इस विषय पर प्रकाशित सभी महत्वपूर्ण खबरें और विश्लेषण
पितृपक्ष के दौरान 30 सितंबर का दिन बेहद खास रहने वाला है। इस दिन तिथियों के विशेष फेरबदल के चलते चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन किया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, अपराह्न काल की प्रधानता के कारण यह स्थिति बन रही है।