भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की आंधी, बिक्री ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड
देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच आम आदमी अब अपने रोजाना के सफर के लिए पर्यावरण के अनुकूल और किफायती विकल्पों की तलाश कर रहा है। यही वजह है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की डिमांड में अभूतपूर्व उछाल आया है। अगस्त महीने के ताजा आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि देश के कोने-कोने में ईवी कल्चर तेजी से अपनी जड़ें जमा रहा है। वाहन चालकों का झुकाव अब पारंपरिक पेट्रोल गाड़ियों से हटकर बैटरी से चलने वाले स्कूटरों की तरफ हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर बैटरी तकनीक, सरकारी सब्सिडी और कम रखरखाव खर्च (मेंटेनेंस कॉस्ट) ने इलेक्ट्रिक स्कूटरों को मध्यम वर्ग के लिए सबसे मुफीद बना दिया है। यही कारण है कि देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों से लेकर नई कंपनियों तक के शोरूम में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। अगस्त 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि दोपहिया ईवी सेगमेंट में किस कदर बूम आया है।
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अगस्त 2026 में ईवी सेल्स में 146 प्रतिशत की ऐतिहासिक ग्रोथ
समीक्षाधीन अवधि यानी अगस्त 2026 में भारतीय बाजार में कुल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री बढ़कर 1,87,214 यूनिट्स के आंकड़े को पार कर गई। अगर इसकी तुलना पिछले साल यानी अगस्त 2025 से करें, जब यह आंकड़ा महज 76,118 यूनिट्स पर सिमटा हुआ था, तो यह साफ हो जाता है कि इस सेगमेंट में सालाना आधार पर 146 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है। यह आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि भारतीय उपभोक्ता अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को पूरी तरह से अपनाने के लिए तैयार हैं।
बाजार के जानकारों का कहना है कि त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले आई यह तेजी ऑटो सेक्टर के लिए बहुत बड़ा बूस्टर डोज साबित हो रही है। मेट्रो शहरों से लेकर टायर-2 और टायर-3 शहरों तक में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और फास्ट चार्जिंग विकल्पों के उपलब्ध होने से लोगों का रेंज एन्जाइटी (बैटरी खत्म होने का डर) भी काफी हद तक कम हुआ है।
हीरो विडा और एथर एनर्जी का शानदार प्रदर्शन
देश के जाने-माने ब्रांड हीरो मोटोकॉर्प का इलेक्ट्रिक ब्रांड 'विडा' इस बाजार में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। पिछले महीने विडा ने कुल 25,558 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बिक्री की। यदि पिछले साल के इसी महीने के आंकड़ों से तुलना करें, जब कंपनी ने 12,273 यूनिट्स बेची थीं, तो यह साफ होता है कि विडा की सेल्स में साल-दर-साल 108 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कंपनी अपने वीएक्स2 और वी2 सीरीज के तहत बेहतरीन स्कूटर्स बाजार में उतार रही है।
इसके साथ ही, एथर एनर्जी ने भी एक नया मील का पत्थर छू लिया है। एथर ने अपने कुल सफर में 8,00,000 यूनिट्स की रिटेल बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है और यह मुकाम हासिल करने वाली देश की चौथी ईवी मैन्युफैक्चरर बन गई है। कंपनी का नया मॉडल 'कोनार्क' भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है और इसकी डिलीवरी शुरू होने के साथ ही सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक इसकी चर्चा है।
महज 1 रुपये में तय होगा 4 किलोमीटर का सफर
आम आदमी की जेब पर सबसे बड़ा असर डालने वाली बात इन स्कूटरों की रनिंग कॉस्ट है। उदाहरण के लिए, हीरो विडा के नवीनतम पोर्टफोलियो में शामिल वीएक्स 2 गो जैसे स्कूटर्स बेहद किफायती साबित हो रहे हैं। यह स्कूटर विभिन्न बैटरी विकल्पों के साथ आता है और इसकी शुरुआती कीमत भी मध्यम वर्ग के बजट में फिट बैठती है। यदि घरेलू बिजली दर (लगभग 8 रुपये प्रति यूनिट) के हिसाब से इसकी बैटरी को फुल चार्ज किया जाए, तो पूरा खर्च महज 20 रुपये के आसपास आता है।
कंपनी के दावों और वास्तविक इस्तेमाल के हिसाब से यह स्कूटर एक बार चार्ज होने पर लंबी दूरी तय करता है। इस हिसाब से इसकी एवरेज रनिंग कॉस्ट मात्र 25 पैसे प्रति किलोमीटर बैठती है, जिसका सीधा मतलब है कि आप महज 1 रुपये खर्च करके करीब 4 किलोमीटर का सफर तय कर सकते हैं। पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में यह बचत किसी बड़े वरदान से कम नहीं है।
"पेट्रोल के बढ़ते दामों से त्रस्त आम नागरिक अब मोबिलिटी के लिए पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों पर भरोसा जता रहा है। आधुनिक बैटरी तकनीक और कम रनिंग कॉस्ट ने शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में ईवी की मांग को आसमान पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में यह सेगमेंट और अधिक रफ्तार पकड़ेगा।" — ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट और मार्केट एनालिस्ट
बाजार में बजाज चेतक और टीवीएस आईक्यूब का दबदबा
देश के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी हो चुकी है। अगस्त महीने की बिक्री के आंकड़ों में बजाज चेतक ने सबको पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है, जिसकी 52,248 यूनिट्स बिकी हैं। वहीं, दूसरे पायदान पर टीवीएस आईक्यूब रहा, जिसके 42,882 खरीदार सामने आए। टीवीएस का हाई-एंड मॉडल जैसे आईक्यूब एसटी अपनी 212 किलोमीटर की लंबी आईडीसी रेंज और 32 लीटर के बड़े अंडर-सीट स्टोरेज के कारण रोजाना सफर करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है।
तीसरे और चौथे पायदान पर अन्य पॉपुलर ब्रांड्स ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। कुल मिलाकर, ग्राहकों के पास अब फीचर्स, रेंज, कीमत और डिजाइन के मामले में ढेरों विकल्प उपलब्ध हैं, जो भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को एक नई दिशा दे रहे हैं।






