सोने और चांदी के बाजार में लगातार हो रहे हैं बड़े बदलाव
भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इन दिनों सोने और चांदी की कीमतों में भारी उठापटक देखने को मिल रही है। कभी कीमतों में जबरदस्त तेजी आती है, तो कभी अचानक गिरावट दर्ज की जाती है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों की बात करें तो कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर से नीचे आए हैं, जिससे ग्राहकों और निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी डॉलर के इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार यानी कॉमेक्स (Comex) के उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ रहा है। ऐसे में आम आदमी और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए हर दिन के भाव पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
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एमसीएक्स पर सोने और चांदी के लेटेस्ट कारोबार का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिनों में सोने और चांदी के वायदा भाव में दबाव देखा गया। जानकारों के अनुसार, वायदा बाजार में अक्टूबर और दिसंबर एक्सपायरी वाले अनुबंधों में लगातारि बिकवाली या खरीदारी का दौर चल रहा है। निवेशकों द्वारा अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने के कारण भी कीमतों में यह колебаन (उतार-चढ़ाव) सामने आ रहा है।
एमसीएक्स पर जहां एक तरफ सोने की कीमतों में कुछ हजार रुपयों की सुस्ती आई है, वहीं दूसरी तरफ चांदी के अनुबंधों में भी बीच-बीच में तेजी और मंदी के दौर देखे गए हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक घरेलू वायदा बाजार में भी इसी तरह का मिलाजुला कारोबार जारी रहने की पूरी संभावना है।
घरेलू सर्राफा बाजार में सोने का मौजूदा भाव और गिरावट के मायने
घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में लगभग 3,900 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह के शुरुआती स्तरों से तुलना करें तो सोने के दाम फिसलकर नीचे आए हैं। हालांकि, स्थानीय सर्राफा दुकानों पर खरीदारी करते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि अंतिम बिल में 3 प्रतिशत जीएसटी (GST) और ज्वैलरी पर लगने वाला मेकिंग चार्ज भी जुड़ता है, जिससे ग्राहकों को थोड़ा अधिक भुगतान करना पड़ सकता है.
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि शादियों के सीजन या त्योहारी मांग से पहले सोने की कीमतों में आई यह नरमी आम जनता के लिए राहतभरी खबर साबित हो सकती है। लोग लंबे समय से कीमतों में संशोधन का इंतजार कर रहे थे ताकि वे अपने निवेश या परिवार के लिए खरीदारी की योजना को आगे बढ़ा सकें।
चांदी में आई बड़ी गिरावट और रिकॉर्ड स्तर से दूरी
चांदी की कीमतों में पिछले कुछ हफ्तों में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इस साल की शुरुआत में चांदी ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारी ऊंचाई को छुआ था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में आई लगातार बिकवाली के बाद इसके दाम अपने लाइफ-टाइम हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। वायदा और हाजिर बाजार दोनों में ही चांदी ने निवेशकों को चौंकाया है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि औद्योगिक मांग में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट के दबाव के चलते चांदी की चमक में कुछ फीकापन आया है। हालांकि, स्थानीय बाजारों में कभी-कभी मामूली सुधार भी देखने को मिलता है, लेकिन कुल मिलाकर साप्ताहिक स्तर पर चांदी अपने ऊंचे स्तरों से खासी नीचे ट्रेड कर रही है।
"कीमती धातुओं के बाजार में इस समय भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति के आंकड़े और केंद्रीय बैंकों की नीतियों का मिलाजुला प्रभाव देखने को मिल रहा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह का बड़ा निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों की राय जरूर लें और शॉर्ट-ट्रेंड के बजाय लॉन्ग-टर्म विजन के साथ आगे बढ़ें।" — वरिष्ठ कमोडिटी विशेषज्ञ, द फ्रीलांस मार्केट डेस्क
खरीदारों और निवेशकों के लिए आगे की क्या है रणनीति?
यदि आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो केवल एक दिन की तेजी या मंदी को देखकर कोई अंतिम फैसला न लें। बाजार के जानकारों का सुझाव है कि टुकड़ों में निवेश करना (SIP फॉर्मेट में गोल्ड या सिल्वर ईटीएफ खरीदना) हमेशा एक बेहतर विकल्प होता है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हो जाता है।
इसके अलावा, इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक दरों पर भी नजर बनाए रखें, क्योंकि ये दरें पूरे देश में बेंचमार्क का काम करती हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों के आधार पर सोने और चांदी की दिशा तय होगी, जिस पर हर निवेशक की पैनी नजर बनी हुई है।




