भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर एक बार फिर से सुर्खियों में छाए हुए हैं। हाल ही में हुए मैचों के दौरान उनके हाथ में चोट लगने की खबर सामने आई थी। इस चोट के बाद से ही उनके अगले मैच में खेलने को लेकर संशय बना हुआ था। खेल प्रेमियों के बीच यह सवाल लगातार तैर रहा है कि क्या वह मैदान पर जल्द वापसी कर पाएंगे। मेडिकल टीम उनकी इस चोट पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर संभव सावधानी बरत रही है।
इसी बीच श्रेयस अय्यर ने घरेलू क्रिकेट और युवा प्रतिभाओं को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उभरते हुए युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के खेल की खुलकर तारीफ की है। अय्यर ने माना है कि कम उम्र में वैभव का खेल कौशल और दबाव को झेलने की क्षमता वाकई कमाल की है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि एक सीनियर खिलाड़ी द्वारा ऐसी सराहना मिलने से युवा खिलाड़ियों का हौसला काफी बढ़ जाता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय क्रिकेट में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
मैदान पर चोट का साया और वापसी की उम्मीदें
आईपीएल और अन्य घरेलू मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रही है। पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच हुए कड़े मुकाबले के बाद श्रेयस अय्यर की चोट को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, टीम प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उनकी चोट बहुत ज्यादा गंभीर नहीं है। लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर उन्हें पूरा आराम दिया जा सकता है ताकि किसी भी तरह का जोखिम न उठाया जाए।
फैंस और खेल प्रेमी सोशल मीडिया पर लगातार उनके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर का मध्य क्रम में होना टीम के लिए कितना जरूरी है, यह किसी से छिपा नहीं है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और स्पिन गेंदबाजों को खेलने की कला टीम की बड़ी ताकत रही है। ऐसे में उनका बाहर बैठना टीम की रणनीति को थोड़ा प्रभावित कर सकता है। लेकिन चयनकर्ता और कोच इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि वह जल्द ही पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटेंगे।
युवा वैभव सूर्यवंशी की चमक और भविष्य की संभावनाएं
श्रेयस अय्यर द्वारा वैभव सूर्यवंशी की तारीफ किए जाने के बाद से यह युवा खिलाड़ी चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है। वैभव ने अपने खेल से घरेलू सर्किट में काफी प्रभावित किया है। उनकी तकनीक और शॉट चयन को देखकर बड़े-बड़े दिग्गज भी हैरान हैं। सीनियर खिलाड़ियों से मिलना और उनकी सलाह लेना किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर के शुरुआती दौर में बेहद महत्वपूर्ण होता है। अय्यर का यह बड़प्पन युवा प्रतिभाओं को सही दिशा दिखाने का काम कर रहा है।
क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों अन्य बड़े बदलावों की सुगबुगाहट भी तेज है। सौरव गांगुली के अगले बीसीसीआई अध्यक्ष बनने की संभावनाओं और महेंद्र सिंह धोनी के अगले कदमों को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। साथ ही टेनिस कोर्ट से लेकर अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर भी कई बड़े मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच श्रेयस अय्यर की फिटनेस और उनका यह नया रूप खेल प्रेमियों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है।
आगामी दौर और चयनकर्ताओं की रणनीति
आने वाले महीनों में भारतीय टीम को कई अहम दौरे और सीरीज खेलनी हैं। ऐसे में प्रत्येक फिट खिलाड़ी का चयन टीम के लिए प्राथमिकता रहेगा। चयनकर्ता किसी भी खिलाड़ी की फिटनेस से समझौता करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। श्रेयस अय्यर को लेकर भी यही नीति अपनाई जा रही है कि जब तक वह सौ फीसदी फिट नहीं होते, उन्हें मैदान में नहीं उतारा जाएगा।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल बताती है कि खिलाड़ी खुद भी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। जिम सेशन और नेट प्रैक्टिस पर लौटने से पहले उनका मेडिकल टेस्ट होना तय है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि वह बहुत जल्द अपने पुराने अंदाज में चौके-छक्के लगाते हुए नजर आएंगे। तब तक टीम के बाकी खिलाड़ी उनकी कमी को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।




