पश्चिम बंगाल की तीस्ता नदी में अचानक एक नवजात हाथी का बच्चा तेज बहाव की चपेट में आ गया। पानी का तेज बहाव उसे अपने साथ बहाकर ले जा रहा था, जिससे उसकी जान पर बड़ा खतरा मंडराने लगा था। गनीमत यह रही कि समय रहते स्थानीय मछुआरों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने बिना एक पल गंवाए न केवल खुद मदद की बल्कि तुरंत वन विभाग को भी इस घटना की जानकारी दी।
मौके पर पहुंची बैकुंठपुर वन प्रभाग की टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर हाथी के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक साझा अभियान शुरू किया। नदी के उफान और तेज बहाव के बीच बच्चे को बचाना बेहद जोखिम भरा था, लेकिन सभी की सामूहिक कोशिशों के कारण उसे आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मां से बिछड़े नन्हे हाथी की तलाश और सफल मिलन
नदी से सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती नन्हे हाथी को उसकी मां से मिलाने की थी। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में बच्चे अपनी मां के बिना ज्यादा देर तक सुरक्षित नहीं रह पाते हैं। वन अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर आसपास के जंगलों में उसकी मां की तलाश शुरू की और आखिरकार दोनों को सफलतापूर्वक आपस में मिला दिया गया। मां और बच्चे के इस भावुक मिलन को देखकर वहां मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली।
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आईएएस अधिकारी ने की रेस्क्यू टीम की सराहना
इस शानदार रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए की। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय मछुआरों की त्वरित सोच, साहस और संवेदनशीलता की तारीफ की, जिनकी बदौलत समय रहते हाथी के बच्चे की जान बचाई जा सकी। इसके साथ ही उन्होंने बैकुंठपुर वन प्रभाग के अधिकारियों की मुस्तैदी को भी सराहा। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद नेटिज़न्स भी वन्यजीव प्रेमियों और बचाव दल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।




