'द फ्रीलान्स' की विशेष रिपोर्ट। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर इन दिनों एक वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसमें वन्यजीव संरक्षण कानूनों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में वन विभाग और वन्यजीव अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जिप्सी चालक को गिरफ्तार कर लिया है। यह वीडियो भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी सुशांत नंदा द्वारा अपने आधिकारिक हैंडल से साझा किया गया था, जिसके बाद यह प्रशासनिक हलकों और इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया।
वायरल हो रहे इस वीडियो में कथित तौर पर एक पर्यटक वाहन (जिप्सी) को वन्यजीव क्षेत्र या संवेदनशील जोन में नियमों को ताक पर रखकर चलाते हुए देखा जा सकता है। इस तरह की हरकतें न केवल शांत वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में खलल डालती हैं, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने वीडियो का संज्ञान लिया और वाहन की पहचान कर चालक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के सुसंगत प्रावधानों के तहत कानूनी शिकंजा कसा।
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घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कई पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षकों ने जिप्सी चालक की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत की कड़ी निंदा की है और पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा तथा निगरानी और अधिक सख्त करने की मांग की है। यूजर्स का कहना है कि जंगलों की सैर के दौरान पर्यटकों और वाहन चालकों को नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए ताकि बेजुबान जानवरों को कोई परेशानी न हो।
इस बीच, वन विभाग के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अभ्यारण्यों या संरक्षित क्षेत्रों में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग ने पर्यटकों और सफारी संचालकों को चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।




