द फ्रीलान्स (नई दिल्ली/लिस्बन): यूरोपीय फुटबॉल के गलियारों में इस समय हलचल मची हुई है। नेशंस लीग में हाल ही में संपन्न हुए पुर्तगाल और नॉर्वे के मुकाबले के बाद मैदान पर जितनी चर्चा खेल की हुई, उससे कहीं अधिक चर्चा मैदान के बाहर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के भविष्य को लेकर हो रही है। पुर्तगाल ने नॉर्वे को शिकस्त देकर शान से क्वार्टर फाइनल में प्रवेश तो कर लिया है, लेकिन इस जीत की चमक के पीछे रोनाल्डो का विवाद और प्रशंसकों का गुस्सा साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।
मैदान पर जीत, पर बाहर कड़वाहट
पुर्तगाल की टीम ने नॉर्वे के खिलाफ एक कड़े मुकाबले में रणनीतिक श्रेष्ठता दिखाते हुए जीत हासिल की और टूर्नामेंट के अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। हालांकि, इस मैच से पहले एर्लिंग हालैंड की अगुवाई वाली नॉर्वे की टीम के खिलाफ रणनीतिक समीकरणों पर चर्चा हो रही थी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या रोनाल्डो के बिना पुर्तगाली आक्रमण उतना ही धारदार रह पाएगा? टीम ने जीत दर्ज करके आलोचकों को जवाब दिया, लेकिन पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ के भीतर और बाहर जो तूफान उठ रहा है, उसने जीत के जश्न फीके कर दिए हैं।
संबंधित खबरें
जीसस का बड़ा खुलासा: जल्द सामने आएगी सच्चाई
खेल जगत की निगाहें अब उस बहुप्रतीक्षित खुलासे पर टिकी हैं जो अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के तुरंत बाद होने वाला है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पुर्तगाली खेमे से जुड़े प्रमुख व्यक्ति जीसस ने यह संकेत दिए हैं कि वे जल्द ही उस असली वजह का खुलासा करेंगे जिसके कारण क्रिस्टियानो रोनाल्डो का पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब रोनाल्डो के समर्थकों और प्रबंधन के बीच दूरियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
प्रशंसकों का बगावती तेवर और 3 लाख का आंकड़ा
विवाद की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रोनाल्डो से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बाद करीब 3 लाख फुटबॉल प्रशंसकों ने पुर्तगाली राष्ट्रीय टीम से आधिकारिक तौर पर अपना मुंह मोड़ लिया है। सोशल मीडिया और स्टेडियमों में दिख रही यह नाराजगी इस बात का प्रमाण है कि पुर्तगाली फुटबॉल फैंस के लिए टीम का मतलब सिर्फ एक जर्सी नहीं, बल्कि रोनाल्डो का पर्याय है। इस बड़े पैमाने पर प्रशंसकों के अलगाव ने संघ की नींद उड़ा दी है।
'रोनाल्डो के महत्व को कम नहीं आंकना चाहिए'
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कोच रीमर (Riemer) का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि पुर्तगाल के लिए रोनाल्डो के महत्व को किसी भी कीमत पर कम नहीं आंका जाना चाहिए। रीमर का मानना है कि मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में रोनाल्डो का अनुभव जिस स्तर का है, उसकी भरपाई रातों-रात नहीं की जा सकती। नॉर्वे के खिलाफ मैच से पहले और बाद में इस बात पर लंबी बहस छिड़ी रही कि आधुनिक फुटबॉल में भी एक अनुभवी आइकन की भूमिका कितनी अहम होती है।
भविष्य का असर और निष्कर्ष
जैसे-जैसे नेशंस लीग का कारवां आगे बढ़ेगा, पुर्तगाल के लिए यह साबित करना और भी चुनौतीपूर्ण होगा कि वे रोनाल्डो के बिना भी यूरोपीय फुटबॉल में अपना दबदबा बनाए रख सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद आने वाले खुलासे तय करेंगे कि पुर्तगाली फुटबॉल का भविष्य किस करवट बैठेगा। 'द फ्रीलान्स' इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।








