीत के साथ क्लब के नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। पचास साल बाद ऐसा मौका आया है जब टीम ने कलकत्ता फुटबॉल लीग यानी सीएफएल जीतने के तुरंत बाद आईएफए शील्ड पर भी कब्जा जमाया है। क्लब के खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए यह साल बेहद खास और ऐतिहासिक बन गया है।
फाइनल तक के सफर की बात करें तो मोहन बागान को यहाँ तक पहुँचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। सेमीफाइनल मुकाबले में टीम का सामना पंजाब एफसी से हुआ था, जो बेहद रोमांचक रहा था। उस कड़े मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट का सहारा लेना पड़ा था जहाँ मोहन बागान ने धैर्य दिखाते हुए जीत हासिल की और फाइनल का टिकट पक्का किया था।
मैदान पर खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन
पूरे टूर्नामेंट के दौरान मोहन बागान के खिलाड़ियों ने शानदार टीम गेम दिखाया और कोच की रणनीति पर पूरी तरह अमल किया। ईस्ट बंगाल के खिलाफ फाइनल मैच में भी खिलाड़ियों का दबाव झेलने का हुनर साफ तौर पर दिखाई दिया। मैच के दौरान दोनों तरफ से तेज खेल देखने को मिला, लेकिन निर्णायक मौकों पर मोहन बागान के खिलाड़ियों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन किया।
स्थानीय खेल प्रेमियों और जानकारों का मानना है कि इस जीत से बंगाल के फुटबॉल में एक बार फिर नया जोश भर गया है। मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच का मुकाबला हमेशा से ही भारतीय फुटबॉल का सबसे बड़ा आकर्षण रहा है। इस बार आईएफए शील्ड के फाइनल में मिली इस ऐतिहासिक जीत ने मोहन बागान के प्रशंसकों को जश्न मनाने का बड़ा मौका दे दिया है।
भविष्य के मुकाबलों के लिए बड़ी प्रेरणा
आईएफए शील्ड की यह जीत मोहन बागान के खिलाड़ियों का हौसला आने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों के लिए और ज्यादा बढ़ाएगी। क्लब प्रबंधन ने भी टीम के इस प्रदर्शन पर खुशी जताई है और खिलाड़ियों को बधाई दी है। सीएफएल और आईएफए शील्ड का यह दोहरा खिताब क्लब के सुनहरे इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।








